अयोध्या में होम स्टे में प्रेमी जोड़े की रहस्यमयी मौत, प्रेमी ने प्रेमिका को गोली मारकर की आत्महत्या।
Ayodhya Murder-suicide: अयोध्या में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें 25 वर्षीय आयुष कुमार गुप्ता ने अपनी प्रेमिका, अरोमा रावत, की गोली मारकर हत्या कर दी....
अयोध्या में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें 25 वर्षीय आयुष कुमार गुप्ता ने अपनी प्रेमिका, अरोमा रावत, की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह घटना अयोध्या-लखनऊ राजमार्ग पर रानोपाली पुलिस चौकी क्षेत्र में स्थित गौरी शंकर पैलेस होम स्टे के कमरे नंबर 103 में हुई। दोनों के शव कमरे में पाए गए, जहां पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने CCTV फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्य के आधार पर जांच शुरू की है, और प्रारंभिक तौर पर इसे हत्या और आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। इस घटना ने बाराबंकी और देवरिया के स्थानीय समुदायों में शोक और तनाव पैदा कर दिया है।
13 जुलाई 2025, रविवार को सुबह करीब 10:10 बजे, आयुष कुमार गुप्ता, जो देवरिया के रहने वाले थे, ने अरोमा रावत के साथ गौरी शंकर पैलेस होम स्टे में चेक-इन किया। होम स्टे, जो स्थानीय भाजपा मंडल अध्यक्ष हेमंत जायसवाल का बताया जाता है, अयोध्या-लखनऊ राजमार्ग पर स्थित है। दोनों को दूसरी मंजिल पर कमरा नंबर 103 आवंटित किया गया था। स्थानीय लोगों और होम स्टे कर्मचारियों के अनुसार, आयुष को दोपहर 12:30 बजे के आसपास कमरे के बाहर देखा गया था, जिसके बाद कमरे का दरवाजा बंद रहा।
जब देर शाम तक कमरे से कोई हलचल नहीं हुई, तो होम स्टे कर्मचारियों ने चाय के लिए दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद, कर्मचारियों ने पुलिस को सूचित किया। अयोध्या सर्कल ऑफिसर अशुतोष तिवारी के नेतृत्व में पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। आयुष के परिवार से संपर्क करने के बाद, पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में और वीडियो निगरानी के तहत कमरे का दरवाजा ख-पटक तोड़ा। कमरे के अंदर का दृश्य भयावह था: आयुष का शव बिस्तर पर पड़ा था, उनके घुटने के नीचे एक पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस थे, जबकि अरोमा का शव कमरे की पश्चिमी दीवार के पास जमीन पर था। दोनों के माथे पर गोली के निशान थे, जो करीब से मारी गई थीं। बिस्तर और फर्श पर खून के धब्बे थे, जो इस बात का संकेत थे कि यह एक हिंसक घटना थी।
मृतक आयुष कुमार गुप्ता (25 वर्ष) देवरिया के रहने वाले थे और नर्सिंग का कोर्स कर रहे थे। अरोमा रावत बाराबंकी जिले के दरियाबाद की रहने वाली थीं और बाराबंकी के बसपा जिला अध्यक्ष केके रावत की बेटी थीं। दोनों की मुलाकात नर्सिंग कोर्स के दौरान हुई थी, और वे प्रेम संबंध में थे। पुलिस के अनुसार, आयुष और अरोमा के बीच कोई विवाद हुआ होगा, जिसके कारण आयुष ने पहले अरोमा को गोली मारी और फिर खुद को गोली मार ली। हालांकि, सुसाइड नोट न मिलने के कारण इस घटना का सटीक कारण अभी अस्पष्ट है।
पुलिस ने इस मामले को हत्या और आत्महत्या के रूप में दर्ज किया है और भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू की है। अयोध्या के सिटी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने कमरे से साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनमें पिस्तौल, कारतूस, और खून के नमूने शामिल हैं। इनकी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। पुलिस होम स्टे के CCTV फुटेज को भी खंगाल रही है, जिसमें आयुष को दोपहर 12:30 बजे कमरे के बाहर देखा गया था। यह फुटेज इस बात की पुष्टि करता है कि आयुष और अरोमा उस दिन सुबह होम स्टे में एक साथ पहुंचे थे।
