Viral: राजा रघुवंशी हत्याकांड में भाई विपिन की मांग- ‘जेल नहीं, आरोपियों का हो एनकाउंटर’, मेघालय हनीमून मर्डर केस में नया विवाद।
मेघालय के चर्चित हनीमून हत्याकांड में इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। राजा के बड़े भाई विपिन...
इंदौर : मेघालय के चर्चित हनीमून हत्याकांड में इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने 19 जून 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मांग की कि इस जघन्य अपराध के आरोपियों को जेल में रखने के बजाय उनका एनकाउंटर कर देना चाहिए। विपिन का यह बयान तब आया, जब मेघालय पुलिस ने दावा किया कि मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, जो राजा की पत्नी है, और चार अन्य आरोपियों राज सिंह कुशवाहा, विशाल सिंह चौहान, आकाश राजपूत, और आनंद कुरमी ने अपराध कबूल कर लिया है। हालांकि, विपिन ने यह भी आरोप लगाया कि सोनम और अन्य आरोपी पुलिस को गुमराह कर रहे हैं, और उन्होंने मामले में नार्को टेस्ट और आठ दिन की अतिरिक्त रिमांड की मांग की है। विपिन के इस बयान ने न केवल कानूनी और नैतिक बहस को जन्म दिया है, बल्कि मेघालय पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए हैं।
- मेघालय हनीमून हत्याकांड
29 वर्षीय राजा रघुवंशी, इंदौर के एक परिवहन व्यवसायी, और उनकी 24 वर्षीय पत्नी सोनम रघुवंशी 11 मई 2025 को शादी के बंधन में बंधे थे। शादी के नौ दिन बाद, 20 मई को, दोनों हनीमून के लिए मेघालय के सोहरा (चेरापूंजी) गए। 23 मई को, वेई सॉडॉन्ग वॉटरफॉल के पास एक ट्रेक के दौरान दोनों लापता हो गए। 2 जून को, राजा का शव सोहरा के पास एक गहरी खाई में मिला, जिसके शरीर पर धारदार हथियार के कई घाव थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की कि उनकी हत्या एक कुल्हाड़ी जैसे हथियार से की गई थी।
मेघालय पुलिस ने शुरुआत में इसे ट्रेकिंग हादसा माना, लेकिन जांच गहराने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 9 जून को, सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे के पास मिलीं और उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने सोनम, उनके कथित प्रेमी राज सिंह कुशवाहा, और तीन अन्य विशाल सिंह चौहान, आकाश राजपूत, और आनंद कुरमी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, यह हत्या सोनम और राज कुशवाहा ने मिलकर रची थी, और तीन अन्य आरोपियों ने हत्या को अंजाम दिया। हिंदुस्तान टाइम्स की 16 जून की रिपोर्ट के अनुसार, यह हत्या शादी से 11 दिन पहले योजनाबद्ध थी, और आरोपी राज के दोस्तों ने पैसे के लिए नहीं, बल्कि उसकी दोस्ती के लिए हत्या की।
- विपिन रघुवंशी का बयान: एनकाउंटर की मांग
19 जून 2025 को इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपिन रघुवंशी ने कहा, “जब आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, तो उन्हें जेल में रखने की क्या जरूरत? उनका एनकाउंटर करके इस मामले को खत्म कर देना चाहिए।” यह बयान ABP न्यूज द्वारा कवर किया गया, जिसमें विपिन ने यह भी कहा कि सोनम और अन्य आरोपी पुलिस को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सोनम और अन्य आरोपियों की आठ दिन की अतिरिक्त रिमांड और नार्को टेस्ट कराया जाए ताकि पूरा सच सामने आए।
