सड़क में भ्रष्टाचार का काला खेल: 50 लाख की सड़क 20 मिनट की बारिश में ढही, जनप्रतिनिधि-ठेकेदार सब बेखबर, जनता भुगत रही सजा।
MP News: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की नगर परिषद आठनेर में भ्रष्टाचार की एक और परत खुल गई है। कायाकल्प योजना के तहत बने डामर रोड का सच सामने है—पचास लाख की लागत से बनाई गई सड़क
- सड़क में भ्रष्टाचार का काला खेल – पचास लाख की सड़क 20 मिनट की बारिश भी नही सह पाई,खराब ड्रेनेज सिस्टम का नतीजा जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसर भी इस खेल में भागीदार,समय रहते शिकायत होने में बावजूद भी न ठेकेदार ने सुनी न किसी जनप्रतिनिधि ने, नेता प्रतिपक्ष ने उठाई थी आवाज,जनता भुगत रही खामियाजा
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की नगर परिषद आठनेर में भ्रष्टाचार की एक और परत खुल गई है। कायाकल्प योजना के तहत बने डामर रोड का सच सामने है—पचास लाख की लागत से बनाई गई सड़क सिर्फ बीस मिनट की बारिश में बह गई।वार्ड क्रमांक 14 में कृष्णा आजाद से लेकर रामजी राठौर के मकान तक बनाई गई ये सड़क भ्रष्टाचार की पर्याय बन चुकी है। सिर्फ यही नहीं, नगर के कई वार्डों में जगह - जगह गड्ढे और उखड़े डामर नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।ठेकेदार और परिषद इंजीनियर की मिलीभगत ने नगर की जनता को परेशानी में डाल दिया है।
वार्ड की पार्षद सारिका माथनकर ने समय रहते विरोध भी जताया, लेकिन ठेकेदार और परिषद की जुगलबंदी ने उनकी आवाज को दबा दिया।आज स्थिति यह है कि नगर की जनता साफ समझ चुकी है—इस खेल में ठेकेदार अकेला दोषी नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मिलीभगत भी बराबर की जिम्मेदार है। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक जनप्रतिनिधि इस भ्रष्टाचार को सहते रहेंगे? कब तक नगर विकास के नाम पर जनता के पैसों का खेल खेला जाएगा?नगर परिषद इंजीनियर से सवाल पूछे गए, लेकिन जवाब गोलमोल ही मिला। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की आंखों के सामने ये घटिया काम आखिर कैसे हो गए?
बड़ा सवाल :-नगर की जनता पूछ रही है—ठेकेदार कब कटघरे में खड़ा होगा और जनप्रतिनिधि कब जिम्मेदारी लेंगे?
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