दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर कार में मिले तीन शवों का मामला हत्या साबित, तांत्रिक ने लड्डू में जहर मिलाकर की ट्रिपल मर्डर।
दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में फ्लाईओवर के पास खड़ी कार में तीन लोगों के शव मिलने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी
- पीरागढ़ी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, सूफी कमरुद्दीन ने धनवर्षा के नाम पर लड्डू में जहर दिया
- पीरागढ़ी ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश, तांत्रिक गिरफ्तार, जहर से मौत की पुष्टि
- धनवर्षा के लालच में फंसाए तीनों को, जहर युक्त लड्डू खिलाकर की हत्या और लूट
दिल्ली के पीरागढ़ी इलाके में फ्लाईओवर के पास खड़ी कार में तीन लोगों के शव मिलने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपी सूफी कमरुद्दीन उर्फ बाबा को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने धनवर्षा का झांसा देकर तीनों को लड्डू में जहर मिलाकर खिलाया जिससे उनकी मौत हो गई। यह घटना 8 फरवरी 2026 को हुई जब कार में रणधीर सिंह, शिव नरेश सिंह और लक्ष्मी देवी के शव मिले।
आरोपी कमरुद्दीन ने तीनों को धनवर्षा का लालच दिया कि वह उनके पैसे को दोगुना या अधिक कर देगा। मृतकों के पास 2 लाख रुपये कैश थे। आरोपी ने उन्हें यह झांसा दिया कि वह इस राशि को दो करोड़ में बदल देगा। तीनों आरोपी के घर पहुंचे जहां उसने धनवर्षा के नाम पर पूजा का बहाना बनाया। आरोपी ने जहर मिले लड्डू खिलाए। लड्डू खाने के बाद तीनों को अस्वस्थ महसूस हुआ और वे बेहोश हो गए। आरोपी ने उनकी मौत के बाद पैसे लूट लिए और शवों को कार में छोड़ दिया।
पुलिस ने कमरुद्दीन को उसके घर से गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि आरोपी तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को ठगता था और पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा है। कार में जहर की बोतल और डिस्पोजेबल ग्लास मिले थे। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट में जहर से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने मामले को ट्रिपल मर्डर घोषित किया और आरोपी पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया। दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास 8 फरवरी 2026 को एक सफेद कार में तीन शव मिले थे। कार सेवा मार्ग पर खड़ी थी। स्थानीय लोगों ने सूचना दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। कार में दो पुरुष और एक महिला के शव थे। शवों के पास शराब की बोतल और इस्तेमाल किए ग्लास मिले। कार में जहरीली गंध थी।
मृतकों की पहचान रणधीर सिंह (76 वर्ष), शिव नरेश सिंह (47 वर्ष) और लक्ष्मी देवी (40 वर्ष) के रूप में हुई। रणधीर और शिव नरेश संपत्ति दलाल थे और नजफगढ़ के बापरोला इलाके के निवासी थे। लक्ष्मी देवी के बारे में परिवार को जानकारी नहीं थी। पुलिस ने शुरू में सुसाइड और हत्या दोनों एंगल जांचे। कार में कोई बाहरी चोट के निशान नहीं थे। फोरेंसिक टीम ने कार से सबूत इकट्ठे किए। पोस्टमार्टम के लिए शव भेजे गए। जांच में CCTV फुटेज से एक तांत्रिक की मौजूदगी सामने आई जो कार में फ्रंट सीट पर बैठा था।
पुलिस ने तांत्रिक कमरुद्दीन को पूछताछ के लिए बुलाया। जांच में उसने कबूल किया कि उसने धनवर्षा के नाम पर तीनों को लालच दिया। उन्होंने आरोपी को 2 लाख रुपये कैश के साथ बुलाया। घर पर पूजा के बहाने जहर युक्त लड्डू खिलाए। लड्डू खाने के बाद तीनों बेहोश हो गए। आरोपी ने पैसे लूटे और शवों को कार में डालकर छोड़ दिया। 11 फरवरी 2026 को पुलिस ने कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया। आरोपी ने वारदात कबूल की। पुलिस ने मामले को ट्रिपल मर्डर करार दिया। आरोपी पर हत्या और लूट का मुकदमा दर्ज हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी पहले भी लोगों को ठग चुका है और कई मौतों में शामिल रहा है। कार पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास सेवा मार्ग पर खड़ी थी। पुलिस ने कार जब्त की और जांच जारी रखी। यह मामला अंधविश्वास और ठगी से जुड़ा सामने आया।
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