विपिन ने यह भी दावा किया कि सोनम ने अभी तक पूरी तरह से अपराध नहीं कबूला है। उन्होंने कहा, “सोनम और बाकी आरोपी पुलिस को भटका रहे हैं। हमें शक है कि इस हत्या में और लोग शामिल हैं।” विपिन ने मेघालय पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की तारीफ की, लेकिन यह भी कहा कि जांच को और गहरा करना जरूरी है। उन्होंने सोनम के परिवार, विशेष रूप से उनकी मां, पर भी सवाल उठाए और CBI जांच की मांग की।
- अपराध का पुनर्निर्माण और सबूत
मेघालय पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाई है। 17 जून को, SIT ने सोहरा में अपराध स्थल का पुनर्निर्माण किया, जिसमें सोनम और तीन अन्य आरोपी मौजूद थे। ईस्ट खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक (SP) विवेक सियेम ने बताया कि पुनर्निर्माण “बेहद सफल” रहा, और इससे पुलिस को हत्या की पूरी तस्वीर मिली।
पुलिस के अनुसार, राजा को तीन बार कुल्हाड़ी (स्थानीय भाषा में ‘दाओ’) से मारा गया पहला वार विशाल चौहान ने, दूसरा आनंद कुरमी ने, और तीसरा आकाश राजपूत ने किया। सोनम उस समय मौके पर थीं और खून निकलते देख वहां से हट गईं। हत्या के बाद, आरोपियों ने राजा के शव को खाई में फेंक दिया।
पुलिस ने एक कुल्हाड़ी बरामद कर ली है, लेकिन दूसरी अभी तक नहीं मिली। SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) दूसरा हथियार तलाश रही है। इसके अलावा, राजा का मोबाइल फोन, जिसे सोनम और विशाल ने क्षतिग्रस्त किया, भी जांच का हिस्सा है। पुलिस ने यह भी पाया कि सोनम ने हत्या के बाद अपना खून से सना रेनकोट आकाश को दिया, जिसे उसने नष्ट कर दिया। सोनम ने राज कुशवाहा के निर्देश पर बुर्का पहनकर गुवाहाटी से सिलीगुड़ी, फिर पटना, लखनऊ, और इंदौर तक का सफर किया।
- सोनम की भूमिका और परिवार की प्रतिक्रिया
पुलिस के अनुसार, सोनम ने हत्या की साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने राज कुशवाहा के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और तीन अन्य आरोपियों को राजा को अलग-थलग करने में मदद की। इंडिया टुडे की 10 जून की रिपोर्ट के अनुसार, सोनम ने अपनी मां को राज कुशवाहा के साथ अपने संबंधों के बारे में बताया था, लेकिन परिवार ने इसे स्वीकार नहीं किया और उनकी शादी समुदाय के भीतर करने पर जोर दिया।
सोनम के भाई गोविंद ने 11 जून को राजा के परिवार से मुलाकात की और कहा, “हमने सोनम से रिश्ता तोड़ लिया है। अगर वह दोषी है, तो उसे फांसी दी जाए।” हालांकि, विपिन ने गोविंद के इरादों पर सवाल उठाए और कहा कि सोनम के परिवार को नार्को टेस्ट से गुजरना चाहिए।
विपिन की एनकाउंटर की मांग ने एक गंभीर कानूनी और नैतिक बहस को जन्म दिया है। भारत में एनकाउंटर (पुलिस द्वारा कथित अपराधियों की हत्या) एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में एनकाउंटर के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें कहा गया कि हर एनकाउंटर की मजिस्ट्रियल जांच होनी चाहिए। विपिन का बयान भावनात्मक दुख से उपजा हो सकता है, लेकिन यह कानूनी प्रक्रिया के खिलाफ है।
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि एनकाउंटर की मांग करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह न्यायिक प्रणाली को कमजोर करता है। दिल्ली के वकील संजय शर्मा ने कहा, “आरोपियों का अपराध साबित होने तक उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। एनकाउंटर की मांग भावनात्मक हो सकती है, लेकिन यह कानून के शासन के खिलाफ है।” इसके अलावा, एनकाउंटर से मामले की गहराई और अन्य संभावित संदिग्धों तक पहुंचने की संभावना खत्म हो सकती है।
