अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के लंगर हॉल को RDX से उड़ाने की धमकी, पुलिस और SGPC हाई अलर्ट पर, साइबर जांच शुरू। 

GoldenTempleThreat: अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (श्री हरमंदिर साहिब), जो सिख धर्म का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल है, के लंगर हॉल को RDX से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल ...

By INA News Desk
Jul 15, 2025 - 13:02
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अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के लंगर हॉल को RDX से उड़ाने की धमकी, पुलिस और SGPC हाई अलर्ट पर, साइबर जांच शुरू। 
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के लंगर हॉल को RDX से उड़ाने की धमकी, पुलिस और SGPC हाई अलर्ट पर, साइबर जांच शुरू। 

GoldenTempleThreat: अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (श्री हरमंदिर साहिब), जो सिख धर्म का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल है, के लंगर हॉल को RDX से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया। यह धमकी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) को एक अज्ञात स्रोत से प्राप्त हुई, जिसके बाद पंजाब पुलिस और SGPC ने तुरंत सुरक्षा बढ़ा दी और मामले की गहन जांच शुरू कर दी। अमृतसर पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि साइबर क्राइम और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की मदद से इस धमकी के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पूरे देश में सिख समुदाय और स्वर्ण मंदिर के दर्शन करने वाले लाखों श्रद्धालुओं में चिंता पैदा कर दी है।

सुबह SGPC के कार्यालय को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें स्वर्ण मंदिर के लंगर हॉल को RDX से उड़ाने की धमकी दी गई थी। ईमेल में धमकी देने वाले ने दावा किया कि वह मंदिर परिसर में विस्फोट करेगा, जिससे सिख समुदाय की आस्था और शांति को नुकसान पहुंचेगा। SGPC के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने तुरंत इसकी सूचना अमृतसर पुलिस को दी। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्वर्ण मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया।

अमृतसर पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस को बताया कि यह धमकी शायद किसी शरारती तत्व का काम हो सकता है, जिसका मकसद आतंक और अशांति फैलाना है। उन्होंने कहा, "हमने SGPC से शिकायत प्राप्त की है, और साइबर क्राइम सेल की मदद से ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हम जल्द ही इस मामले को सुलझा लेंगे।" पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और एंटी-सैबोटेज टीम को मंदिर परिसर में तैनात किया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

स्वर्ण मंदिर, जिसे श्री हरमंदिर साहिब या दरबार साहिब भी कहा जाता है, सिख धर्म का सबसे पवित्र स्थल है। अमृतसर के केंद्र में स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इसका लंगर हॉल, जहां हर दिन हजारों लोग मुफ्त भोजन प्राप्त करते हैं, सिख धर्म के सेवा और समानता के सिद्धांत को दर्शाता है। रोजाना लगभग 80,000 से 1,00,000 लोग यहां भोजन करते हैं, और विशेष अवसरों पर यह संख्या और बढ़ जाती है।

लंगर हॉल की खासियत यह है कि यह सभी धर्मों, जातियों, और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। स्वयंसेवक दिन-रात रोटी, दाल, सब्जी, और खीर जैसी सादगी भरी, लेकिन स्वादिष्ट भोजन परोसते हैं। इस तरह की धमकी ने न केवल सिख समुदाय की भावनाओं को आहत किया, बल्कि इस सामुदायिक सेवा की भावना पर भी हमला किया है।

धमकी मिलने के तुरंत बाद SGPC ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया। कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि परिक्रमा, लंगर हॉल, और मंदिर के सराय क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। SGPC के सुरक्षा कर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, और सभी प्रवेश-निकास बिंदुओं पर कड़ी निगरानी शुरू की गई है।

पंजाब पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई की। बम निरोधक दस्ते और कुत्तों की एक टुकड़ी को मंदिर परिसर में तैनात किया गया। साइबर क्राइम सेल को ईमेल के IP पते और स्रोत का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अमृतसर पुलिस आयुक्त ने कहा कि अन्य सुरक्षा एजेंसियों, जैसे पंजाब पुलिस की विशेष शाखा और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), के साथ समन्वय किया जा रहा है।

