Varanasi : काशी तमिल संगमम 4.0 पर मीडिया कार्यशाला में केंद्र की योजनाओं पर चर्चा, दयाशंकर मिश्रा बोले- पीएम ने उत्तर-दक्षिण परंपरा को पुनर्जीवित किया

कार्यशाला में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्रभाकर सिंह, काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक मनोज कुमार बख्शी और

Dec 8, 2025 - 00:46
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Varanasi : काशी तमिल संगमम 4.0 पर मीडिया कार्यशाला में केंद्र की योजनाओं पर चर्चा, दयाशंकर मिश्रा बोले- पीएम ने उत्तर-दक्षिण परंपरा को पुनर्जीवित किया
Varanasi : काशी तमिल संगमम 4.0 पर मीडिया कार्यशाला में केंद्र की योजनाओं पर चर्चा, दयाशंकर मिश्रा बोले- पीएम ने उत्तर-दक्षिण परंपरा को पुनर्जीवित किया

वाराणसी। काशी तमिल संगमम 4.0 के आयोजन के दौरान पत्र सूचना कार्यालय ने मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें करीब 100 पत्रकारों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्रा दयालु और विशिष्ट अतिथि के रूप में मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने इसे संबोधित किया।

कार्यशाला में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्रभाकर सिंह, काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक मनोज कुमार बख्शी और पत्र सूचना कार्यालय के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने भाग लिया। चर्चा काशी तमिल संगमम के अलावा केंद्र सरकार की जन कल्याण योजनाओं पर केंद्रित रही। इसमें बाल विवाह मुक्त भारत अभियान और बैंकों में लोगों के दावे वाले अनक्लेम्ड एसेट्स के निपटारे के प्रयास शामिल थे।

दयाशंकर मिश्रा दयालु ने कहा कि काशी तमिल संगमम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच का परिणाम है। इससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान की पुरानी परंपरा फिर से जीवंत हो रही है। काशी के विकास के ऐतिहासिक कदमों से पिछले चार सालों में 26 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक यहां आए। यह शहर के सांस्कृतिक आकर्षण को दिखाता है।

मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने कहा कि यह आयोजन उत्तर और दक्षिण भारत की संस्कृतियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है। साथ ही राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करता है। काशी और रामेश्वरम का आकर्षण ही लोगों को एक-दूसरे के क्षेत्रों की यात्रा के लिए प्रेरित करता है। सदियों पुराने इन सांस्कृतिक संबंधों को काशी तमिल संगमम नया रूप दे रहा है।

प्रोफेसर प्रभाकर सिंह ने कहा कि इस आयोजन से दोनों क्षेत्रों के लोग एक-दूसरे की महान विभूतियों के बारे में जान पाते हैं। इन विभूतियों ने राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई। इससे सांस्कृतिक एकता मजबूत होती है।

अरुण मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। इसकी जिम्मेदारियां एक सजग प्रहरी की तरह हैं। राष्ट्र निर्माण में पत्रकारिता का बड़ा योगदान है। मनोज कुमार बख्शी ने वित्त मंत्रालय के अभियान के बारे में बताया। यह बैंकों में पड़े अनक्लेम्ड एसेट्स को मालिकों तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने इन एसेट्स को प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी। निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने सभी अतिथियों और पत्रकारों को धन्यवाद दिया। यह कार्यशाला काशी तमिल संगमम को मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित करने का मंच बनी।

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