Sambhal : बस में अब सफर होगा और सुरक्षित - यात्रियों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य करने के फैसले का चालक और परिचालक ने किया स्वागत
बस चालक मौहम्मद ज़ैदी ने कहा कि अभी तक केवल चालक के लिए सीट बेल्ट होती है, लेकिन अचानक ब्रेक लगने या दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों का सिर सीटों से टकरा जाता है, जिससे गंभीर चोट लगने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि यात्रियों और परि
Report : उवैस दानिश, सम्भल
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari द्वारा बसों में यात्रियों के लिए भी सीट बेल्ट अनिवार्य करने के फैसले का चालक और परिचालकों ने जोरदार स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यह फैसला सड़क हादसों में होने वाली चोटों और जानमाल के नुकसान को कम करने में बेहद कारगर साबित होगा।
बस चालक मौहम्मद ज़ैदी ने कहा कि अभी तक केवल चालक के लिए सीट बेल्ट होती है, लेकिन अचानक ब्रेक लगने या दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों का सिर सीटों से टकरा जाता है, जिससे गंभीर चोट लगने का खतरा बना रहता है।
उन्होंने कहा कि यात्रियों और परिचालकों के लिए भी सीट बेल्ट होना बेहद जरूरी है और चालक-कंडक्टर मिलकर लोगों को सीट बेल्ट लगाने के लिए जागरूक करेंगे।
परिचालक आलोक कुमार ने सरकार के इस फैसले को “बहुत अच्छा कदम” बताते हुए कहा कि इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी।
हालांकि शुरुआत में कुछ लोग सीट बेल्ट लगाने में लापरवाही कर सकते हैं, लेकिन जागरूकता के जरिए इसे लागू कराया जाएगा। रोडवेज इंचार्ज मौहम्मद असगर ने भी फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि अचानक ब्रेक लगने पर यात्रियों को चोट लगने का खतरा रहता है।
उन्होंने कहा कि अभी बसों में केवल चालक के लिए सीट बेल्ट होती है, लेकिन सरकार का फैसला लागू होने के बाद यात्रियों के लिए भी सीट बेल्ट की व्यवस्था की जाएगी। महिला परिचालक ने भी इस पहल को सुरक्षा के लिहाज से अहम बताया। परिचालक मनीषा कुमारी ने कहा कि सफर के दौरान झटकों और दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा खतरा महिलाओं और बच्चों को होता है।
सीट बेल्ट अनिवार्य होने से यात्रियों का बचाव होगा और दुर्घटनाओं का असर कम होगा। परिचालक रेनू रानी ने कहा कि सीट बेल्ट यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है और सभी लोगों को इसका पालन करना चाहिए। कुल मिलाकर यात्रियों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य करने के फैसले को सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ा और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
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