सामाजिक दृष्टिकोण से, विपिन का बयान परिवार के दुख और गुस्से को दर्शाता है। राजा की मां उमा रघुवंशी ने कहा, “मेरा बेटा हनीमून पर खुशी मनाने गया था, लेकिन उसे मौत मिली। हम चाहते हैं कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले।”
कई यूजर्स ने विपिन के दुख के प्रति सहानुभूति जताई। एक यूजर ने लिखा, “विपिन का गुस्सा जायज है। इतनी क्रूर हत्या के बाद कोई भी परिवार ऐसा ही सोचेगा।” हालांकि, कुछ यूजर्स ने एनकाउंटर की मांग की निंदा की। एक यूजर ने ट्वीट किया, “एनकाउंटर से न्याय नहीं मिलता। सोनम और अन्य आरोपियों को कोर्ट में सजा मिलनी चाहिए।” यह बहस दर्शाती है कि यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी संवेदनशील है।
एनकाउंटर की मांग भारत में पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों में उठ चुकी है। 2019 में हैदराबाद रेप और मर्डर केस में चार आरोपियों के एनकाउंटर के बाद देश भर में बहस छिड़ गई थी। कुछ लोगों ने इसे “त्वरित न्याय” माना, जबकि अन्य ने इसे कानून के उल्लंघन के रूप में देखा। विपिन का बयान इस तरह की मांगों का नया उदाहरण है, लेकिन यह भी सवाल उठाता है कि क्या भावनात्मक दबाव में लिया गया ऐसा निर्णय सही है।
- मेघालय पुलिस की जांच पर सवाल
विपिन ने मेघालय पुलिस की जांच की तारीफ की, लेकिन उनकी एनकाउंटर की मांग और नार्को टेस्ट की मांग यह दर्शाती है कि परिवार को अभी भी पूरी तरह भरोसा नहीं है। पुलिस ने अब तक कई सबूत जुटाए हैं, जैसे हत्या का हथियार, अपराध स्थल का पुनर्निर्माण, और CCTV फुटेज, लेकिन दूसरा हथियार और अन्य संभावित संदिग्धों का पता लगाना बाकी है।
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने इस मामले को “अभूतपूर्व” बताते हुए कहा कि पुलिस हर संभव कोशिश कर रही है। हालांकि, विपिन की CBI जांच की मांग दर्शाती है कि परिवार को लगता है कि मामला जटिल है और इसमें और लोग शामिल हो सकते हैं।
यह हत्याकांड भारतीय समाज में अरेंज्ड मैरिज, रिश्तों में विश्वास, और प्रेम संबंधों जैसे मुद्दों पर सवाल उठाता है। सोनम और राज कुशवाहा के कथित प्रेम संबंध ने इस हत्या को और सनसनीखेज बना दिया। यह मामला समाज को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या शादी से पहले पार्टनर की पृष्ठभूमि की गहन जांच जरूरी है।
विपिन का एनकाउंटर का बयान भी समाज में बढ़ती अधीरता को दर्शाता है, जहां लोग लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय त्वरित “न्याय” चाहते हैं। यह प्रवृत्ति खतरनाक हो सकती है, क्योंकि यह कानून के शासन को कमजोर करती है।
राजा रघुवंशी हत्याकांड मेघालय के इतिहास में एक काला अध्याय बन गया है। विपिन रघुवंशी का एनकाउंटर की मांग वाला बयान उनके दुख और गुस्से का प्रतीक है, लेकिन यह कानूनी प्रणाली के लिए एक चुनौती भी है। मेघालय पुलिस ने इस मामले में सराहनीय काम किया है, लेकिन विपिन की नार्को टेस्ट और CBI जांच की मांग दर्शाती है कि परिवार को अभी और जवाब चाहिए।
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