यह धमकी अमृतसर में हाल के महीनों में हुई कई विस्फोटक घटनाओं के बाद आई है, जिसने शहर की सुरक्षा स्थिति पर सवाल उठाए हैं। मार्च 2025 में, खंडवाला क्षेत्र में ठाकुरद्वारा मंदिर पर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने विस्फोटक फेंका था, जिससे मंदिर की दीवार को नुकसान पहुंचा। पुलिस ने इस हमले में पाकिस्तान की ISI की संलिप्तता का संदेह जताया था। इसके अलावा, मई 2025 में मजीठा रोड पर एक विस्फोट में एक संदिग्ध बब्बर खालसा आतंकवादी की मौत हो गई थी, जिसके तार भी ISI से जुड़े होने की आशंका थी।

दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में अमृतसर और गुरदासपुर में कई पुलिस चौकियों पर विस्फोट हुए थे, जिनमें से कुछ की जिम्मेदारी बब्बर खालसा ने ली थी। इन घटनाओं ने पंजाब में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। स्वर्ण मंदिर को मिली यह धमकी इन घटनाओं की कड़ी में एक और गंभीर मामला है, जिसने पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है।

इस धमकी ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में व्यापक प्रतिक्रिया पैदा की। अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने एक्स पर लिखा, "स्वर्ण मंदिर को RDX से उड़ाने की धमकी न केवल एक धार्मिक स्थल पर हमला है, बल्कि यह शांति, आस्था, और मानवता पर हमला है। मैं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और DGP पंजाब से तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं।" उन्होंने सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई को अस्वीकार्य बताया।

विपक्षी दलों, जैसे शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी, ने भी इस घटना की निंदा की। अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि यह धमकी पंजाब में शांति भंग करने की साजिश का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की और कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है।

सिख समुदाय के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने इस धमकी को सिखों की आस्था पर हमला बताया। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा, "स्वर्ण मंदिर सिखों का गौरव है, और हम इसकी रक्षा के लिए एकजुट हैं।"

स्वर्ण मंदिर न केवल सिख समुदाय, बल्कि पूरे विश्व के लिए एकता और शांति का प्रतीक है। इस तरह की धमकी ने सिख समुदाय की भावनाओं को आहत किया है और सामाजिक तनाव को बढ़ाने का खतरा पैदा किया है। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना की कड़ी निंदा की। कई उपयोगकर्ताओं ने लिखा, "यह धमकी सिख समुदाय और पंजाब की शांति को निशाना बनाती है।" कुछ ने इसे "साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश" बताया।

लंगर हॉल, जो हर धर्म के लोगों के लिए खुला है, सिख धर्म के सेवा भाव का प्रतीक है। इस पर हमले की धमकी ने सामुदायिक एकता पर सवाल उठाए हैं। धार्मिक नेताओं ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और एकजुट रहने की अपील की है।

इस धमकी की जांच में कई चुनौतियां हैं। पहला, ईमेल का स्रोत अज्ञात है, और साइबर अपराधी अक्सर वीपीएन या अन्य तकनीकों का उपयोग कर अपनी पहचान छिपाते हैं। दूसरा, अमृतसर में हाल की विस्फोटक घटनाओं ने पुलिस पर दबाव बढ़ा दिया है। तीसरा, कांवड़ यात्रा और सावन के महीने के कारण अमृतसर में पहले से ही लाखों श्रद्धालु मौजूद हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना जरूरी हो गया है।

पुलिस ने मंदिर परिसर में CCTV फुटेज की जांच शुरू की है और सभी प्रवेश-निकास बिंदुओं पर मेटल डिटेक्टर और बैग स्कैनर लगाए गए हैं। इसके अलावा, खुफिया एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

स्वर्ण मंदिर के लंगर हॉल को RDX से उड़ाने की धमकी एक गंभीर और संवेदनशील मामला है, जिसने सिख समुदाय की भावनाओं को आहत किया है। पंजाब पुलिस और SGPC की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को नियंत्रण में रखा है, लेकिन यह घटना पंजाब में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है। साइबर क्राइम सेल की जांच से उम्मीद है कि इस धमकी के पीछे के मकसद और स्रोत का पता चलेगा। स्वर्ण मंदिर न केवल सिखों का पवित्र स्थल है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक है। इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हर नागरिक और प्रशासन की जिम्मेदारी है। लोगों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें ताकि इस तरह की साजिशें नाकाम हो सकें।

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