Maharajganj : भारत-नेपाल सीमा पर साप्ताहिक बाजार बना तस्करी का बड़ा अड्डा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि जहां सोनौली के मुख्य रास्ते पर एसएसबी के जवान पहचान पत्र और सामान की कड़ी जांच के बाद ही आने-जाने देते हैं, वहीं इस बाजार क्षेत्र में सुरक्षा के इंतजाम काफी कमजोर नजर आते हैं। नेपाल की सशस्त्र प्रह
महराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली क्षेत्र के फरेन्दी तिवारी गांव के पास लगने वाला साप्ताहिक बाजार इन दिनों संदिग्ध गतिविधियों का केंद्र बन गया है। नो मेंस लैंड के पिलर संख्या 518 के पास बुधवार और शनिवार को लगने वाले इस बाजार की आड़ में बड़े पैमाने पर सामान सीमा पार भेजा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, हर बाजार के दिन करोड़ों रुपये का माल बिना किसी रोक-टोक के नेपाल पहुंचा दिया जाता है। इस बाजार में दूर-दराज के इलाकों से लोग खरीदारी के बहाने आते हैं और भारी मात्रा में सामान लेकर नेपाल की सीमा में दाखिल हो जाते हैं।
हैरानी की बात यह है कि जहां सोनौली के मुख्य रास्ते पर एसएसबी के जवान पहचान पत्र और सामान की कड़ी जांच के बाद ही आने-जाने देते हैं, वहीं इस बाजार क्षेत्र में सुरक्षा के इंतजाम काफी कमजोर नजर आते हैं। नेपाल की सशस्त्र प्रहरी बल की मौजूदगी के बावजूद यहां से होने वाली बेरोकटोक आवाजाही पर कोई लगाम नहीं लग पा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में आने वाले लोगों की न तो ठीक से पहचान पूछी जाती है और न ही उनके पास मौजूद सामान की तलाशी ली जाती है। इस तरह की ढिलाई से न केवल तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि संदिग्ध लोगों की आवाजाही से देश की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता है। यह पूरा मामला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
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