हरदोई में सज चुका है विकास का मंच, कुछ ही देर में 'हरिशंकरी' रोपण के साथ गंगा एक्सप्रेसवे की सौगात देंगे प्रधानमंत्री मोदी
कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। सैकड़ों की संख्या में आईएएस और आईपीएस अधिकारी सुरक्षा की कमान संभाले हुए हैं। प्रधानमंत्री के निर्धारित समय 11:15 बजे से 12:50 बजे के बीच रहने वाले प्रवास को देखते
- यूपी की कैबिनेट और दो लाख की भीड़ के बीच मचेगा जयघोष: 36,230 करोड़ की ऐतिहासिक परियोजना के लोकार्पण की घड़ी आई करीब
- सुरक्षा के अभेद्य घेरे में मल्लावां: प्रधानमंत्री के आगमन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाला मोर्चा, मंत्रियों का जमावड़ा शुरू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेसवे के ऐतिहासिक लोकार्पण के लिए पहुंचने वाले हैं। मल्लावां (बिलग्राम) स्थित कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं और कुछ ही देर में प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर लैंड करेगा। इस भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले से ही मौजूद हैं, जो आयोजन की कमान संभाले हुए हैं। राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ-साथ पूरी कैबिनेट हरदोई की धरती पर प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए तैयार खड़ी है। यह लोकार्पण समारोह उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रहा है, जो राज्य की आर्थिक और भौगोलिक स्थिति को पूरी तरह से बदल कर रख देगा।
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण और आस्था के एक बेहद खूबसूरत संगम से होगी। मंच पर जाने से पहले प्रधानमंत्री 'हरिशंकरी' के पौधों का रोपण करेंगे, जिसके माध्यम से वे पूरे देश को प्रकृति के संरक्षण का संदेश देंगे। हरिशंकरी वास्तव में तीन पवित्र वृक्षों पीपल, बरगद और पाकड़ का एक दुर्लभ और आध्यात्मिक संगम है। हिंदू धर्म में इन तीनों पेड़ों के एक साथ रोपण को 'हरि' (विष्णु) और 'शंकर' (शिव) के वास के रूप में अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस पौधरोपण के बाद प्रधानमंत्री वहां लगाए गए विभिन्न विभागों के प्रदर्शनी स्टॉल्स का अवलोकन करेंगे, जहाँ एक्सप्रेसवे के निर्माण और उसके भविष्य के लाभों से जुड़ी तकनीकी जानकारियां प्रदर्शित की गई हैं। गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसकी कुल लागत 36,230 करोड़ रुपये है। 594 किलोमीटर लंबा यह छह लेन का एक्सप्रेसवे मेरठ को सीधे प्रयागराज से जोड़ता है। यह मार्ग प्रदेश के 12 महत्वपूर्ण जिलों और लगभग 519 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरता है। प्रधानमंत्री के हाथों इस लोकार्पण के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से संगम नगरी प्रयागराज की दूरी मात्र 6 से 7 घंटे में पूरी की जा सकेगी। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा सुगम बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को औद्योगिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग साबित होगा, क्योंकि इसकी पूरी लंबाई में 12 एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
हरिशंकरी: प्रकृति और आस्था का त्रिवेणी संगम
प्रधानमंत्री द्वारा रोपित किया जाने वाला हरिशंकरी समूह धार्मिक और पर्यावरणीय रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें पीपल, बरगद और पाकड़ के पौधे एक साथ लगाए जाते हैं। ये तीनों वृक्ष दुनिया में सबसे अधिक ऑक्सीजन प्रदान करने वाले माने जाते हैं। ग्रामीण परिवेश में इन्हें सुख, समृद्धि और शीतलता का प्रतीक मानकर पूजा जाता है।
कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। सैकड़ों की संख्या में आईएएस और आईपीएस अधिकारी सुरक्षा की कमान संभाले हुए हैं। प्रधानमंत्री के निर्धारित समय 11:15 बजे से 12:50 बजे के बीच रहने वाले प्रवास को देखते हुए हरदोई के मल्लावां कट की ओर जाने वाली चारों दिशाओं की सड़कों पर भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है। कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमले के हजारों कर्मचारी कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए तैनात हैं। भारी जनसैलाब को देखते हुए सुरक्षा घेरे को कई परतों में विभाजित किया गया है, ताकि प्रधानमंत्री के आगमन और संबोधन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। हरदोई के इस मंच पर सत्ता का बड़ा केंद्र नजर आ रहा है। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी, जितिन प्रसाद और राकेश सचान जैसे दिग्गज नेता मंच की शोभा बढ़ा रहे हैं। इनके साथ ही राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, नरेंद्र कश्यप, जसवंत सैनी, रजनी तिवारी और जेपीएस राठौर भी मौजूद हैं। हरदोई के सभी आठ विधायक, दो सांसद और एमएलसी अपनी जनता के साथ प्रधानमंत्री का अभिनंदन करने के लिए प्रतीक्षारत हैं। यह सामूहिक उपस्थिति दर्शाती है कि यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की साझा प्रगति का एक सशक्त संकल्प है।
भीषण गर्मी को चुनौती देने के लिए जनसभा स्थल पर आधुनिक सुविधाओं का जाल बिछाया गया है। करीब दो लाख लोगों की संभावित भीड़ के लिए 700 कूलर और 2000 से अधिक पंखे लगाए गए हैं। मंच के पास और पंडाल के विभिन्न हिस्सों में 30 बड़ी एलईडी स्क्रीन स्थापित की गई हैं, ताकि अंतिम कतार में खड़ा व्यक्ति भी प्रधानमंत्री को हरिशंकरी का पौधा लगाते और फीता काटते हुए लाइव देख सके। पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं तैयारियों का मुआयना करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भीषण तापमान के बावजूद किसी भी नागरिक को परेशानी नहीं होनी चाहिए। लोकार्पण के पश्चात प्रधानमंत्री मोदी जनसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें वे उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रोडमैप पर चर्चा कर सकते हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के साथ जुड़ी शाहजहांपुर की हवाई पट्टी और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं इसे भविष्य का हाईवे बनाती हैं। लोकार्पण के इस ऐतिहासिक क्षण के बाद, उत्तर प्रदेश के 12 जनपदों के आर्थिक भाग्य का उदय होने जा रहा है। जैसे ही प्रधानमंत्री का विमान हरदोई की धरती को स्पर्श करेगा, वैसे ही विकास की एक नई धारा बहने लगेगी, जो पूरे भारत के लिए प्रगति का एक मॉडल पेश करेगी।
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