Special : ढाका में खालिदा जिया की अंत्येष्टि- जयशंकर और अयाज सादिक की अप्रत्याशित हाथ मिलाई, मई 2025 संघर्ष के बाद पहला उच्च स्तरीय संपर्क

एस जयशंकर भारत सरकार और जनता की ओर से खालिदा जिया की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए ढाका पहुंचे थे। उन्होंने वहां पहुंचते ही खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यका

Jan 1, 2026 - 13:37
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Special : ढाका में खालिदा जिया की अंत्येष्टि- जयशंकर और अयाज सादिक की अप्रत्याशित हाथ मिलाई, मई 2025 संघर्ष के बाद पहला उच्च स्तरीय संपर्क

By Sukhmal Jain, Delhi

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की अंत्येष्टि के अवसर पर ढाका में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक से हाथ मिलाया और अभिवादन किया। यह मुलाकात खालिदा जिया की श्रद्धांजलि सभा से पहले अंतरराष्ट्रीय नेताओं की बैठक के दौरान हुई, जहां विभिन्न देशों के प्रतिनिधि एकत्रित थे। इस घटना ने क्षेत्रीय राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दिया है, क्योंकि यह मई 2025 के संघर्ष के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच उच्च स्तरीय संपर्क का पहला उदाहरण माना जा रहा है। खालिदा जिया, जो बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख थीं, का निधन लंबी बीमारी के बाद 30 दिसंबर 2025 को हुआ, और उनकी अंत्येष्टि 31 दिसंबर को ढाका में संपन्न हुई। इस अवसर पर कई देशों के नेता और प्रतिनिधि पहुंचे थे, जिनमें भारत और पाकिस्तान के अधिकारी भी शामिल थे।

एस जयशंकर भारत सरकार और जनता की ओर से खालिदा जिया की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए ढाका पहुंचे थे। उन्होंने वहां पहुंचते ही खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की और उन्हें भारत के प्रधानमंत्री की ओर से शोक संदेश सौंपा। इस मुलाकात की तस्वीरें जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं, जिसमें उन्होंने खालिदा जिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। हालांकि, जयशंकर ने अयाज सादिक से हुई मुलाकात का कोई जिक्र अपनी पोस्ट में नहीं किया। दूसरी ओर, पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीर साझा की, जिसमें दोनों नेता हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं। पोस्ट में कहा गया कि सरदार अयाज सादिक ने खालिदा जिया की अंत्येष्टि से पहले भारत के विदेश मंत्री से अभिवादन किया, और यह मई 2025 के संघर्ष के बाद भारत की ओर से उच्च स्तरीय संपर्क की पहली पहल थी।

इस घटना की चर्चा पाकिस्तान और बांग्लादेश के मीडिया में प्रमुखता से हुई है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक खालिदा जिया की अंत्येष्टि में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने पहुंचे थे। उन्होंने बांग्लादेश के संसद में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए, जहां जयशंकर ने खुद आगे बढ़कर अपना परिचय दिया और उनसे हाथ मिलाया। यह मुलाकात एक कमरे में हुई जहां दक्षिण एशियाई देशों के वरिष्ठ मंत्री और प्रतिनिधि अंत्येष्टि में भाग लेने के लिए एकत्रित थे। दोनों नेताओं के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई, लेकिन इसका कोई विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख ने इस मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें दोनों नेता मुस्कुराते हुए हाथ मिलाते दिख रहे हैं।

खालिदा जिया की अंत्येष्टि में हजारों लोग शामिल हुए, और इसे पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ संपन्न किया गया। खालिदा जिया को उनके पति और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास दफनाया गया। अंत्येष्टि से पहले नमाज-ए-जनाजा अदा की गई, जिसमें भावुक दृश्य देखने को मिले। खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और चार दशकों से अधिक समय तक देश की राजनीति में सक्रिय रहीं। उनके निधन पर दक्षिण एशिया और अन्य देशों से शोक संदेश आए। भारत के विदेश मंत्री की यात्रा को बांग्लादेश के साथ संबंधों को मजबूत करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, विशेष रूप से अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में आई खटास के संदर्भ में। जयशंकर ने तारिक रहमान से मुलाकात में भविष्य के सहयोग की बात की और खालिदा जिया के मूल्यों को बांग्लादेश-भारत संबंधों के लिए मार्गदर्शक बताया।

पाकिस्तान की ओर से अयाज सादिक की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण थी। उन्होंने खालिदा जिया के परिवार से मुलाकात की और शोक व्यक्त किया। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री ने पहले पुष्टि की थी कि अयाज सादिक अंत्येष्टि में शामिल होंगे। इस यात्रा के दौरान अयाज सादिक ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान से भी मुलाकात की। मुलाकात में उन्होंने खालिदा जिया के योगदान की सराहना की। यह घटना मई 2025 के संघर्ष के बाद पहली बार है जब भारत और पाकिस्तान के उच्चाधिकारियों ने एक-दूसरे से अभिवादन किया। संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन इस मुलाकात को एक सामान्य राजनयिक शिष्टाचार के रूप में देखा जा रहा है, जो किसी नीतिगत बदलाव का संकेत नहीं देता।

ढाका में हुई इस अंत्येष्टि में अन्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जैसे भूटान के विदेश मंत्री और श्रीलंका के विदेश मंत्री। सभी ने खालिदा जिया को श्रद्धांजलि दी। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने तीन दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया था। अंत्येष्टि स्थल पर लाखों लोग एकत्रित हुए, जो खालिदा जिया की लोकप्रियता का प्रमाण दर्शाते हैं। उनके निधन के बाद बांग्लादेश में फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों की तैयारी तेज हो गई है, और तारिक रहमान को अगला प्रधानमंत्री बनने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। जयशंकर की यात्रा चार घंटे की थी, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार से भी मुलाकात की।

इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, और पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने इसे उच्च स्तरीय संपर्क की शुरुआत के रूप में वर्णित किया। हालांकि, भारतीय पक्ष ने इसे प्रोटोकॉल से प्रेरित और सामान्य शिष्टाचार बताया। दोनों देशों के बीच यह संपर्क एक अंत्येष्टि के अवसर पर हुआ, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सकारात्मक संकेत दे सकता है। खालिदा जिया की मौत के बाद बांग्लादेश की राजनीति में बदलाव की उम्मीद की जा रही है, और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति इस बदलाव को वैश्विक महत्व प्रदान करती है। जयशंकर ने अपनी पोस्ट में खालिदा जिया के निधन पर भारत सरकार की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की और तारिक रहमान को प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत पत्र सौंपा।

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