बिहार के गया में दिल दहलाने वाली घटना: रेप पीड़िता की मां का इलाज करने गए डॉक्टर को पेड़ से बांधकर पीटा।
बिहार के गया जिले के गुरपा थाना क्षेत्र के हाराखुरा गांव में मंगलवार, 3 जून 2025 को एक ऐसी घटना घटी, जिसने मानवता को शर्मसार कर ...
बिहार के गया जिले के गुरपा थाना क्षेत्र के हाराखुरा गांव में मंगलवार, 3 जून 2025 को एक ऐसी घटना घटी, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। एक ग्रामीण चिकित्सक, डॉ. जितेंद्र यादव, जो एक रेप पीड़िता की मां का इलाज करने उनके घर पहुंचे थे, को गांव के कुछ दबंगों और रेप केस के आरोपियों ने पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। इस क्रूर कृत्य के दौरान ग्रामीण डर के मारे मूकदर्शक बने रहे, और कुछ ने छिपकर इस अमानवीय घटना का वीडियो बना लिया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 2021 में हुए एक बलात्कार के मामले से जुड़ी है, जिसमें पीड़िता के परिवार पर आरोपियों द्वारा लगातार केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। हाल ही में पीड़िता ने कोर्ट में गवाही दी थी, जिसके बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसी बीच, पीड़िता की मां मीणा देवी की तबीयत खराब हो गई। सूचना मिलने पर डॉ. जितेंद्र यादव, जो स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हैं, इलाज के लिए उनके घर पहुंचे।
डॉ. यादव जैसे ही पीड़िता के घर पहुंचे, वहां पहले से घात लगाए बैठे 8-10 दबंगों ने उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों ने डॉ. यादव पर रेप केस में पीड़िता के परिवार की मदद करने का इल्जाम लगाया। इसके बाद, उन्हें घर से घसीटकर बाहर निकाला गया और पास के एक पेड़ से रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की गई। पिटाई इतनी क्रूर थी कि डॉ. यादव लहूलुहान हो गए और बेहोश होकर गिर पड़े।
इस घटना के दौरान गांव के लोग दबंगों के डर से चुप रहे। कुछ ग्रामीणों ने छिपकर इस पिटाई का वीडियो बनाया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि, किसी ने भी डॉ. यादव को बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई। पीड़िता की भांजी ने हिम्मत दिखाते हुए मुख्य सड़क पर पहुंचकर डायल 112 की पुलिस गाड़ी को रोका और घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और डॉ. यादव को पेड़ से मुक्त कराया।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायल डॉ. जितेंद्र यादव को फतेहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, और वे जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहे हैं। गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आनंद कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना ने बिहार में राजनीतिक हलचल मचा दी है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "बिहार में तालिबान से भी बदतर स्थिति है। रेप पीड़िता की मां का इलाज करने गए डॉक्टर को पेड़ से बांधकर पीट-पीटकर खून से लथपथ कर दिया गया। 20 साल की भ्रष्ट सरकार ने पुलिस-प्रशासन को इतना पंगु बना दिया है कि अब हर कोई कानून को अपने हाथ में ले रहा है। मुख्यमंत्री अचेत हैं और सरकार मस्त है।"
यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाती है। रेप जैसे जघन्य अपराध के आरोपियों का इतना दबदबा कि वे एक चिकित्सक को, जो मानवीय कर्तव्य निभा रहा था, बेरहमी से पीट दें, यह समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय है। इस घटना ने एक बार फिर पीड़ितों के साथ खड़े होने वालों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में दबंगों के आतंक को उजागर किया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। कई यूजर्स ने बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए इसे "गुंडाराज" का प्रतीक बताया। एक यूजर ने लिखा, "जितेंद्र यादव ने सिर्फ अपना फर्ज निभाया, लेकिन रेपिस्टों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे एक डॉक्टर को भी नहीं बख्श रहे। बिहार में नकारा सरकार और निकम्मा प्रशासन है।"
गया की इस घटना ने न केवल बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि समाज में अभी भी डर और दबंगई का बोलबाला है। डॉ. जितेंद्र यादव जैसे लोग, जो पीड़ितों की मदद के लिए आगे आते हैं, अगर सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो समाज में न्याय की उम्मीद और कमजोर होगी।
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