Patna News : PM मोदी को बिहार दौरे पर धमकी, भागलपुर से आरोपी गिरफ्तार, जांच में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस के अनुसार, भागलपुर से एक व्हाट्सएप कॉल के जरिए सुरक्षा एजेंसियों को धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया था कि PM मोदी को उनके बिहार दौरे के ...
By INA News Patna.
पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय बिहार दौरे के दौरान एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के महेशी गांव से पुलिस ने 35 वर्षीय समीर रंजन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने व्हाट्सएप के जरिए PM मोदी को जान से मारने की धमकी दी थी। यह धमकी गुरुवार, 29 मई 2025 को तब भेजी गई, जब प्रधानमंत्री पटना में थे और शुक्रवार को कराकट में 48,520 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करने वाले थे।
धमकी का विवरण और पुलिस कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, भागलपुर से एक व्हाट्सएप कॉल के जरिए सुरक्षा एजेंसियों को धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया था कि PM मोदी को उनके बिहार दौरे के दौरान "उड़ा दिया जाएगा।" संदेश में विशेष रूप से कराकट में होने वाली उनकी सभा का जिक्र था। इस धमकी के बाद भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को तत्काल सूचित किया गया, और एक विशेष जांच दल का गठन किया गया।
जांच में पता चला कि यह धमकी समीर रंजन ने एक वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का उपयोग करके भेजी थी, ताकि संदेश का स्रोत छिपाया जा सके। हैरानी की बात यह है कि यह धमकी 71 वर्षीय मंटू चौधरी के मोबाइल नंबर से भेजी गई थी, जो समीर रंजन के चाचा हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि समीर ने संपत्ति विवाद के चलते अपने चाचा को फंसाने के लिए यह फर्जी धमकी भेजी थी।
भागलपुर के विधि व्यवस्था डीएसपी चंद्रभूषण और सुल्तानगंज थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार शाम को ही समीर रंजन को महेशी गांव से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, और उससे पूछताछ जारी है।
PM का बिहार दौरा और सुरक्षा व्यवस्था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार, 29 मई 2025 को पटना पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक रोडशो किया और कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। शुक्रवार को वे रोहतास जिले के कराकट में एक जनसभा को संबोधित करने वाले थे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर कड़ा किया गया था। पटना हवाई अड्डे से लेकर रोडशो मार्ग और सभा स्थल तक सैकड़ों मजिस्ट्रेट, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), और विशेष सुरक्षा बल (एसपीजी) के जवान तैनात किए गए थे। धमकी के बाद सुरक्षा और सख्त कर दी गई, और सभी संभावित खतरों की जांच की जा रही है।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि समीर रंजन का मकसद अपने चाचा मंटू चौधरी को संपत्ति विवाद में फंसाना था। उसने वीपीएन का उपयोग करके धमकी भेजी ताकि संदेश का स्रोत मंटू चौधरी का नंबर प्रतीत हो। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस धमकी के पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र या अन्य लोग भी शामिल हैं। डीएसपी चंद्रभूषण ने बताया, "आरोपी से पूछताछ चल रही है, और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस मामले में कोई अन्य संलिप्तता न हो।"
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
यह पहला मौका नहीं है जब PM मोदी को बिहार दौरे के दौरान धमकी मिली हो। अतीत में भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उदाहरण के लिए, 2013 में पटना के गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली के दौरान भारतीय मुजाहिदीन द्वारा नौ बम विस्फोट किए गए थे, जिसमें छह लोग मारे गए थे। उस मामले में मुख्य आरोपी तहसीन अख्तर को 2014 में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, 2019 में भी एक व्यक्ति को गांधी मैदान में रैली के दौरान विस्फोट की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
इस घटना ने बिहार में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। बीजेपी नेताओं ने इस धमकी की कड़ी निंदा की है और केंद्र सरकार से इस मामले की गहन जांच की मांग की है। वहीं, विपक्षी दलों ने भी इस घटना को गंभीर बताया है, लेकिन कुछ नेताओं ने इसे व्यक्तिगत विवाद का परिणाम बताकर इसकी गंभीरता को कम करने की कोशिश की है। स्थानीय लोग इस घटना से चिंतित हैं और चाहते हैं कि प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाए।
यह घटना एक बार फिर से प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय चर्चा में ला रही है। हालांकि, त्वरित पुलिस कार्रवाई ने इस मामले को नियंत्रण में लाने में मदद की है, लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या ऐसी धमकियों को रोकने के लिए और प्रभावी उपायों की आवश्यकता है।
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