Saharanpur : जामिया इस्लामिया फैज़ुस्सत्तर नाफ़ेउल उलूम में यादगार भाषण प्रतियोगिता, छोटे छात्रों ने प्रभावित किया

प्रतियोगिता में तीन दर्जन से अधिक छात्रों ने भाग लिया। खास बात यह रही कि नाजिरा और हिफ्ज के छोटे उम्र के छात्रों ने परिपक्वता और शानदार अंदाज में भाषण दिए, जिसकी

Jan 9, 2026 - 22:38
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Saharanpur : जामिया इस्लामिया फैज़ुस्सत्तर नाफ़ेउल उलूम में यादगार भाषण प्रतियोगिता, छोटे छात्रों ने प्रभावित किया
Saharanpur : जामिया इस्लामिया फैज़ुस्सत्तर नाफ़ेउल उलूम में यादगार भाषण प्रतियोगिता, छोटे छात्रों ने प्रभावित किया

सहारनपुर के गागलहेडी क्षेत्र में ढाला चोरा स्थित जामिया इस्लामिया फैज़ुस्सत्तर नाफ़ेउल उलूम में आयोजित भाषण प्रतियोगिता एक सफल और अनुशासित कार्यक्रम साबित हुई। यह कार्यक्रम हजरत कारी मुहम्मद सालिम काशिफी (फलाहुल बनात, सहारनपुर के संस्थापक) की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत छात्र मुहम्मद फरहान की कुरान तिलावत से हुई। इसके बाद हाफिज मुहम्मद असअद ने नबी करीम पर नात शरीफ पेश की। नाजिम-ए-जलसा मौलाना मुहम्मद जुबैर कासमी ने स्वागत भाषण में कार्यक्रम के उद्देश्य बताए। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षिक और नैतिक कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास, सही सोच, बोलने की क्षमता और दीन की दावत का जज्बा पैदा करते हैं। जामिया छात्रों की हर तरफ से तरबियत पर जोर देता है।

प्रतियोगिता में तीन दर्जन से अधिक छात्रों ने भाग लिया। खास बात यह रही कि नाजिरा और हिफ्ज के छोटे उम्र के छात्रों ने परिपक्वता और शानदार अंदाज में भाषण दिए, जिसकी सभी ने सराहना की। यह छात्रों की प्रतिभा जामिया के शैक्षिक माहौल और शिक्षकों की मेहनत का प्रमाण थी। निर्णयकर्ताओं में मौलाना मुहम्मद अतहर हक़्क़ानी (सदर जमीयत उलमा-ए-हिंद, शहर सहारनपुर), मौलाना शमशाद अहमद (नाजिम आला, जामिया कासिमुल उलूम, गागलहेडी) और मौलाना मुहम्मद असलम काशिफी (इमाम व खतीब, रजा पुर मस्जिद) शामिल थे। उन्होंने ईमानदारी से सभी भाषणों का मूल्यांकन किया।

परिणाम घोषणा के बाद मुख्य निर्णायक मौलाना मुहम्मद अतहर हक़्क़ानी ने छात्रों की क्षमता की तारीफ की। उन्होंने शिक्षकों की मेहनत और मदरसा के संस्थापक हजरत अलहाज हाफिज मोहम्मद यामीन की भूमिका को सराहा तथा जामिया की प्रगति के लिए दुआ की। मौलाना शमशाद अहमद ने कहा कि आमतौर पर बड़े छात्र जो काम करते हैं, वही काम यहां छोटे छात्रों ने करके दिखाया, जो मदरसे के उच्च शैक्षिक स्तर और शिक्षकों की सच्ची मेहनत का जीता-जागता उदाहरण है।

सभी छात्रों ने शांतिपूर्वक, प्रवाह और प्रभावशाली ढंग से भाषण दिए, जिस पर मौजूद लोग बार-बार तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। कार्यक्रम में लगभग डेढ़ सौ आम लोग, दो दर्जन से अधिक इमाम, दो सौ से अधिक छात्र और बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे। नाजिम मौलाना मुहम्मद हुसैन ने निर्णायकों के फैसले के अनुसार विजेताओं के नाम घोषित किए। प्रथम स्थान मुहम्मद फरहान सहारनपुरी, द्वितीय मुहम्मद अरसलान बीरी ज़मां, तृतीय मुहम्मद अबूज़र चक हरेनटी, चौथा अब्दुल अहद रायपुरी, पांचवां मुहम्मद अमान कांकरकुई और छठा मुहम्मद हनज़ला जमाली ने प्राप्त किया। विजेताओं को मास्टर रियाज अहमद, हाफिज मास्टर एहसान, कारी मुहम्मद सालिम, हाजी मुहम्मद रियाज और अन्य मेहमानों ने ट्रॉफी और इनाम दिए। सभी प्रतिभागियों को हौसला बढ़ाने के लिए उपहार भी प्रदान किए गए। निर्णायकों को सम्मानित किया गया।

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