अयोध्या में दिनदहाड़े सर्राफा दुकान में लूट, नकाबपोश महिला ने ज्वेलर्स पर बोला धावा, इलाके में मची अफरा-तफरी।
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या के रुदौली थाना क्षेत्र में गुरुवार को अपराध की एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने स्थानीय व्यापारियों
- ग्राहक बनकर आई महिला ने की लाखों के जेवरात पर हाथ साफ, रुदौली थाना क्षेत्र के कोठी मोहल्ले में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
- सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी अयोध्या पुलिस, नकाबपोश लुटेरी महिला की तलाश में जगह-जगह नाकेबंदी और सघन चेकिंग शुरू
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या के रुदौली थाना क्षेत्र में गुरुवार को अपराध की एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने स्थानीय व्यापारियों और निवासियों को हिलाकर रख दिया है। कोठी मोहल्ला स्थित 'महेश ज्वेलर्स' नामक प्रसिद्ध सर्राफा दुकान में दोपहर के समय एक अज्ञात नकाबपोश महिला ने बड़ी ही चतुराई से लूट की वारदात को अंजाम दिया। यह घटना उस समय हुई जब बाजार में सामान्य चहल-पहल थी और दुकान के कर्मचारी अपने नियमित कार्यों में व्यस्त थे। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है और व्यापारियों के बीच अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। घटना के तुरंत बाद पूरे रुदौली क्षेत्र में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया और स्थानीय पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँच गए।
वारदात का समय दोपहर करीब 12:30 बजे बताया जा रहा है, जब एक महिला दुकान के भीतर दाखिल हुई। उसने अपने चेहरे को नकाब से ढक रखा था, जिसे सामान्यतः धूप या धूल से बचाव का तरीका माना गया और किसी ने उस पर संदेह नहीं किया। वह एक सामान्य ग्राहक की तरह काउंटर पर बैठी और उसने सोने के हार और चेन दिखाने का अनुरोध किया। दुकानदार ने उसे कई तरह के डिजाइन दिखाए, जिन्हें वह काफी देर तक बारीकी से देखती रही। इस दौरान उसने सेल्समैन को अपनी बातों में उलझाए रखा और विश्वास हासिल करने की कोशिश की कि वह वास्तव में खरीदारी करने के उद्देश्य से आई है। उसकी सहजता और बातचीत के ढंग ने किसी को भी अनहोनी का आभास नहीं होने दिया।
शातिर महिला का 'क्राइम मोड'
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने पहले कम कीमत के जेवर देखे और फिर धीरे-धीरे भारी वजन के सेट दिखाने की मांग की। उसने दुकान के सुरक्षा मानकों का जायजा लिया और जैसे ही उसे लगा कि दुकानदारों का ध्यान थोड़ा भटका है, उसने अपनी योजना को क्रियान्वित कर दिया। महिला ने बिजली की तेजी से कीमती आभूषणों को अपने पास छिपाया और वहां से निकलने में सफल रही।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि महिला ने पूरी वारदात को बहुत ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया। जैसे ही उसने कुछ कीमती हार और सोने की चेन अपनी पसंद की बताईं, उसने मौका पाकर उन्हें अपने कपड़ों के भीतर या बैग में छिपा लिया। दुकानदार को इस हेराफेरी का पता तब तक नहीं चला जब तक कि महिला दुकान से बाहर नहीं निकल गई। जब स्टॉक का मिलान किया गया और कुछ डिब्बे खाली पाए गए, तब जाकर लूट का अहसास हुआ। आनन-फानन में दुकानदार और कर्मचारियों ने बाहर निकलकर उसे ढूंढने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह भीड़भाड़ वाली गलियों का फायदा उठाकर गायब हो चुकी थी।
अयोध्या पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया है। दुकान के भीतर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले लिया गया है। फुटेज के प्रारंभिक विश्लेषण से पता चलता है कि महिला ने न केवल चेहरा ढका हुआ था, बल्कि उसने हाथों में दस्ताने भी पहन रखे थे ताकि उसके फिंगरप्रिंट्स कहीं न छूटें। पुलिस अब आसपास के रास्तों पर लगे अन्य कैमरों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह महिला पैदल आई थी या उसका कोई साथी बाहर किसी वाहन के साथ उसका इंतजार कर रहा था। पुलिस अधीक्षक ने रुदौली थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
व्यापारिक संगठनों ने इस घटना के विरोध में अपनी नाराजगी व्यक्त की है। व्यापारियों का कहना है कि अयोध्या जैसे महत्वपूर्ण जिले में, जहाँ सुरक्षा के कड़े प्रबंध होने चाहिए, वहां एक महिला द्वारा इस तरह की वारदात को अंजाम देना पुलिस गश्त पर सवालिया निशान लगाता है। कोठी मोहल्ला एक व्यस्त व्यापारिक केंद्र है और यहाँ दोपहर के समय ऐसी घटना होना अपराधियों के बुलंद हौसलों को दर्शाता है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपी महिला की पहचान कर उसे गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे विरोध स्वरूप बाजार बंद करने पर विचार करेंगे। पुलिस ने व्यापारियों को शांत करने के लिए आश्वासन दिया है कि उनकी टीमें पूरी सक्रियता से काम कर रही हैं।
वर्तमान में, अयोध्या पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें इस मामले को सुलझाने के लिए गठित की गई हैं। सर्विलांस सेल की मदद से क्षेत्र के सक्रिय मोबाइल टावरों का डेटा निकाला जा रहा है ताकि संदिग्ध नंबरों की पहचान की जा सके। इसके अलावा, पुलिस उन महिलाओं के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है जो पूर्व में चोरी या लूट की घटनाओं में शामिल रही हैं। नकाबपोश महिला की कद-काठी और उसके चलने के अंदाज के आधार पर हुलिया तैयार कर उसे जिले के सभी थानों और पड़ोसी जिलों की पुलिस को साझा कर दिया गया है। पुलिस का मानना है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम हो सकता है जो महिलाओं का उपयोग करके ऐसी वारदातों को अंजाम देता है।
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