Lucknow : योगी कैबिनेट ने 20 प्रस्तावों को मंजूरी दी- पेयजल योजनाओं से लाखों को लाभ, उद्योगों को प्रोत्साहन, स्वास्थ्य व खेल क्षेत्र में नई पहल
कानपुर और बरेली में पेयजल योजनाओं को बड़ी मंजूरी मिली। कानपुर नगर निगम के पूर्वी और दक्षिणी सेवा क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार के लिए कुल 316 करोड़ 78 लाख रुपये का खर्च मंजूर हुआ। इसमें कें
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने हाल ही में विभिन्न विकास योजनाओं से जुड़े 20 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगा दी। इनमें शहरी पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने, औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन राशि देने, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, खेल सुविधाओं का आधुनिकीकरण और खिलाड़ियों के लिए ड्यूटी नियमों में सुधार शामिल हैं। ये फैसले राज्य के विकास को नई गति देंगे और लाखों लोगों को लाभ पहुंचाएंगे।
कानपुर और बरेली में पेयजल योजनाओं को बड़ी मंजूरी मिली। कानपुर नगर निगम के पूर्वी और दक्षिणी सेवा क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार के लिए कुल 316 करोड़ 78 लाख रुपये का खर्च मंजूर हुआ। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा 76 करोड़ 10 लाख, राज्य सरकार का 182 करोड़ 64 लाख और नगर निगम का 45 करोड़ 66 लाख रुपये है। 12 करोड़ 37 लाख रुपये का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना से कानपुर के 33 वार्डों में पूरी आबादी को शुद्ध पेयजल मिलेगा, जिससे जल से जुड़े रोगों से मुक्ति मिलेगी।
बरेली नगर निगम में पेयजल पुनर्गठन योजना के पहले चरण के लिए 265 करोड़ 95 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें केंद्र का हिस्सा 85 करोड़ 30 लाख, राज्य का 145 करोड़ 4 लाख और नगर निगम का 25 करोड़ 59 लाख रुपये शामिल हैं। 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय राज्य वहन करेगा। योजना पूरी होने पर बरेली की लगभग 92 प्रतिशत आबादी, यानी करीब नौ लाख लोग, नियमित शुद्ध पेयजल आपूर्ति से जुड़ जाएंगे।
औद्योगिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण फैसले हुए। मेरठ की मेसर्स पसवारा पेपर्स लिमिटेड को अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति 2012 के तहत अप्रैल से जून 2021 की अवधि के लिए संशोधित दावा 65 लाख 67 हजार 235 रुपये की प्रतिपूर्ति मंजूर की गई। पहले 1 करोड़ 50 लाख 15 हजार 711 रुपये का भुगतान हो चुका था। कुल राशि से 1.5 प्रतिशत प्रशासनिक खर्च घटाकर शेष राशि कंपनी को दी जाएगी।
शाहजहांपुर की मेसर्स केएनआर पल्प एंड पेपर्स लिमिटेड को औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 के लिए 56 लाख 39 हजार 785 रुपये की सुविधाएं मंजूर हुईं। मथुरा की मेसर्स बृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को अप्रैल 2023 से सितंबर 2024 तक 17 करोड़ 6 लाख 26 हजार 256 रुपये की राशि दी जाएगी। दोनों मामलों में कुल राशि से 1.5 प्रतिशत प्रशासनिक खर्च काटा जाएगा। ये पहली बार की सुविधाएं हैं, जो रोजगार बढ़ाने में मदद करेंगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कानपुर के सिविल लाइंस में स्थित जार्जिना मैकाबर्ट मेमोरियल हॉस्पिटल की 45 हजार वर्ग मीटर नजूल भूमि को कानपुर विकास प्राधिकरण को मुफ्त हस्तांतरित किया जाएगा। यहां सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर बहु-विशेषता वाला आधुनिक अस्पताल बनेगा। यह हस्तांतरण उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में है और भविष्य में नजीर नहीं बनेगा।
खेल क्षेत्र को दोहरी सौगात मिली। वाराणसी के सिगरा स्थित डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम के संचालन, रखरखाव और राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापना के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण के साथ समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी गई। यहां खेलो इंडिया योजना के तहत बने आधुनिक सुविधाओं का उपयोग होगा। इससे उभरते खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण मिलेगा, विभिन्न आयु वर्गों की प्रतिभा का चयन होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली 2022 में संशोधन किया गया। अब सरकारी नौकरी में भर्ती हुए खिलाड़ियों के राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने की पूरी अवधि, यात्रा के समय सहित ड्यूटी मानी जाएगी। इससे अनुमति लेने में आने वाली परेशानियां दूर होंगी। कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
Also Click : Deoband : तीन शातिर चोर गिरफ्तार, नगर व देहात क्षेत्र में दुकानों को बनाते थे निशाना
What's Your Reaction?











