जालना में 19 साल के भिखारी ने अज्ञात व्यक्ति की हत्या की: अप्राकृतिक यौन कोशिश के बाद ईंट से हमला और गला घोंटने का मामला।
Maharashtra Crime News: महाराष्ट्र के जालना जिले में एक चौंकाने वाली घटना में, 19 साल के एक भिखारी को एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार ....
Maharashtra Crime News: महाराष्ट्र के जालना जिले में एक चौंकाने वाली घटना में, 19 साल के एक भिखारी को एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह घटना 9 जुलाई 2025 को जालना शहर के एक सुनसान इलाके में हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दावा किया कि मृतक ने उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की कोशिश की थी, जिसके बाद गुस्से में उसने पहले ईंट से हमला किया और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जालना पुलिस के अनुसार, यह घटना 9 जुलाई 2025 की रात को शहर के बाहरी इलाके में एक सुनसान जगह पर हुई। 19 साल का आरोपी, जिसका नाम पुलिस ने गोपनीय रखा है, एक भिखारी है और जालना में सड़कों पर भीख मांगकर गुजारा करता था। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, मृतक और आरोपी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतक ने उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की कोशिश की, जिससे वह गुस्सा हो गया। उसने पास पड़ी एक ईंट उठाकर मृतक के सिर पर कई बार वार किया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद, आरोपी ने मृतक का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
मृतक का शव 10 जुलाई 2025 की सुबह स्थानीय लोगों ने देखा और पुलिस को सूचना दी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जालना के सरकारी अस्पताल भेजा गया। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और गला घोंटने से मौत की पुष्टि हुई है। मृतक की उम्र 30-35 साल के बीच बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि मृतक संभवतः कोई बाहरी व्यक्ति था, क्योंकि स्थानीय लोगों ने उसे पहले नहीं देखा था।
जालना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद आरोपी को 10 जुलाई 2025 को हिरासत में लिया। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या), धारा 377 (अप्राकृतिक यौन संबंध), और धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने शुरुआती पूछताछ में अपराध कबूल कर लिया है, लेकिन उसका दावा कि मृतक ने उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की कोशिश की, अभी जांच के दायरे में है।
जालना के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने एक बयान में कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस मृतक की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट्स, स्थानीय रिकॉर्ड, और आसपास के इलाकों में गुमशुदगी की शिकायतों की जांच कर रही है। घटनास्थल से एक ईंट और कुछ अन्य सबूत बरामद किए गए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड पहले से नहीं है, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति और पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है।
यह घटना महाराष्ट्र के जालना जिले में बढ़ती हिंसा और सामाजिक तनाव की ओर ध्यान खींचती है। जालना, जो एक छोटा शहर है, हाल के वर्षों में कई आपराधिक घटनाओं का गवाह बना है। उदाहरण के लिए, मई 2025 में जालना के भोकर्डन तहसील में दो व्यक्तियों ने अपनी 65 साल की दादी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी और उनके गहने चुरा लिए थे। इसी तरह, अक्टूबर 2024 में जालना में एक 9 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया था, जिसमें 19 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। ये घटनाएं सामाजिक और आर्थिक तनावों को उजागर करती हैं, जो हिंसक अपराधों को जन्म दे रही हैं।
X पर इस घटना को लेकर कई पोस्ट्स सामने आए हैं, जिनमें लोग इस हत्या पर हैरानी और गुस्सा जता रहे हैं। कुछ यूजर्स ने इसे गरीबी और सामाजिक उपेक्षा का नतीजा बताया, जबकि अन्य ने पुलिस से मृतक की पहचान जल्दी करने की मांग की। हालांकि, ये पोस्ट्स केवल लोगों की भावनाओं को दर्शाते हैं और तथ्यों की पुष्टि के लिए विश्वसनीय नहीं हैं।
पुलिस के सामने इस मामले में कई चुनौतियां हैं। सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है, क्योंकि उसके पास कोई पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज़ नहीं मिला है। पुलिस ने आसपास के शहरों और गांवों में गुमशुदगी की शिकायतों की जांच शुरू की है और सीसीटीवी फुटेज की भी तलाश कर रही है। इसके अलावा, आरोपी के दावे की सत्यता की जांच भी ज़रूरी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह घटना केवल अप्राकृतिक यौन कोशिश का परिणाम थी, या इसके पीछे कोई अन्य विवाद भी था।
आरोपी की पृष्ठभूमि भी जांच का हिस्सा है। एक भिखारी के रूप में उसका जीवन, आर्थिक तनाव, और मानसिक स्वास्थ्य इस अपराध के पीछे की वजह हो सकते हैं। पुलिस ने स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और गैर-सरकारी संगठनों से भी संपर्क किया है ताकि जालना में बेघर और भिखारियों की स्थिति का आकलन किया जा सके।
यह घटना गरीबी, बेघरपन, और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों को उजागर करती है। जालना जैसे छोटे शहरों में बेघर लोग अक्सर हिंसा और शोषण का शिकार होते हैं। साथ ही, अप्राकृतिक यौन संबंध से जुड़े अपराधों को लेकर समाज में जागरूकता की कमी और कानूनी प्रक्रिया की जटिलता भी इस मामले को और गंभीर बनाती है। भारतीय दंड संहिता की धारा 377, जो अप्राकृतिक यौन अपराधों से संबंधित है, इस मामले में लागू की गई है, लेकिन इस धारा के तहत सजा साबित करना जटिल हो सकता है।
Also Read- कर्नाटक में कर्ज के विवाद में पति ने पत्नी की नाक काटी: पुलिस ने शुरू की जांच, पीड़िता का इलाज जारी।
What's Your Reaction?











