Saharanpur : सहारनपुर में वाहन फिटनेस प्रक्रिया से ऑटो चालकों को हो रही परेशानी
परिवहन विभाग के पोर्टल पर निर्धारित 600 रुपये फीस जमा करने के बाद भी लेट फीस के नाम पर 400 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। नियमों के अनुसार चालान होने पर भी फिटने
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने वाहन मालिकों को फिटनेस जांच और टैक्स भुगतान में छूट दी है। पुराने ई-चालान रद्द करने से फिटनेस और परमिट संबंधी बाधाएं दूर हुई हैं। लेकिन सहारनपुर संभागीय परिवहन कार्यालय में तैनात प्राविधिक निरीक्षक और क्षेत्रीय निरीक्षक वाहन मालिकों से आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। इससे ऑटो रिक्शा चालकों की दैनिक कमाई प्रभावित हो रही है।
परिवहन विभाग के पोर्टल पर निर्धारित 600 रुपये फीस जमा करने के बाद भी लेट फीस के नाम पर 400 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। नियमों के अनुसार चालान होने पर भी फिटनेस हो सकती है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा। फिटनेस का समय सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक तय है, लेकिन कई बार दोपहर तक निरीक्षक कार्यालय में नहीं पहुंचते। एचएसआरपी टोकन न चस्पा होने पर 200 रुपये वसूली की जा रही है।
सीएनजी चालित वाहनों की किट जांच के लिए सरकार अनुमोदित मशीन का उपयोग अनिवार्य है। लेकिन सड़क दूधली में संचालित सीएनजी फ्यूल सेंटर पर शैंपू के घोल से जांच कर 1000 रुपये लिए जाते हैं, बिना रसीद। एलपीजी किट जांच के लिए कोई केंद्र नहीं है, जिससे एलपीजी और पेट्रोल ऑटो रिक्शाओं की फिटनेस नहीं हो पा रही।
यदि चालक खुद कार्यालय जाते हैं तो तरह-तरह के नियम बताकर चक्कर कटवाए जाते हैं। दलालों के काम जल्दी हो जाते हैं। इन परेशानियों से रोज कमाई करने वाले ऑटो चालक भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्शा जैसे व्यावसायिक वाहनों के लिए वार्षिक फिटनेस प्रमाण पत्र अनिवार्य किया है। लेकिन स्थानीय स्तर पर अनियमितताएं बढ़ रही हैं।
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