पुलिस ने आयुष के परिवार से संपर्क किया, जिन्होंने उनकी पहचान की पुष्टि की। अरोमा के पिता, केके रावत, और परिवार को भी सूचित किया गया। परिवार ने अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन स्थानीय समुदाय में इस घटना ने गहरा शोक और आक्रोश पैदा किया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आयुष के पास पिस्तौल कहां से आई, क्योंकि उसके पास हथियार का लाइसेंस होने की कोई जानकारी नहीं है।
इस घटना ने बाराबंकी और देवरिया में तनाव और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। अरोमा के पिता केके रावत एक प्रमुख बसपा नेता हैं, और उनकी बेटी की मृत्यु ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। कुछ स्थानीय नेताओं ने इस घटना को निजी त्रासदी बताते हुए पुलिस से त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है। सोशल मीडिया पर, खासकर एक्स पर, इस घटना को लेकर कई पोस्ट वायरल हो रही हैं, जिनमें लोग इस हादसे को "दुखद" और "चौंकाने वाला" बता रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे प्रेम संबंधों में बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा है।
इस घटना ने अयोध्या जैसे धार्मिक शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं। अयोध्या, जो राम मंदिर के कारण वैश्विक ध्यान का केंद्र है, में इस तरह की घटनाएं स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने होम स्टे और होटलों में सुरक्षा जांच की कमी पर सवाल उठाए हैं, खासकर यह देखते हुए कि आयुष के पास पिस्तौल थी।
यह घटना प्रेम संबंधों में हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को भी उजागर करती है। आयुष और अरोमा के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है, लेकिन उनके बीच किस तरह का विवाद हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रेम संबंधों में तनाव, सामाजिक दबाव, और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं इस तरह की चरम घटनाओं को जन्म दे सकती हैं। भारत में मानसिक स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त संसाधनों और जागरूकता की कमी एक बड़ी समस्या है, जिसके कारण लोग अक्सर अपनी समस्याओं का समाधान हिंसा या आत्महत्या में ढूंढते हैं।
पुलिस के सामने इस मामले में कई चुनौतियां हैं। पहला, सुसाइड नोट न मिलने के कारण हत्या और आत्महत्या के पीछे का सटीक कारण पता लगाना मुश्किल है। दूसरा, पिस्तौल का स्रोत और उसका अवैध होना एक अलग जांच का विषय है। तीसरा, होम स्टे में सुरक्षा व्यवस्था की कमी ने सवाल उठाए हैं, क्योंकि आयुष बिना किसी जांच के हथियार के साथ कमरे में प्रवेश कर सका। CCTV फुटेज इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रदान कर सकता है, लेकिन पुलिस को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जांच निष्पक्ष हो और सामाजिक तनाव न बढ़े।
अयोध्या में हाल के वर्षों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें हत्या और आत्महत्या शामिल हैं। उदाहरण के लिए, 2021 में पंजाब नेशनल बैंक की एक कर्मचारी, श्रद्धा गुप्ता, की आत्महत्या ने सुर्खियां बटोरी थीं, जिसमें उन्होंने एक सुसाइड नोट में दो पुलिसकर्मियों और एक अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया था। इसी तरह, 2025 में एक दलित महिला की हत्या ने सामाजिक और राजनीतिक तनाव पैदा किया था, जिसके बाद सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इस्तीफे की पेशकश की थी। ये घटनाएं अयोध्या में बढ़ते अपराध और सामाजिक तनाव को दर्शाती हैं।
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