Sitapur : वीरता के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शौर्य को किया याद

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे स्वाभिमान और आजादी के सबसे बड़े प्रतीक थे। उन्होंने कठिन समय में भी अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए घास की रोटी खाना स्वी

May 10, 2026 - 11:16
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Sitapur : वीरता के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शौर्य को किया याद
Sitapur : वीरता के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई, प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शौर्य को किया याद

सीतापुर में महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर क्षत्रिय समाज और स्थानीय लोगों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। इस दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर के पास नेशनल हाईवे-30 पर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर फूलों की माला चढ़ाकर उनके अदम्य साहस और देशभक्ति को नमन किया गया। जयघोष के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे स्वाभिमान और आजादी के सबसे बड़े प्रतीक थे। उन्होंने कठिन समय में भी अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए घास की रोटी खाना स्वीकार किया, लेकिन मुगल शासकों की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की। वक्ताओं ने उनके जीवन को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया और कहा कि आत्मसम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने जो रास्ता दिखाया, वह आज भी प्रासंगिक है।

क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों ने हल्दीघाटी के युद्ध और उनके पराक्रम की गाथाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि देश की आन-बान और शान के लिए महाराणा प्रताप का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। इस आयोजन में अवनेन्द्र विक्रम सिंह, देवेन्द्र भदौरिया, अनूप गुप्ता, मनोज सिंह, रिपुदमन सिंह, पूरन सिंह और संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग और युवा उपस्थित रहे। सभी ने वीर योद्धा के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

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