उत्तर प्रदेश अब बीमारू नहीं, मैन्युफैक्चरिंग हब है- पीएम मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का किया उद्घाटन
पीएम मोदी ने पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि अब वह दौर चला गया है जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि पहले केवल चुनाव जीतने के लिए पत्थर लगा दिए जाते थे और फिर फाइलें वर्षों
- गंगा एक्सप्रेसवे का भव्य लोकार्पण: उत्तर प्रदेश के स्वर्णिम अध्याय की नई शुरुआत
- मेरठ से प्रयागराज तक विकास की नई 'लाइफलाइन', 594 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन
- सपा और विपक्ष पर बरसे पीएम मोदी: बोले- परिवारवाद और जातिवाद ने यूपी को वर्षों पीछे धकेला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई जिले में आज उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे न केवल उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा कॉरिडोर है, बल्कि यह भविष्य में दिल्ली और हरिद्वार जैसे प्रमुख केंद्रों को भी प्रयागराज से सुगम तरीके से जोड़ेगा। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास की नई 'लाइफलाइन' बनेगा। इस कॉरिडोर के माध्यम से मेरठ और प्रयागराज के बीच का लंबा सफर, जिसमें पहले घंटों लग जाते थे, अब मात्र 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। यह बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है जो प्रदेश के 12 जनपदों के करोड़ों लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे एक नज़र में
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कुल लंबाई: 594 किलोमीटर
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शामिल जिले: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज।
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मुख्य लाभ: पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश की सीधी कनेक्टिविटी।
वैश्विक चुनौतियां और भारत की अडिग विकास यात्रा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया युद्ध, अशांति और आर्थिक अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। बड़े-बड़े विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाएं डगमगा रही हैं, लेकिन भारत अपनी विकास की रफ्तार को बरकरार रखे हुए है। उन्होंने कहा कि भारत के दुश्मनों को देश की यह प्रगति पसंद नहीं आ रही है और कुछ लोग सत्ता की भूख में देश की छवि को नीचा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बावजूद, सरकार आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रही है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी विजन का एक हिस्सा है, जो भारत को वैश्विक मंच पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
पुरानी कार्यसंस्कृति पर प्रहार, अब घोषणा नहीं, काम होता है
पीएम मोदी ने पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि अब वह दौर चला गया है जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि पहले केवल चुनाव जीतने के लिए पत्थर लगा दिए जाते थे और फिर फाइलें वर्षों तक सरकारी दफ्तरों में धूल फांकती रहती थीं।
डबल इंजन सरकार की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब शिलान्यास भी समय पर होता है और उसका लोकार्पण भी तय समय के भीतर ही सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए कहा कि ये आधुनिक एक्सप्रेसवे वास्तव में विकसित होते भारत की 'हस्तरेखाएं' हैं, जो देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत दे रही हैं।
कनेक्टिविटी और एनसीआर का लाभ
यह एक्सप्रेसवे एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) की औद्योगिक संभावनाओं को उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के करीब लाएगा। इससे छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और परिवहन लागत में भारी कमी आएगी।
आत्मनिर्भर प्रदेश की परिकल्पना
गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना का समापन नहीं है, बल्कि यह एक नए और सशक्त उत्तर प्रदेश के उदय का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मार्ग प्रदेश के हर घर में समृद्धि लाएगा और इसे देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करेगा। उनके अनुसार, ये सड़कें केवल सफर कम नहीं करतीं, बल्कि विकास के नए द्वार खोलती हैं। गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ते हुए एक ऐसी श्रृंखला तैयार कर रहा है, जो आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। प्रधानमंत्री ने जनता का आह्वान किया कि वे विकास की इस निरंतरता को बनाए रखने में सहयोग दें।
विपक्ष का नारी विरोधी चेहरा और आरक्षण का मुद्दा
प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी और विपक्षी गठबंधन पर 'नारी विरोधी' होने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का जिक्र करते हुए कहा कि यदि यह संशोधन पारित हो जाता, तो 2029 के चुनावों से ही महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो जाता। पीएम ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं चुनकर सदन पहुंचतीं, लेकिन सपा जैसे दलों ने इस संशोधन के खिलाफ मतदान किया।
उन्होंने जनता को आगाह किया कि जो दल महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ खड़े हैं, वे कभी प्रदेश का भला नहीं कर सकते। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बीमारू राज्य से एक ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर
उत्तर प्रदेश की बदलती छवि पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले इस प्रदेश को 'पिछड़ा' और 'बीमारू' कहा जाता था। लेकिन आज उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के पास असीम युवा शक्ति है और इस क्षमता का उपयोग यूपी को एक 'मैन्युफैक्चरिंग हब' बनाने के लिए किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना न केवल कृषि उत्पादों के परिवहन को आसान बनाएगी बल्कि पर्यटन क्षेत्र, विशेषकर प्रयागराज के कुंभ क्षेत्र को भी नई गति प्रदान करेगी।
चुनावी जीत का आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री ने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने विकास पर भरोसा जताया है। उन्होंने आगामी पांच राज्यों के चुनावों में भी भाजपा की जीत की हैट्रिक का दावा किया।
लोकतंत्र का उत्सव- बंगाल में निर्भीक मतदान
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदान का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल में दशकों बाद पहली बार लोग बिना किसी डर के, स्वतंत्र माहौल में मतदान कर रहे हैं। उन्होंने इसे संविधान और लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया। पीएम ने कहा कि जब जनता जागरूक होती है और भयमुक्त होकर अपनी सरकार चुनती है, तभी विकास की सही नींव रखी जाती है। उन्होंने बंगाल की जनता का आभार व्यक्त किया कि वे बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकलकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जो कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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