टेस्ला (Tesla) की भारत में शानदार शुरुआत- मुंबई (Mumbai) में पहला शोरूम खुला। 

Tesla Showroom Mumbai: दुनिया की अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला ने 15 जुलाई 2025 को भारत में अपने पहले शोरूम के उद्घाटन के साथ भारतीय बाजार में....

Jul 15, 2025 - 13:42
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टेस्ला (Tesla) की भारत में शानदार शुरुआत- मुंबई (Mumbai) में पहला शोरूम खुला। 
(Pic: Social Media)   टेस्ला की भारत में शानदार शुरुआत- मुंबई में पहला शोरूम खुला। 

Tesla Showroom Mumbai: दुनिया की अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला ने 15 जुलाई 2025 को भारत में अपने पहले शोरूम के उद्घाटन के साथ भारतीय बाजार में आधिकारिक तौर पर कदम रख दिया। यह शोरूम मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में मेकर मैक्सिटी मॉल में स्थित है। इस ऐतिहासिक कदम ने भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार में एक नए युग की शुरुआत की है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के नेतृत्व में कंपनी ने लंबे समय से भारत में प्रवेश की योजना बनाई थी, और अब यह सपना हकीकत में बदल गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस शोरूम का उद्घाटन करते हुए कहा, "यह सिर्फ एक अनुभव केंद्र का उद्घाटन नहीं है, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि टेस्ला भारत में आ चुकी है मुंबई और महाराष्ट्र जैसे सही शहर और सही राज्य में। टेस्ला सिर्फ एक कार कंपनी नहीं है, बल्कि नवाचार और स्थिरता का प्रतीक है।" उनके इस बयान ने टेस्ला की भारत में शुरुआत को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया।

टेस्ला ने इस लॉन्च से पहले अपने भारत-केंद्रित एक्स हैंडल पर एक टीज़र पोस्ट किया था, जिसमें "जल्द ही आ रहा है" लिखा था, साथ ही एक ग्राफिक भी था जो जुलाई 2025 में भारत में इसकी शुरुआत का संकेत देता था। इस पोस्ट ने लोगों में उत्साह जगाया और उद्घाटन समारोह में भारी भीड़ देखने को मिली।

Mumbai Tesla Showroom मुंबई का यह शोरूम लगभग 4000 वर्ग फुट में फैला हुआ है और इसे पांच साल की लीज पर लिया गया है। इसका पहला साल का किराया लगभग 3.88 करोड़ रुपये है, जो हर साल 5% की दर से बढ़ेगा। यह शोरूम एक अनुभव केंद्र (एक्सपीरियंस सेंटर) के रूप में काम करेगा, जहां ग्राहक टेस्ला की कारों को करीब से देख सकते हैं, टेस्ट ड्राइव ले सकते हैं और कंपनी की अत्याधुनिक तकनीक और चार्जिंग सुविधाओं के बारे में जान सकते हैं। शोरूम में टेस्ला का लोगो सफेद दीवारों पर उभरा हुआ नजर आता है, और कांच के पैनल के पीछे मॉडल Y कार प्रदर्शित की गई है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा।

टेस्ला ने भारत में अपनी शुरुआत मॉडल Y एसयूवी के साथ की है, जिसकी कीमत 60 लाख रुपये से शुरू होती है। मॉडल Y के दो वेरिएंट उपलब्ध हैं रियर-व्हील ड्राइव (RWD) की कीमत 60.1 लाख रुपये और लॉन्ग-रेंज वेरिएंट की कीमत 67.8 लाख रुपये है। ये कीमतें अमेरिका (38.6 लाख रुपये), चीन (30.5 लाख रुपये) और जर्मनी (46 लाख रुपये) जैसे बाजारों की तुलना में अधिक हैं, जिसका मुख्य कारण भारत में लगने वाला 70% आयात शुल्क है।

मॉडल Y एक कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर एसयूवी है, जो टेस्ला की सबसे लोकप्रिय कारों में से एक है। इसे चीन के शंघाई प्लांट से आयात किया गया है, जहां दाईं ओर स्टीयरिंग वाली कारें बनती हैं, जो भारतीय बाजार के लिए उपयुक्त हैं। इस कार में उन्नत तकनीक, लंबी बैटरी रेंज और प्रीमियम डिज़ाइन है, जो इसे भारतीय बाजार में एक आकर्षक विकल्प बनाता है। टेस्ला ने इस शोरूम में मॉडल Y की छह इकाइयों को प्रदर्शन और टेस्ट ड्राइव के लिए उपलब्ध कराया है। इसके अलावा, कंपनी ने लगभग 8.5 करोड़ रुपये की लागत से सुपरचार्जर स्टेशन और अन्य सहायक उपकरण भी आयात किए हैं, जिन्हें मुंबई के आसपास स्थापित किया जाएगा।

टेस्ला फिलहाल भारत में पूरी तरह से निर्मित इकाइयों (सीबीयू) के रूप में अपनी कारों का आयात कर रही है। कंपनी ने अभी तक भारत में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने की कोई योजना नहीं बनाई है। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने स्पष्ट किया कि टेस्ला का ध्यान वर्तमान में केवल शोरूम खोलने और कारों की बिक्री पर है। हालांकि, भारत सरकार की नई ईवी नीति, जो वैश्विक निर्माताओं को स्थानीय निर्माण के लिए कर राहत और अन्य प्रोत्साहन प्रदान करती है, भविष्य में टेस्ला को भारत में उत्पादन शुरू करने के लिए प्रेरित कर सकती है।

टेस्ला ने मुंबई के कुर्ला वेस्ट में एक समर्पित सर्विस सेंटर के लिए जगह भी किराए पर ली है, जो कारों के रखरखाव और बिक्री के बाद की सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा, कंपनी ने पुणे में एक इंजीनियरिंग हब और बेंगलुरु में एक रजिस्टर्ड ऑफिस स्थापित किया है। टेस्ला की योजना नई दिल्ली और बेंगलुरु में भी शोरूम खोलने की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कंपनी भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति को तेजी से बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी अभी भी सीमित है। इसका मुख्य कारण चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और इलेक्ट्रिक कारों की ऊँची कीमतें हैं। टेस्ला की एंट्री से इस क्षेत्र में हलचल होने की उम्मीद है, क्योंकि कंपनी की ब्रांड वैल्यू, उन्नत तकनीक और प्रीमियम डिज़ाइन भारतीय ग्राहकों को आकर्षित कर सकते हैं। हालांकि, उच्च आयात शुल्क के कारण टेस्ला की कारों की कीमतें अन्य वैश्विक बाजारों की तुलना में अधिक हैं, जो इसकी पहुंच को सीमित कर सकता है।

टेस्ला की भारत में एंट्री से स्थानीय निर्माताओं जैसे टाटा, महिंद्रा, और एमजी मोटर को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि टेस्ला की मौजूदगी भारतीय ईवी बाजार में तकनीकी उन्नति और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा दे सकती है। यदि सरकार से कर राहत मिलती है या टेस्ला भारत में स्थानीय असेंबली शुरू करती है, तो इसकी कारों की कीमतें कम हो सकती हैं, जिससे यह अधिक ग्राहकों तक पहुंच सकती है।

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