'एड्रेस गलत है, सवाल सही है' – मंदिर-मस्जिद विवाद पर रिपोर्टर के सवाल का अमित शाह ने दिया करारा जवाब।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 दिसंबर 2025 को कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंदिर-मस्जिद की राजनीति से जुड़े एक सवाल पर तीखा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 दिसंबर 2025 को कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंदिर-मस्जिद की राजनीति से जुड़े एक सवाल पर तीखा जवाब दिया। एक रिपोर्टर ने पश्चिम बंगाल में मंदिर और मस्जिद के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सवाल पूछा। इस पर अमित शाह ने रिपोर्टर से कहा कि एड्रेस गलत है, लेकिन सवाल सही है। इसके बाद शाह ने पलटकर सवाल किया कि बंगाल में मंदिर और मस्जिद की राजनीति कौन कर रहा है। शाह ने इस मुद्दे को राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी पर केंद्रित करते हुए कहा कि ऐसे आरोप लगाने से पहले यह देखना चाहिए कि वास्तव में इस तरह की राजनीति कौन कर रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारी और राज्य में चल रही राजनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में आयोजित की गई थी। इस दौरान मंदिर-मस्जिद जैसे धार्मिक मुद्दों पर राजनीति करने के आरोप-प्रत्यारोप आम हो गए हैं। शाह ने रिपोर्टर के सवाल को गलत पते पर भेजा गया बताते हुए कहा कि सवाल तो सही है, लेकिन इसे सही व्यक्ति या पार्टी से पूछा जाना चाहिए।
इस जवाब से प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों का ध्यान इस ओर गया कि राज्य में धार्मिक आधार पर राजनीति करने का आरोप किस पर लगाया जा रहा है। अमित शाह की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बंगाल में भाजपा की चुनावी रणनीति और राज्य सरकार पर हमलों के संदर्भ में महत्वपूर्ण थी। रिपोर्टर का सवाल मंदिर-मस्जिद विवाद को राजनीतिक रूप से उपयोग करने से जुड़ा था, जिस पर शाह ने इसे उलटा करते हुए राज्य की स्थिति पर प्रकाश डाला। शाह ने कहा कि बंगाल में इस तरह की राजनीति की जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है। इस घटना ने राज्य की राजनीति में धार्मिक मुद्दों की भूमिका पर फिर से चर्चा शुरू कर दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाह ने अन्य मुद्दों पर भी बात की, लेकिन मंदिर-मस्जिद से जुड़े इस सवाल और जवाब ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। रिपोर्टर ने सवाल पूछते समय राज्य में धार्मिक स्थलों को लेकर राजनीतिक आरोप लगाए, जिस पर शाह ने एड्रेस गलत होने की बात कही। इसका मतलब था कि आरोप लगाने का पता गलत है, जबकि सवाल की प्रासंगिकता स्वीकार की गई।
शाह का यह जवाब राज्य में चल रही सांप्रदायिक राजनीति के आरोपों पर सीधा प्रहार था। प्रेस कॉन्फ्रेंस कोलकाता में हुई, जहां शाह भाजपा की चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान मंदिर और मस्जिद जैसे मुद्दे राज्य की राजनीति में गरमाए हुए हैं। शाह ने रिपोर्टर से कहा कि सवाल सही है, लेकिन इसे सही जगह पूछा जाना चाहिए। इस जवाब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को और रोचक बना दिया। राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक होने से धार्मिक मुद्दों पर बहस तेज हो गई है। शाह ने इस मौके पर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मंदिर-मस्जिद की राजनीति की असलियत देखी जानी चाहिए। रिपोर्टर का सवाल भाजपा पर केंद्रित था, लेकिन शाह ने इसे राज्य की अन्य पार्टियों की ओर मोड़ दिया। इस घटना की प्रेस कॉन्फ्रेंस 30 दिसंबर 2025 को हुई। शाह का जवाब छोटा लेकिन प्रभावी था, जिसमें एड्रेस गलत और सवाल सही की बात कही गई। इसने राजनीतिक बहस को नई दिशा दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अन्य सवाल भी पूछे गए, लेकिन यह सवाल और जवाब प्रमुख रहा।
शाह ने बंगाल में धार्मिक राजनीति करने वालों पर सवाल उठाया। रिपोर्टर ने मंदिर-मस्जिद की राजनीति का जिक्र किया। शाह ने पलटकर पूछा कि यह राजनीति कौन कर रहा है। यह जवाब राज्य की राजनीतिक स्थिति पर केंद्रित था। प्रेस कॉन्फ्रेंस भाजपा की बंगाल रणनीति का हिस्सा थी। धार्मिक मुद्दे राज्य चुनावों में महत्वपूर्ण हैं। शाह का जवाब आरोपों का जवाब था। एड्रेस गलत का मतलब आरोप गलत जगह लग रहे हैं। सवाल सही का मतलब मुद्दा प्रासंगिक है। यह घटना 2025 के अंत में हुई। शाह कोलकाता में थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मुद्दे उठे। मंदिर-मस्जिद वाला सवाल विशेष था। शाह ने इसे हैंडल करते हुए पलटवार किया।
राज्य में सांप्रदायिक मुद्दे गरम हैं। शाह का जवाब इस बहस का हिस्सा बना। रिपोर्टर का सवाल सामान्य था। जवाब ने इसे अलग बना दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस का यह हिस्सा चर्चा में रहा। शाह ने राज्य में राजनीति करने वालों पर सवाल उठाया। यह जवाब संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट था। बंगाल में चुनावी माहौल है। धार्मिक मुद्दे इसमें शामिल हैं। शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस इसी संदर्भ में थी। रिपोर्टर ने आरोप लगाया। शाह ने एड्रेस गलत कहा। सवाल को सही माना। पलटकर सवाल किया। कौन कर रहा है यह राजनीति। यह जवाब प्रभावी रहा। प्रेस कॉन्फ्रेंस 30 दिसंबर को हुई। नए साल से पहले यह घटना हुई। राज्य राजनीति में यह महत्वपूर्ण रहा। शाह का जवाब आरोपों का खंडन था। मंदिर-मस्जिद बहस जारी है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उसका हिस्सा थी।
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