अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष: गरीबों व जरुरतमंदों को निःशुल्क चिकित्सा व दवाइयां मुहैया कराती हैं डॉ. ज्योति सिंह
उन्होंने आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी। शहर के लक्ष्मी नर्सिंग होम में डॉ. ज्योति सिंह (Dr. Jyoti Singh) के निर्देशन में..
Reported By: Vijay Laxmi Singh(Editor-In-Chief)
Edited By: Saurabh Singh
Internation Women's Day.
कभी है बेटी, कभी है मां, कभी बहन तो कभी दुल्हन की शान। हर रूप में प्रेम बरसाती, अपनों के लिए हर दुख सह जाती। अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस को मजबूती देने वाली उन महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करना और उनके त्याग को समाज के लिए प्रेरणा रूप में प्रदर्शित करना भी एक अलख जगाने से कम नहीं है।
आज हम आपको बताने जा रहे हैं हरदोई जिले की एक ऐसी ही महिला डॉक्टर डॉ. ज्योति सिंह (Dr. Jyoti Singh) के जीवन के बारे में, जिनके द्वारा चिकित्सा सम्बन्धी विशिष्ट शिक्षा प्राप्त करने के बाद स्वयं को दूसरों को समर्पित कर देना अपने आप में अप्रतिम पन्नों को गढ़ता है।
सोशल मीडिया पर न जाने कितने लोगों को वायरल करके उन्हें फेमस करने का ट्रेंड चल रहा है, इनमें से कुछ लोग दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं जबकि ज्यादातर लोगों को सिर्फ लाइक्स और कमेंट्स के लिए ही वायरल किया जाता है। वायरल रील्स और दूषित सोशल प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी प्रतिभाशाली महिलाओं को समाज के बीच वह अटेंशन और सम्मान नहीं मिल पाता, जिसकी वे हकदार हैं।
शहर में लक्ष्मी नर्सिंग होम की स्थापना करने वाली डॉ. ज्योति सिंह (Dr. Jyoti Singh) ने अपनी चिकित्सा शिक्षा पूर्ण करने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने की ठानी।
उन्होंने आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी। शहर के लक्ष्मी नर्सिंग होम में डॉ. ज्योति सिंह (Dr. Jyoti Singh) के निर्देशन में नर्सिंग होम में आपातकालीन सेवाओं से लेकर सामान्य चिकित्सा, सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल चिकित्सा, और अन्य विशेष चिकित्सा सेवाएं मुहैया करायी जा रही हैं।
इससे विरत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों व जरुरतमंदों को आवश्यक चिकित्सीय नि:शुल्क सेवाओं का लाभ देने का काम भी उनके स्टाफ द्वारा किया जाता है। वे अपनी सफलता का श्रेय वो अपने दिवंगत श्वसुर डा. डीपी सिंह एवं अपने पति डा. संजय सिंह को भी देती हैं। स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से वे समुदाय को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित करती हैं।
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