नरेश अग्रवाल ने कांस्टीट्यूशन क्लब चुनाव में हासिल किया एग्जीक्यूटिव मेंबर का पद।

Delhi: दिल्ली में आयोजित कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के बहुप्रतीक्षित चुनाव में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और राज्यसभा के पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल....

Aug 13, 2025 - 20:19
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नरेश अग्रवाल ने कांस्टीट्यूशन क्लब चुनाव में हासिल किया एग्जीक्यूटिव मेंबर का पद।
नरेश अग्रवाल ने कांस्टीट्यूशन क्लब चुनाव में हासिल किया एग्जीक्यूटिव मेंबर का पद।

Delhi: दिल्ली में आयोजित कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के बहुप्रतीक्षित चुनाव में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और राज्यसभा के पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एग्जीक्यूटिव मेंबर का पद हासिल किया। इस प्रतिष्ठित क्लब के चुनाव में देशभर के सांसदों और प्रमुख हस्तियों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। कांस्टीट्यूशन क्लब, जो सांसदों और राजनेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में जाना जाता है, में कुल 11 एग्जीक्यूटिव मेंबर चुने जाते हैं। इस बार के चुनाव में नरेश अग्रवाल ने तीसरे स्थान पर सबसे अधिक वोट प्राप्त कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की। उनकी इस जीत को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान का परिणाम माना जा रहा है।

कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया एक ऐसा मंच है, जो न केवल संसदीय चर्चाओं और गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी जाना जाता है। यह क्लब देशभर के सांसदों, पूर्व सांसदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को एकजुट करता है, जहां वे नीतिगत मुद्दों, सामाजिक सरोकारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। क्लब का प्रबंधन और इसकी गतिविधियों का संचालन एग्जीक्यूटिव कमेटी के जिम्मे होता है, जिसके सदस्यों का चुनाव कड़े मुकाबले के बाद होता है। नरेश अग्रवाल का इस कमेटी में शामिल होना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो उनकी लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है।

नरेश अग्रवाल का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में उन्होंने कई दशकों तक सक्रिय भूमिका निभाई। समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक रहे नरेश अग्रवाल बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और राज्यसभा में सांसद के रूप में भी अपनी छाप छोड़ी। संसदीय कार्यवाही में उनकी सक्रियता और नीतिगत मुद्दों पर स्पष्ट राय ने उन्हें एक मजबूत राजनेता के रूप में स्थापित किया। कांस्टीट्यूशन क्लब के चुनाव में उनकी जीत इस बात का प्रमाण है कि वह अब भी राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में प्रासंगिक बने हुए हैं। चुनाव के दौरान नरेश अग्रवाल ने अपनी रणनीति और समर्थकों के सहयोग से मजबूत प्रदर्शन किया। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने क्लब के सदस्यों के बीच सक्रिय रूप से संपर्क बनाए रखा और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। उनके इस समर्पण और मेहनत का नतीजा रहा कि उन्हें तीसरे स्थान पर सबसे अधिक वोट मिले। इस जीत ने न केवल उनके समर्थकों में उत्साह भरा, बल्कि यह भी दिखाया कि वह अभी भी अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता के दम पर प्रभावशाली बने हुए हैं।

चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद नरेश अग्रवाल ने अपने सभी समर्थकों और मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जीत उनकी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है, जिन्होंने उन पर भरोसा जताया। उन्होंने वादा किया कि वह कांस्टीट्यूशन क्लब के उद्देश्यों को और मजबूत करने के लिए काम करेंगे और सदस्यों के हितों को प्राथमिकता देंगे। उनकी इस प्रतिबद्धता को क्लब के सदस्यों ने सराहा। कांस्टीट्यूशन क्लब के अन्य चुने गए एग्जीक्यूटिव मेंबर्स के साथ मिलकर नरेश अग्रवाल अब क्लब की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम करेंगे।

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