Lucknow News: सड़क सुरक्षा को लेकर बेहद कारगर कदम उठा रही योगी सरकार- 9 जनपदों में आईडीटीआर निर्माण के दिए हैं निर्देश।
योगी सरकार के निर्देशन में परिवहन विभाग द्वारा “मॉडल इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर)” की स्थापना की कार्यवाही....
- यूपी में व्यावसायिक चालकों की ट्रेनिंग पर विशेष जोर
- यूपी में हैं 30,37,166 व्यावसायिक वाहन, वाहन चालकों की संख्या है 27,48,523
- बचे 20 फीसदी चालकों को भी प्रशिक्षित करने की तरफ कदम बढ़ा रहा परिवहन विभाग
- आईडीटीआर की स्थापना के लिए परिवहन आयुक्त ने 9 जनपदों के डीएम को लिखा पत्र
- केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने 9 जनपदों में आईडीटीआर निर्माण के दिए हैं निर्देश
- राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद भारत सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
लखनऊ: योगी सरकार के निर्देशन में परिवहन विभाग द्वारा “मॉडल इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर)” की स्थापना की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को संस्थागत रूप देना और व्यावसायिक चालकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने 9 जनपदों के जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर आईडीटीआर की स्थापना के लिए न्यूनतम 10–15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
- इन 9 जनपदों में प्रस्तावित है आईडीटीआर की स्थापना
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, गोरखपुर, बलिया, आगरा, गौतमबुद्ध नगर, झांसी, कानपुर नगर, शाहजहाँपुर, प्रयागराज में आईडीटीआर की स्थापना प्रस्तावित है। यह प्रस्ताव भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ-MoRTH) द्वारा वित्तपोषित योजना के अंतर्गत आता है। मोर्थ ने उक्त 9 जनपदों में आईडीटीआर की स्थापना के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
- आईडीटीआर की स्थापना से बढ़ेगी प्रशिक्षित चालकों की संख्या
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 30,37,166 व्यावसायिक वाहन हैं, जबकि व्यावसायिक वाहन चालकों की संख्या 27,48,523 है यानी 20 प्रतिशत व्यावसायिक वाहन चालकों की कमी को पूरा करने, इन्हें प्रशिक्षित करने, सड़क सुरक्षा सुधारने व रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से आईडीटीआर की स्थापना की जाएगी।
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आईडीटीआर स्थापना प्रक्रिया – चरणबद्ध व्यवस्था
- परिवहन आयुक्त द्वारा भूमि उपलब्धता की पुष्टि के लिए जिलाधिकारियों को भेजा गया है पत्र
- राज्य सरकार द्वारा प्राप्त प्रस्तावों का किया जाएगा परीक्षण
- राज्य सरकार की स्वीकृति के पश्चात मोर्थ को भेजा जाएगा प्रस्ताव
- अंतिम अनुमोदन एवं वित्तीय सहायता मोर्थ द्वारा की जाएगी प्रदान
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