अपराधियों पर सख्त कार्रवाई में नहीं होनी चाहिए लापरवाही- मुख्यमंत्री योगी
हाइलाइट्स:
- मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में की कानून व्यवस्था व विकास कार्यों की समीक्षा
- वादों के निस्तारण की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की
आजमगढ़।
योगी आदित्यनाथ कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को मंडलीय समीक्षा में वादों के धीमी गति से निस्तारण पर नाराजगी जताई। तीनों डीएम को हिदायत दी कि काम के प्रति उदासीनता बरतने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लें। तहसील स्तर पर लेखपालों की शिकायत को बेहद गंभीरता से लेने को कहा। सीएम ने विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की अधिकारियों के साथ समीक्षा शुरू की तो सबने अपनी-अपनी बातें रखीं और अपनी समस्याएं बताईं। सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को 11 बजे पुलिस लाइन पहुंचे वहां से कार के जरिए कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक शुरू की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाम की समस्या न होने पाए। सड़क पर गाड़ियां खड़ी न हों। पटरी व्यवसायियों को भी व्यवस्थित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सगड़ी तहसील के देवारा में बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर की जानकारी ली। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की उदासीनता और उनकी बातों को न सुने जाने का मामला उठाया। इस पर सीएम ने कहा कि सप्ताह भर में न संभव हो तो माह भर में जरूर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हो। उनकी बातों को सुना जाए।
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विकास परियोजनाओं की नियमित रूप से निगरानी की जाए। हर परियोजना के लिए एक अलग नोडल अधिकारी नियुक्त करें, जो हर सप्ताह प्रगति की रिपोर्ट दे। वरिष्ठ अधिकारी हर 15 दिन पर परियोजनाओं की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को उनकी निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। कोई परियोजना लेट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शासन की जनहित एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश दिए हैं। आजमगढ़ के कलेक्ट्रेट सभागार में मंडल की कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी शामिल हुए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वादों के निस्तारण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए बलिया आजमगढ़ और मऊ के जिलाधिकारियों को कड़ा एक्शन लेने की हिदायत दी। इसके साथ ही कहा कि वरिष्ठ अधिकारी हर 15 दिन पर परियोजनाओं की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को उनकी निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। कोई परियोजना लेट नहीं होनी चाहिए
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