पाकिस्तान में बैठा हैंडलर भेजता था गूगल लोकेशन, रेलवे ट्रैक को उड़ाने और शोरूम्स में आगजनी की थी साजिश।

उत्तर प्रदेश में शांति भंग करने और बड़े पैमाने पर आर्थिक व जनहानि पहुंचाने के उद्देश्य से सक्रिय इस मॉड्यूल का खुलासा एटीएस ने शनिवार

Apr 6, 2026 - 14:25
 0  7
पाकिस्तान में बैठा हैंडलर भेजता था गूगल लोकेशन, रेलवे ट्रैक को उड़ाने और शोरूम्स में आगजनी की थी साजिश।
पाकिस्तान में बैठा हैंडलर भेजता था गूगल लोकेशन, रेलवे ट्रैक को उड़ाने और शोरूम्स में आगजनी की थी साजिश।
  • यूपी एटीएस ने बेनकाब किया आईएसआई का नया मॉड्यूल, मेरठ और नोएडा से चार संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार
  • रेलवे ट्रैक को उड़ाने और शोरूम्स में आगजनी की थी साजिश, आतंकियों के फोन से मिलीं टारगेट लोकेशन्स
  • पाकिस्तान में बैठा हैंडलर भेजता था गूगल लोकेशन, साकिब उर्फ 'डेविल' के जरिए रची गई तबाही की योजना

उत्तर प्रदेश में शांति भंग करने और बड़े पैमाने पर आर्थिक व जनहानि पहुंचाने के उद्देश्य से सक्रिय इस मॉड्यूल का खुलासा एटीएस ने शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को किया। गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान मेरठ निवासी साकिब उर्फ 'डेविल' और अरबाज, तथा गौतम बुद्ध नगर निवासी विकास गहलावत उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित के रूप में हुई है। इन चारों को उस समय दबोचा गया जब वे लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी (निगरानी) कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि इस गैंग का मास्टरमाइंड साकिब है, जो एक पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे संपर्क में था और उसे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए विदेशों से फंडिंग मिल रही थी।

आतंकियों के निशाने पर उत्तर प्रदेश का रेलवे नेटवर्क सबसे ऊपर था। पूछताछ में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ये संदिग्ध लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास एक रेलवे सिग्नल बॉक्स को आग लगाने या उड़ाने की योजना बना रहे थे। उनका मुख्य उद्देश्य रेल यातायात को बाधित करना और संभवतः किसी बड़ी रेल दुर्घटना को अंजाम देना था, जिससे व्यापक जान-माल का नुकसान हो। इसके अलावा, इन आतंकियों ने रेलवे ट्रैक की भी रेकी की थी ताकि वहां आईईडी (IED) या ज्वलनशील रसायनों का उपयोग कर तबाही मचाई जा सके। एटीएस को उनके पास से रसायनों से भरा एक कैन और कट्टरपंथी विचारधारा से संबंधित पंपलेट्स भी बरामद हुए हैं।

जांच एजेंसियों को संदिग्धों के मोबाइल फोन खंगालने पर कई ऐसे वीडियो और फोटो मिले हैं, जो सीधे तौर पर उनकी साजिश की गंभीरता को दर्शाते हैं। पाकिस्तानी हैंडलर इन आतंकियों को टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए गूगल लोकेशन की स्क्रीन रिकॉर्डिंग्स भेजता था। इन लोकेशन्स के आधार पर आतंकी संबंधित जगहों पर जाकर उनकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करते थे और वापस पाकिस्तान भेजते थे। इस मॉड्यूल ने लखनऊ, मेरठ और गाजियाबाद के कई नामी ऑटोमोबाइल शोरूम्स और भीड़भाड़ वाले बाजारों की विस्तृत रेकी की थी। उनका इरादा इन शोरूम्स में आगजनी कर करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाना और आम जनता के बीच दहशत फैलाना था।

  • गैस सिलेंडर वाले ट्रकों पर भी थी नजर

आतंकियों की साजिश केवल इमारतों तक सीमित नहीं थी; वे गैस सिलेंडर ले जाने वाले ट्रकों को भी निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। उनकी योजना सड़क पर चलते इन ट्रकों में धमाका करने या आग लगाने की थी, ताकि एक साथ कई विस्फोट हों और भारी संख्या में लोग हताहत हों। यह 'लोन वुल्फ' और 'इकोनॉमिक टेररिज्म' का एक खतरनाक मिश्रण था, जिसे एटीएस ने सक्रियता दिखाकर विफल कर दिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के रेडिकलाइजेशन (कट्टरपंथ) की कहानी भी बेहद चौंकाने वाली है। मुख्य आरोपी साकिब, जो पेशे से एक नाई (Barber) है, ने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिन्हें देखकर लोकेश और विकास उससे जुड़े थे। पाकिस्तानी हैंडलर ने इन युवाओं को उकसाने के लिए ओसामा बिन लादेन और फरहतुल्लाह गोरी जैसे कुख्यात आतंकवादियों के भाषणों और गजवा-ए-हिंद जैसी विचारधारा का सहारा लिया। उन्हें यह यकीन दिलाया गया था कि वे एक 'पवित्र युद्ध' का हिस्सा हैं। एटीएस के अनुसार, साकिब को विदेशों से बड़ी मात्रा में धन प्राप्त हुआ था, जिसे उसने इस मॉड्यूल के विस्तार और ऑपरेशन के लिए अन्य सदस्यों में वितरित किया था।

एटीएस की इस कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में 'हाइब्रिड सुरक्षा' मॉडल लागू किया गया है। पुलिस संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन तलाशी ले रही है। एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि यह मॉड्यूल न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर बल्कि कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिक हस्तियों की भी रेकी कर रहा था। फिलहाल, चारों आरोपियों को विशेष एनआईए-एटीएस कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि उनके पूरे नेटवर्क और संभावित सहयोगियों का पता लगाया जा सके।

Also Read- अयोध्या में दिनदहाड़े सर्राफा दुकान में लूट, नकाबपोश महिला ने ज्वेलर्स पर बोला धावा, इलाके में मची अफरा-तफरी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।