नगर निगम सदन की बैठक में तीखी नोंकझोंक, वेस्ट सल्यूशन की कार्यशैली पर उठे सवाल

Sep 21, 2024 - 00:18
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नगर निगम सदन की बैठक में तीखी नोंकझोंक, वेस्ट सल्यूशन की कार्यशैली पर उठे सवाल

Varanasi News INA.

नगर निगम सदन की बैठक में ध्वस्त सीवर और खराब लाइटों पर बहस को लेकर तीखी नोंकझोंक देखने को मिली। महापौर ने अधिकारियों को कार्य शैली में सुधार लाने की हिदायत देते हुए कहा वाराणसी नगर निगम भगवान भरोसे चल रहा है। नगर निगम सदन की बैठक शुक्रवार को 12 बजे आरम्भ हुई। जिसमे पार्षदों ने अपने अपने वार्डो में सड़क बह रहे सीवर के पानी और खराब लाइटों के बारे में शिकायत करने पर भी महीनों सुधार न होने की बात कही। तो वही नवशहरी वार्डो के पार्षदों ने भी इन शिकायतों के साथ ही ध्वस्त मार्गो की बदहाली पर अधिकारियों से जवाब मांगा। नव शहरी वार्ड की एक महिला पार्षद ने अपने क्षेत्र में डेढ़ साल से पेयजल की समस्या का मुद्दा उठाया। जिसपर महापौर ने नगर आयुक्त को संबंधित जेई और एई पर कार्रवाई करने का आदेश दिया। नव शहरी वार्ड की एक महिला पार्षद ने अपने क्षेत्र में डेढ़ साल से पेयजल की समस्या का मुद्दा उठाया। जिसपर महापौर ने नगर आयुक्त को संबंधित जेई और एई पर कार्रवाई करने का आदेश दिया। एक पार्षद ने बताया कि मेरे क्षेत्र में लाइटें 24 घंटे जलती रहती है। तो दूसरे पार्षद ने बताया की मेरे क्षेत्र में लाइटें पिछले चार महीने से खराब हैं। शिकायत किये चार महीने हो गए लेकिन अभी तक ठीक नही हुआ।

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इस पर प्रभारी आलोक ने कहा कि 48 घंटो में सभी लाइटे ठीक करा दी जाएंगी। जिसपर आश्चर्य ब्यक्त करते हुए उपसभापति नरसिंह दास ने कहा की जब लाइटे चार महीने से खराब हैं तो नही बनवा पाए। आखिर अचानक इनके पास कौन सी जादू की छड़ी आ गई कि 48 घंटे में सभी लाइटे ठीक करा देंगे। इनके ऊपर काम का बोझ अधिक है। जिसके कारण ये काम करा नही पा रहे है। उपसभापति ने नगर आयुक्त से निवेदन किया कि इनके काम का बोझ कम किया जाए। इस पर महापौर अशोक कुमार तिवारी ने हिदायत देते हुए आलोक अधीक्षक को 48 घंटे में पार्षदों की शिकायत का निस्तारण कराने और रिपोर्ट देने को कहा। तो वही फुलवरिया की पार्षद ने कहा एक लाख की आबादी वाले वार्ड में मात्र 26 सफाई कर्मी हैं। कैसे वार्ड साफ होगा। इस पर महापौर ने नगर आयुक्त को पार्षदों की समस्या का निस्तारण 48 घंटे में कराने का निर्देश दिया। वही उपसभापति नरसिंह दास ने बताया कि कार्य दिखाने की होड़ में कही एक साल में ही डमरू को उखाड़कर चौका लगाया जा रहा। तो कही दो साल पुराने चौका को उखाड़कर डमरू लगाया जा रहा है। उपसभापति ने नाम बताए बिना बताया कि एक वार्ड में मार्ग का कार्य नगर निगम ने दस लाख रुपये में कराया। वार्ड के पहली बार के पार्षद ने जानना चाहा कि आखिर ऐसा क्या लगा है कि दस लाख इस सड़क में लग गए। जब निगम कार्यालय में फ़ाइल निकाल कर देखा और प्रश्न किया तो अभियंता ने कहा गलती से आगड़न कयुबिक मीटर में कर दिया गया है। कार्य तीन लाख का ही है। उपसभापति ने इस उदाहरण के साथ सदन से कार्यो के सही आगड़न कराने कहा। सदन में पार्षद अपने क्षेत्र की समस्यांए गिना रहे थे।

