कोथावां-हरदोई: सीएचसी में कमीशन की मार, बेहतर इलाज को तरस रहे बीमार
दवाएं बाहर से लिखना हो या जांचें मोटे कमीशन के चलते डॉक्टरों ने अपना रूटीन बना रखा है। सीएचसी(CHC) कोथावां(Kothawan) में सरकार की नीतियों योजनाओं की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं.
सार:-:
- कमीशन के चलते अब जांचें भी प्राइवेट, दवाओं में पहले से ही मोटा कमीशन
- कोथावां सीएचसी में धूल फांक रही एक्सरे मशीन, अल्ट्रासाउंड तो प्राइवेट अस्पतालों के सहारे
Kothawan- Hardoi News INA.
ना जल्दी आना है ना रात को रुकना है दवाएं बाहर से लिखना तो कभी जांचें बाहर से करवाना गंदगी समस्या हो या डिलीवरी का प्राइवेट अस्पतालों में रेफर आदि के विवादों में कोथावां(Kothawan) सीएचसी(CHC) का नाम ना आए ऐसा हो ही नहीं सकता। यहां तैनात अधीक्षक अपनी मनमानी करते हैं जिसकी देखा देखी अन्य डॉक्टर कर्मचारी भी लापरवाही बरतने से नहीं चूकते।
सीएचसी के पर्चे पर बाहर से लिखीं गयीं दवाइयां और एक मरीज द्वारा लिखा गया शिकायती पत्र
कोथावां(Kothawan) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह जल्द ओपीडी शुरू नहीं होती जिसकी कई बार शिकायतों के बाद भी यहां कोई सुधार नहीं। दवाएं बाहर से लिखना हो या जांचें मोटे कमीशन के चलते डॉक्टरों ने अपना रूटीन बना रखा है। सीएचसी(CHC) कोथावां(Kothawan) में सरकार की नीतियों योजनाओं की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं. जिसका अंदाजा कोथावां(Kothawan) में कुकुरमुत्ते की तरह फैल रहे प्राइवेट फर्जी अस्पतालों से लगाया जा सकता है जो झोलाछाप द्वारा संचालित होने से दिनरात लूट करते हैं।
शिकायत करने वाले समाजसेवी या पत्रकार भी नहीं सुरक्षित..
सीएचसी की बदहाली की दास्तान सुनाता एक मरीज
यहां अधीक्षक डॉक्टर विपुल वर्मा इतने दबंग हैं कि यदि इनका सर्विस रेकॉर्ड देखा जाए तो इनकी तैनाती व पोस्टिंग प्रमोशन हमेशा विवादों व नियमों को ताक पर रखकर ही हुए हैं। चाहें हर्रैया में बिना जाए कागजों पर ड्यूटी हो या सीनियर जूनियर से परे जाकर इनका कोथावां(Kothawan) सीएचसी(CHC) अधीक्षक बन जाना। अपने हिटलरशाही रवैये को लेकर इन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक समाजसेवी पर मुकदमा तक लिखवा चुके हैं।
धूल फांक रही एक्सरे मशीनें अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था ही नहीं..
कहने को यह सीएचसी(CHC) कई सम्मान के साथ अतिरिक्त ग्रांट धन पी पा चुकी है लेकिन सुविधाओं के नाम पर जांचें एक्सरे जांचे व अल्ट्रासाउंड सब प्राइवेट अस्पतालों व लैबों के सहारे हैं जहां ना सिर्फ मरीजों से लूट होती है बल्कि रिपोर्ट भी गलत ही होती हैं। आपको बताते चलें सरकार की इतनी योजनाओं सुविधाओं के बाद भी सरकारी सीएचसी(CHC) बिना सुविधाओं के चल रहीं लेकिन प्राइवेट अस्पतालों व लैब सेंटरों के पास एक्सरे अल्ट्रासाउंड समेत सारी सुविधाएं नियमों को ताक पर रखकर चलवाई जा रहीं हैं। जांच होती भी है तो सब मैनेज हो जाता है।
सीएचसी में अपनी बारी का इन्तजार करते मरीज
कोथावां(Kothawan) अंतर्गत फत्तेपुर निवासी महावीर को बाहर की जांचे लिखकर ना सिर्फ कुछ खास लोगों को फायदा पहुचाया जा रहा बल्कि सरकार की नीतियों योजनाओं का मजाक बनाने के साथ मोटा कमीशन उसूलकर गरीबों को आर्थिक रूप से कमजोर कर उनकी कमर तोड़ी जा रही है। इतना ही नहीं, डॉक्टरों के दफ्तरों की खाली कुर्सियां भी सीएचसी की बदहाली को बयान करती हैं। मामले बहुत हैं अब देखते हैं सीएमओ हरदोई इस बार शिकायतों पर हाईकोर्ट के आदेशों पर सुधार जांच कार्यवाही पर क्या कार्यवाही करते हैं।
रिपोर्ट: प्रदीप सिंह
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