नए साल से एसी और फ्रिज की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी, बीईई के सख्त स्टार रेटिंग नियम लागू।
1 जनवरी 2026 से ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) के नए और सख्त स्टार रेटिंग मानकों के लागू होने से कूलिंग उपकरणों जैसे रूम एयर कंडीशनर
1 जनवरी 2026 से ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) के नए और सख्त स्टार रेटिंग मानकों के लागू होने से कूलिंग उपकरणों जैसे रूम एयर कंडीशनर (एसी) और रेफ्रिजरेटर की कीमतों में बढ़ोतरी होने वाली है। ये नए मानक ऊर्जा दक्षता को बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं, जिससे उपकरणों में बेहतर तकनीक का उपयोग करना पड़ेगा और उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। इस बदलाव से एसी की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत तक और रेफ्रिजरेटर में 5 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। नए मानकों के तहत 2025 में 5-स्टार रेटिंग वाले एसी अब 4-स्टार की श्रेणी में आ जाएंगे, क्योंकि नया 5-स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए उपकरण को 10 प्रतिशत अधिक ऊर्जा कुशल होना होगा। इसी तरह रेफ्रिजरेटर में भी पुरानी रेटिंग एक स्तर नीचे आ जाएगी। यह बदलाव निर्माताओं को अधिक कुशल कॉम्प्रेसर, बेहतर इंसुलेशन और अन्य उन्नत कंपोनेंट्स का उपयोग करने के लिए मजबूर करेगा, जिससे कीमतें बढ़ेंगी। नए 5-स्टार एसी वर्तमान संदर्भ में 6 या 7-स्टार के बराबर होगा, लेकिन इसकी कीमत भी लगभग 10 प्रतिशत अधिक होगी।
रेफ्रिजरेटर के लिए भी 3 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी अनुमानित है। यह बढ़ोतरी सितंबर 2025 में एसी पर जीएसटी कटौती से मिली राहत को लगभग समाप्त कर देगी, जहां जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत की गई थी। नए मानकों से उपकरण अधिक ऊर्जा कुशल होंगे, जिससे लंबे समय में बिजली की खपत कम होगी और उपभोक्ताओं का बिजली बिल घटेगा। यह बदलाव ऊर्जा संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बीईई ने इन मानकों को सख्त करके निर्माताओं को नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित किया है। 1 जनवरी 2026 से ये नियम सभी नए उत्पादित या बेचे जाने वाले उपकरणों पर लागू होंगे। पुराने स्टॉक पर पुरानी रेटिंग रहेगी, लेकिन नए उत्पादों पर नई रेटिंग लागू होगी। इस बदलाव से बाजार में दो तरह के उत्पाद उपलब्ध होंगे – पुराने स्टॉक पर कम कीमत और पुरानी रेटिंग, तथा नए स्टॉक पर अधिक कीमत लेकिन बेहतर ऊर्जा दक्षता। कई निर्माता पहले से ही नए मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार कर रहे हैं।
यह संशोधन फ्रॉस्ट-फ्री और डायरेक्ट कूल रेफ्रिजरेटर दोनों पर लागू है। एसी के लिए भी यूनिटरी और स्प्लिट दोनों प्रकार प्रभावित होंगे। बीईई ने अन्य उपकरणों जैसे टेलीविजन, एलपीजी गैस स्टोव, कूलिंग टावर और चिलर पर भी स्टार लेबलिंग अनिवार्य कर दी है, जो पहले स्वैच्छिक थी। यह उपभोक्ताओं को ऊर्जा कुशल उत्पाद चुनने में मदद करेगा। नए मानकों की वैधता 31 दिसंबर 2028 तक है, और इस दौरान स्टार रेटिंग टेबल अपडेट रहेंगी। निर्माताओं को नए लेबल प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा। यह बदलाव भारत की ऊर्जा दक्षता लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगा। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे पुराने स्टॉक खरीदने से पहले ऊर्जा बचत की गणना करें, क्योंकि नए उपकरण लंबे समय में अधिक बचत देंगे। कीमत बढ़ोतरी के बावजूद नए मानक पर्यावरण और उपभोक्ता दोनों के लिए फायदेमंद हैं।
यह संशोधन जुलाई 2025 में प्रस्तावित ड्राफ्ट के बाद अंतिम रूप दिया गया। कई अप्लायंसेज पर स्टार लेबलिंग अब अनिवार्य हो गई है, जिसमें डीप फ्रीजर और ग्रिड कनेक्टेड सोलर इन्वर्टर भी शामिल हैं। नए नियमों से बाजार में ऊर्जा कुशल उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ेगी। निर्माताओं ने इस बदलाव को ऊर्जा दक्षता के लिए सकारात्मक बताया है। कीमतों में वृद्धि कच्चे माल जैसे कॉपर की बढ़ती कीमतों और मुद्रा अवमूल्यन से भी प्रभावित होगी। 2026 की गर्मियों में नए मानकों वाले उत्पाद मुख्य रूप से उपलब्ध होंगे। यह बदलाव पिछले संशोधनों की श्रृंखला का हिस्सा है, जहां हर कुछ वर्षों में मानक सख्त किए जाते हैं। उपभोक्ता नए लेबल देखकर सूचित निर्णय ले सकेंगे। बीईई का यह कदम ऊर्जा संरक्षण अधिनियम के तहत लिया गया है। नए 5-स्टार उपकरण अधिक कुशल होंगे, जिससे बिजली की बचत होगी। कीमत बढ़ोतरी 5 से 10 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। यह बदलाव 1 जनवरी 2026 से प्रभावी है। उपकरणों की रेटिंग एक स्तर नीचे आएगी। लंबे समय में बिजली बिल कम होगा। नए मानक ऊर्जा दक्षता बढ़ाएंगे। निर्माता नए उत्पाद ला रहे हैं। स्टार लेबलिंग अन्य उपकरणों पर अनिवार्य। यह बदलाव पर्यावरण के लिए फायदेमंद है। उपभोक्ता ऊर्जा बचत पर ध्यान दें। कीमतों में वृद्धि अपरिहार्य है। नए नियम लागू हो गए हैं।
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