इस बीच बबलू शाह ने अपने क्षेत्र की सीवर के समस्या के बारे में सदन में बोलने के लिए उठे तो महापौर ने बैठने को कहा। जिसके बाद बबलू शाह अध्यक्ष के आसन पर चढ़ गए और मामले की रिकॉर्डिंग दिखाने लगे। तब महापौर ने उनको बैठने के लिए कहा। जिसपर बबलू ने कहा हम सदन में अपने क्षेत्र की समस्या नही बताएंगे तो कहा बताएंगे। यहां भी बोलने नही दिया जा रहा। इसके बाद एजेंडा फाड़ते हुए सदन का बहिष्कार कर चले गए। महापौर ने परिवहन प्रभारी से कई बार कहने के बाद भी कबाड़ वाहनों को न हटा पाने का कारण जानना चाहा। जिसपर परिवहन प्रभारी अजय सक्सेना ने कहा हो जाएगा। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए महापौर ने कहा कि कई बार आप यह बात कह चुके हैं लेकिन हटेगा कब तक। इसके साथ ही परिवहन प्रभारी के द्वारा क्रय की नाला सफाई की मशीनों को कंडम बताते हुए कहा कि बिना मतलब की गाड़ियां आप खरीद लेते हैं लेकिन जो मतलब की गाड़िया हैं उनको क्यो नही क्रय कर रहे। घाट की सफाई में प्रतिवर्ष नगर निगम ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च करता है। आखिर घाट की सफाई के लिए मशीनें क्यो नही खरीदी जा रही। जिसपर परिवहन प्रभारी निरुत्तर रहे। नदेसर वार्ड के पार्षद ने कहा कि मेरे वार्ड में वाराणसी वेस्ट सल्यूशन डोर तो डोर कूड़ा उठाने नही कर रहा है। जिसके कारण वार्ड में सफाई व्यवस्था प्रभावित है। उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है।

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यह केवल मेरे वार्ड की समस्या नही है। आसपास के कई वार्डो में यही समस्या है। नगर निगम ने वाराणसी वेस्ट सल्यूशन को गाड़िया दी है। उसके लिए डीजल देता है साथ मे प्रतिमाह एक मोटी रकम भुगतान किया जाता है। फिर भी सफाई व्यवस्था में अक्षम साबित हो रही है संस्था। सदन ने शहर में होटल, लॉज और लॉन की संख्या जाननी चाही। तो अनुज्ञप्ति अधिकारी मनोज कुमार ने दो बार मे दो तरह के जवाब दिए। जिसपर महापौर ने शहर के होटल, लॉज और लॉन की सही संख्या के लिए कमेटी गठित करने को कहा साथ ही नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि जिस भी अधिकारी या कर्मचारी ने शहर के होटल, लॉज और लॉन की संख्या के बारे में गलत रिपोर्टिंग की है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उपसभापति नरसिंह दास ने स्वक्षता सर्वेक्षण में वाराणसी की गिर रही रैंकिंग को लेकर सवाल किया। उन्होंने गैंगटोक का उदाहरण देते हुए बताया कि 50 करोड़ रुपये बजट है गैंगटॉक का। जिसमे विकास कार्यो के साथ अधिकारियों कर्मचारियो को वेतन के साथ ही पार्षदों को प्रतिमाह बीस हजार रुपये भत्ता भी देते है। जबकि वहां दिन में कोई भी सफाईकर्मी सफाई करते नही दिखा। जब हमने इसका कारण जानना कि आखिर ये कैसे इतने बजट में इतनी सफाई रख लेते हैं। जो कि हम पचास हजार कर्मचारी रखकर नही कर पा रहे। इसपर गैंगटोक के महापौर ने बताया कि जन जागरूकता है इसका कारण। उपसभापति ने सदन से जन जागरुकता पर कार्य करने का अनुरोध किया।

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