तुर्कमान गेट पत्थरबाजी मामला- दिल्ली पुलिस सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को भेजेगी समन, 30 उपद्रवियों की पहचान।
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना में दिल्ली पुलिस ने बड़ा
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना में दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली द्वारा की जा रही थी, जिसमें मस्जिद से सटे रामलीला मैदान के पास लगभग 38,940 वर्ग फुट के अवैध कब्जे को हटाया जाना था। इस दौरान हुई हिंसा में पुलिसकर्मी घायल हुए और पत्थरबाजी की घटना सामने आई। पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और सीसीटीवी फुटेज, पुलिस की बॉडी वॉर्न कैमरा रिकॉर्डिंग तथा क्षेत्र से वायरल हुए कई वीडियो के आधार पर 30 और लोगों की पहचान की है। इनकी तलाश में पुलिस टीमों ने छापेमारी शुरू कर दी है। जांच के दौरान 400 से अधिक नए वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी हिंसा शुरू होने से पहले घटनास्थल के आसपास मौजूद थे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बार-बार इलाका छोड़ने का आग्रह किया, लेकिन वे वहां से नहीं हटे और आसपास ही रहे। इस आधार पर दिल्ली पुलिस उन्हें जांच में शामिल होने के लिए जल्द ही औपचारिक समन भेजने की तैयारी कर रही है।
घटना की शुरुआत मंगलवार देर रात से हुई, जब एमसीडी की टीम पुलिस सुरक्षा में अवैध निर्माण हटाने पहुंची। कार्रवाई के दौरान अफवाह फैली कि मस्जिद को गिराया जा रहा है, जिसके बाद भीड़ जमा हो गई और पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया और इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था部署 की गई। अगले दिन पुलिस ने जांच तेज कर दी और गिरफ्तारियां शुरू कीं। पहचाने गए 30 लोगों में से कई पर पत्थरबाजी और हिंसा भड़काने का संदेह है। पुलिस ने ड्रोन का भी इस्तेमाल किया ताकि संदिग्धों की पहचान आसान हो सके। इस पूरे मामले में साजिश के कोण की भी जांच चल रही है, क्योंकि हिंसा अचानक और संगठित लग रही है। अवैध अतिक्रमण में सड़कें, फुटपाथ और अन्य संरचनाएं शामिल थीं, जो कोर्ट के आदेश पर हटाई जा रही थीं। कार्रवाई मस्जिद की मुख्य इमारत या कब्रिस्तान को प्रभावित नहीं कर रही थी, लेकिन अफवाहों ने स्थिति को बिगाड़ दिया।
सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की मौजूदगी इस मामले में जांच का प्रमुख बिंदु बन गई है। पुलिस के अनुसार, वे कार्रवाई शुरू होने से पहले ही वहां पहुंच गए थे और स्थानीय लोगों से बातचीत कर रहे थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षा कारणों से इलाका खाली करने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। हिंसा के बाद पुलिस ने उनकी भूमिका की पड़ताल शुरू की और अब उन्हें समन भेजकर पूछताछ करने का फैसला लिया है। नदवी ने कहा है कि वे हाईकोर्ट के आदेश के बारे में नहीं जानते थे और स्थानीय लोगों की शिकायत पर वहां पहुंचे थे। वे बातचीत के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर से भी संपर्क करने की बात कही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उनकी मौजूदगी हिंसा से जुड़ी हुई लग रही है और इसलिए जांच जरूरी है। इस घटना के बाद इलाके में धारा 163 लागू कर दी गई है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। मलबा हटाने का काम जारी है और स्थिति अब नियंत्रण में है।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए पांच लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें कैफ, अदनान, समीर जैसे नाम शामिल हैं। इन पर सीधे पत्थरबाजी करने का आरोप है। इसके अलावा एक यूट्यूबर सलमान की भी तलाश तेज कर दी गई है, जो घटना के दौरान मौजूद था और वीडियो बना रहा था। पुलिस का मानना है कि सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने हिंसा को बढ़ावा दिया। जांच में सभी वीडियो और फुटेज की बारीकी से जांच हो रही है ताकि कोई संदिग्ध बच न सके। अवैध अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई पुरानी दिल्ली के उस इलाके में हुई, जहां सदियों पुरानी मस्जिद है और रामलीला मैदान पास में है। कोर्ट का आदेश स्पष्ट था कि अतिक्रमण हटाया जाए, लेकिन कार्रवाई के समय और तरीके पर सवाल उठे। फिर भी, पुलिस ने इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं। छापेमारी के दौरान कई जगहों पर दबिश दी जा रही है और पहचाने गए लोगों को जल्द पकड़ने की योजना है। सांसद नदवी को भेजे जाने वाले समन के बाद उनकी औपचारिक पूछताछ होगी, जिसमें उनकी मौजूदगी और भूमिका पर सवाल किए जाएंगे। हिंसा के बाद इलाके में तनाव रहा, लेकिन अब शांति है। पुलिस ने सभी पक्षों से शांत रहने की अपील की है। जांच आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियां संभव हैं। यह घटना अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चल रही कार्रवाइयों का हिस्सा है, जहां कोर्ट के आदेशों का पालन किया जा रहा है। पत्थरबाजी जैसे मामलों में पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है और हर संदिग्ध की पहचान कर रही है।
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