हरदोई आईएनए न्यूज़: मनरेगा भ्रष्टाचार- मनरेगा मेठ, प्रधान सहित ब्लॉक कर्मचारियों की कमाई का जरिया, ट्रैक्टर से जोतकर एक ही दिन में बनवा दिया चकरोड। 

Aug 31, 2024 - 14:05
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हरदोई आईएनए न्यूज़: मनरेगा भ्रष्टाचार- मनरेगा मेठ, प्रधान सहित ब्लॉक कर्मचारियों की कमाई का जरिया, ट्रैक्टर से जोतकर एक ही दिन में बनवा दिया चकरोड। 

  • मनरेगा योजना विकास सहित रोजगार की योजना या रोजगार सेवक, मनरेगा मेठ, प्रधान सहित ब्लॉक कर्मचारियों की कमाई का जरिया। 
  • लाखो के एस्टीमेट को बनवाकर भ्रष्टाचार करने की कोशिश।
  • 10 को जारी हुए मस्टर रोल, और एक ही दिन में बनवा दिया चकरोड। 

हरदोई: टोंडरपुर विकास क्षेत्र में मनरेगा का बुरा हाल है। लाख दिशा निर्देश के बाद भी मनरेगा का कार्य ट्रैक्टर से करवाया जा रहा है। सब कुछ जानने समझने के बाद भी संबंधित जिम्मेदार मौन हैं। वहीं भुगतान भी मजदूरों को दिखाकर करवा लिया जा रहा है। ग्राम पंचायत की हां में हां मिलाने वाले मजदूरों को काम बराबर मिलता रहता है। वहीं नियम कानून की बात करने वाले मजदूर मुश्किल से काम पाते हैं।

शाहबाद तहसील के विकास क्षेत्र टोंडरपुर के ग्राम पंचायत तिउर गांव में राधेश्याम के खेत से ब्रजलाल के खेत तक मिट्टी कार्य (लागत 2.52363), सुरेश के खेत से अखिलेश के बाग तक मिट्टी कार्य(लागत 2.85111) लेकर बनाए गए चकरोड में ट्रैक्टर व रोटावेटर द्वारा काम कराए जाने की बात ग्रामीणों ने बताई। ग्राम पंचायत तिउर में वर्तमान वित्तीय वर्ष में 5 लाख सत्तावन हजार रुपये का भुगतान महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत किया गया। जबकि ग्रामीणों द्वारा ट्रैक्टर से जोते हुए चक रोड की फोटो और चक रोड जोतने वाले ट्रैक्टर के ड्राइवर का वीडियो बनाकर तकनीकि सहायक को भेजा गया था। लेकिन फिर भी भुगतान कर दिया गया।

जबकि शासन प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि चकरोड या मिट्टी का कार्य मजदूरों से ही कराया जाए। ग्राम पंचायत के एक मजदूर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रधान की कृपा पर ही सब कुछ चलता है। गांव के लोगों को रोजगार न देकर ठेके पर अन्य गांव के मजदूरों को काम पर लगाया जाता हैं और जोते हुए चक रोड पर दरेशी का कार्य करवाया जाता हैं।

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पूर्व में अमृत सरोवर योजना के अन्तर्गत निर्माण करवाए गए तालाब में भी उच्च स्तरीय जांच कमेटी द्वारा जांच की गई थी जिसमे पूर्ण भुक्तान को रोक दिया गया था लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कोई भी कानूनी कार्यवाही नही हुईं, वर्ष 2012-13 में भी प्रधान परिवार की बहु द्वारा घोटाला किया गया था जिसमे पूर्ण में हरदोई जिलाधिकारी रहे पुलकित खरे द्वारा वसूली आदेश सहित प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही के लिए आदेशित किया गया था लेकिन फिर ब्लॉक अधिकारियों और लक्ष्मी मां की कृपा दृष्टि से कोई कार्यवाही नही हुईं।

जब चक रोड के विषय में सबूतों सहित तकनीकी सहायक अनुराग मिश्र से बात हुईं तो उनके द्वारा भुक्तान न कर कार्यवाही करने की बात कही गई थी। लेकिन लक्ष्मी माता के आगे तो सभी नतमस्तक हो जाते हैं ऐसा सूत्रों से पता चला।।

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