उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मॉर्निंग वॉक में भैंस का दूध दुहा, बिदकने पर समर्थकों ने चुप कराया। 

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना बुधवार सुबह कानपुर देहात के नरवल क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले। इस दौरान वे कई गांवों से गुजरे

By INA News Desk
Jan 8, 2026 - 16:24
47 Views
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मॉर्निंग वॉक में भैंस का दूध दुहा, बिदकने पर समर्थकों ने चुप कराया। 
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मॉर्निंग वॉक में भैंस का दूध दुहा, बिदकने पर समर्थकों ने चुप कराया। 
Advertisement
Advertisement

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना बुधवार सुबह कानपुर देहात के नरवल क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले। इस दौरान वे कई गांवों से गुजरे, जिसमें सलेमपुर, नारायणपुर और आसपास के इलाके शामिल थे। वे ग्रामीणों से मिले, उनकी समस्याएं सुनीं और विकास कार्यों की समीक्षा की। इसी क्रम में नरवल क्षेत्र में एक किसान राम सिंह यादव अपनी भैंस का दूध दुह रहे थे। सतीश महाना वहां रुक गए और मजाकिया अंदाज में किसान से कहा कि आज वे खुद दूध दुहने की कोशिश करेंगे। किसान ने खुशी-खुशी बाल्टी थमा दी। सतीश महाना बाल्टी लेकर भैंस के पास बैठ गए और दूध दुहना शुरू किया। जैसे ही वे दूध दुहने लगे, भैंस बिदक गई और असहज हो गई। इस बीच वहां जमा उत्साहित समर्थक और ग्रामीण नारेबाजी करने लगे तथा हंसने लगे। भैंस के बिदकने और शोर बढ़ने को देखते हुए सतीश महाना ने समर्थकों को डांटकर चुप कराया और कहा कि शांत रहें। इसके बाद उन्होंने भैंस को पुचकारा, सहलाया और आराम से दूध दुहा। दूध निकालने के बाद उन्होंने गिलास मंगवाया और ताजा दूध पी लिया। इस पूरी घटना का वीडियो मौजूद है, जिसमें यह क्रम स्पष्ट दिखाई देता है।

मॉर्निंग वॉक के दौरान सतीश महाना ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। वे सलेमपुर और नारायणपुर गांवों में पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। इनमें सड़कें, स्ट्रीट लाइटें और अन्य विकास संबंधी मांगें शामिल थीं। सतीश महाना ने मौके पर ही कई कार्यों की मंजूरी दी, जिसमें सीसी रोड निर्माण और स्ट्रीट लाइटें लगवाने के निर्देश शामिल थे। वे पैदल चलते हुए गांवों का दौरा कर रहे थे और लोगों से बातचीत करते जा रहे थे। भैंस दूध दुहने की घटना इसी संवाद का हिस्सा बनी। किसान राम सिंह यादव के साथ यह घटना हुई, जहां सतीश महाना ने ग्रामीण जीवन से जुड़ाव दिखाया। भैंस के बिदकने का कारण शुरुआती शोर और नई व्यक्ति की मौजूदगी बताया जा रहा है। सतीश महाना ने शांतिपूर्वक स्थिति संभाली और दूध दुहकर प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उन्होंने दूध पीकर अनुभव साझा किया। यह घटना मॉर्निंग वॉक के दौरान की है, जब वे महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र के गांवों में थे।

इस घटना के अलावा मॉर्निंग वॉक में सतीश महाना ने अन्य ग्रामीणों से भी मुलाकात की। वे पैदल चलकर विभिन्न जगहों पर रुके और लोगों की बात सुनी। विकास कार्यों की सौगात देने के साथ ही उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर ध्यान दिया। भैंस दूध दुहने का प्रसंग मजाकिया अंदाज में शुरू हुआ, लेकिन भैंस के बिदकने पर गंभीरता से संभाला गया। समर्थकों की नारेबाजी और उत्साह को देखते हुए उन्होंने तुरंत उन्हें चुप कराया ताकि भैंस शांत रहे। पुचकारने के बाद भैंस सामान्य हो गई और दूध निकलने लगा। बाल्टी में दूध भरने के बाद गिलास में डालकर सतीश महाना ने इसे पिया। यह पूरी प्रक्रिया ग्रामीणों के बीच हुई और वहां मौजूद लोग इसे देखते रहे। घटना नरवल क्षेत्र की है, जहां किसान अपनी भैंस का दूध दुह रहा था। सतीश महाना की यह मॉर्निंग वॉक नियमित रूप से होती है, जिसमें वे जनता से जुड़ते हैं।

भैंस दूध दुहने की यह घटना कानपुर के ग्रामीण इलाके में हुई। सतीश महाना सुबह-सुबह गांवों में पहुंचे और पैदल घूमते हुए लोगों से मिले। किसान को दूध दुहते देखकर उन्होंने खुद करने की इच्छा जताई। बाल्टी लेकर बैठते ही भैंस ने प्रतिक्रिया दी और बिदक गई। उत्साहित लोग नारेबाजी करने लगे, जिससे स्थिति और असहज हो गई। सतीश महाना ने तुरंत हस्तक्षेप किया और समर्थकों को डांटते हुए शांत रहने को कहा। इसके बाद उन्होंने भैंस को सहलाया और धीरे-धीरे दूध निकाला। दूध निकलने के बाद उन्होंने इसे पीकर संतुष्टि व्यक्त की। यह प्रसंग ग्रामीण जीवन और पशुपालन से जुड़ाव को दर्शाता है। मॉर्निंग वॉक के दौरान दी गई विकास कार्यों की मंजूरी में रोड और लाइटें प्रमुख थीं। गांवों में लोगों ने समस्याएं रखीं, जिन पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। किसान राम सिंह यादव की भैंस के साथ यह हुआ। भैंस के बिदकने पर समर्थकों की नारेबाजी रुकवाकर उन्होंने स्थिति संभाली। पुचकारकर दूध दुहा और ताजा दूध पिया। वॉक में गांवों का दौरा, समस्याएं सुनना और विकास कार्यों की मंजूरी भी शामिल रही। यह सब कानपुर के नरवल, सलेमपुर और नारायणपुर जैसे इलाकों में हुआ। घटना का वीडियो उपलब्ध है, जो पूरी प्रक्रिया दिखाता है। सतीश महाना ने ग्रामीणों से सीधा संवाद बनाए रखा और उनकी दैनिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। भैंस दूध दुहने की कोशिश मजाक से शुरू हुई, लेकिन धैर्य और सहलाने से सफल रही। समर्थकों को चुप कराने के बाद प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हुई। दूध पीने के बाद वॉक आगे बढ़ी। यह घटना 7 जनवरी 2026 की है और ग्रामीण क्षेत्र में हुई।

Also Read- बांग्लादेश अदालत ने शेख हसीना और 285 अन्य पर राजद्रोह मामले में 21 जनवरी 2026 को आरोप तय करने की तारीख निर्धारित।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement