उत्तराखंड में अपराध मुक्त राज्य बनाने का संकल्प, CM धामी ने अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के दिए सख्त आदेश।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने
- अपराध मुक्त उत्तराखंड का संकल्प, CM धामी ने पुलिस को अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस के निर्देश दिए
- संगठित अपराधियों पर सख्त निगरानी, CM धामी ने पुलिस को सक्रिय एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही के आदेश दिए
- कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं, CM धामी ने तत्काल मुकदमे और प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने अपराध मुक्त उत्तराखंड बनाने का संकल्प दोहराया और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों, असामाजिक तत्वों और शांति भंग करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकार के अपराधों पर तत्काल मुकदमे दर्ज किए जाएं। उन्होंने डीजीपी को आदेश दिए कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में कहा गया कि जनता को सुरक्षा का वास्तविक अनुभव होना चाहिए और परिणाम धरातल पर दिखने चाहिए। मुख्यमंत्री ने हर स्तर पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आदतन और संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने पुलिस को सक्रिय एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही करने का आदेश दिया। उन्होंने रात्रि गश्त बढ़ाने और अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पर कानून व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में डीजीपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की शांति, सुरक्षा और सुशासन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अपराध मुक्त उत्तराखंड के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अपराधों पर तत्काल मुकदमे दर्ज हों और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। बैठक में कहा गया कि जनता को सुरक्षा का अनुभव होना चाहिए। परिणाम जमीन पर दिखने चाहिए। मुख्यमंत्री ने आदतन अपराधियों और संगठित अपराध में शामिल तत्वों पर विशेष निगरानी रखने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों की पहचान कर उन्हें उचित कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़े। पुलिस को निर्देश दिए गए कि वे सक्रिय रहें और परिणामोन्मुखी कार्यवाही करें।
बैठक में रात्रि गश्त बढ़ाने पर जोर दिया गया ताकि अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए। पुलिस को जनता हित में काम करना चाहिए। थानों और चौकियों में ऐसा वातावरण बने जहां आम आदमी को सम्मान मिले और अनावश्यक परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने अभियोजन विभाग को भी निर्देश दिए कि मुकदमों में कमजोर पैरवी न हो। कई मामलों में अपराधी कमजोर पैरवी के कारण सजा से बच जाते हैं जो न्याय व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अभियोजन मजबूत होना चाहिए।
यह बैठक हाल के अपराधों के संदर्भ में हुई जहां मुख्यमंत्री ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। कानून हाथ में लेने वालों और असामाजिक तत्वों पर कठोरतम कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए कि सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया जाए। राज्य में शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। बैठक में हर स्तर पर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया। यह संकल्प अपराध मुक्त उत्तराखंड बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि परिणाम दिखने चाहिए। जनता को सुरक्षा का भरोसा होना चाहिए।
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