Lucknow: भारत-रूस सहयोग के अंतर्गत रोजगार सृजन हेतु वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई उच्चस्तरीय बैठक।
उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत विगत दिवस माननीय मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश अनिल राजभर एवं
- रूस में व्यापक रोजगार अवसरों पर सहमति एवं रणनीतिक पहल
- युवाओं की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं भाषा प्रशिक्षण पर विशेष बल
- सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित होने वाले आगामी आर्थिक फोरम का आमंत्रण श्रम एवं सेवायोजन विभाग के माननीय मंत्री जी ने किया स्वीकार
- सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित होने वाले आर्थिक फोरम में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल करेगा प्रतिभाग
लखनऊ: उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत विगत दिवस माननीय मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन, उत्तर प्रदेश अनिल राजभर एवं मॉस्को सरकार के डिपार्टमेंट फॉर एक्सटर्नल इकोनॉमिक एंड इंटरनेशनल रिलेशंस के मंत्री Cheremin Sergey के मध्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के माध्यम से प्रदेश के कुशल कामगारों को वैधानिक एवं सुव्यवस्थित प्रक्रिया के अंतर्गत रूस की विभिन्न कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। बैठक का शुभारंभ भारत एवं रूस के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों पर विचार-विमर्श के साथ हुआ तथा उत्तर प्रदेश के कुशल एवं प्रचुर मानव संसाधन की वैश्विक स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के विषय में सकारात्मक चर्चा की गई।
मॉस्को सरकार के मंत्री Cheremin Sergey द्वारा अवगत कराया गया कि मॉस्को शहर में विभिन्न क्षेत्रों में 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं तथा रूस के अन्य क्षेत्रों में भी लाखों की संख्या में कुशल मानव संसाधन की मांग है। विशेष रूप से निर्माण कार्य, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, कारपेंटर आदि तकनीकी क्षेत्रों में कार्यबल की आवश्यकता पर बल दिया गया। इस क्रम में सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित होने वाले आगामी आर्थिक फोरम में उत्तर प्रदेश से माननीय मंत्री श्रम एवं सेवायोजन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया, जिससे भविष्य की कार्ययोजना एवं सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जा सके। माननीय मंत्री श्री अनिल राजभर द्वारा इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस पहल में सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका वहन की जाएगी।
बैठक के दौरान श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश के माननीय मंत्री द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रदेश के युवाओं के मध्य यह भ्रांति व्याप्त है कि रूस में रोजगार हेतु जाने पर उन्हें सेना में शामिल कर लिया जाता है। इस पर रूस के मंत्री Cheremin Sergey द्वारा आश्वस्त किया गया कि समस्त प्रक्रिया पूर्णतः वैधानिक, पारदर्शी एवं सुरक्षित होगी तथा किसी भी प्रकार की बाध्यता या जोखिम युवाओं पर नहीं डाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के इच्छुक युवाओं को किसी प्रकार की अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
इसके अतिरिक्त, रूसी पक्ष द्वारा यह सुझाव दिया गया कि रोजगार हेतु इच्छुक युवाओं को रूसी भाषा का ज्ञान होना आवश्यक है। इस पर उत्तर प्रदेश के मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि सेवायोजन विभाग के माध्यम से प्रदेश में पहले से ही जापानी एवं जर्मन भाषाओं का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है तथा शीघ्र ही रूसी भाषा को भी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सम्मिलित किया जाएगा, जिससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।
इस बैठक में उत्तर प्रदेश शासन की ओर से डॉ. शणमुगा सुंदरम, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन, नेहा प्रकाश,निदेशक, सेवायोजन, प्रमोद कुमार पुंडीर,अपर निदेशक, सेवायोजन एवं मनीषा अत्री, जिला सेवायोजन अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर उपस्थित रहीं। मॉस्को सरकार की ओर से डारिया पुस्तावालोवा ,हेड ऑफ कोऑर्डिनेशन डिविजन एवं मंत्री के सलाहकार डॉ. जॉर्ज जरिकत भी बैठक में सम्मिलित हुए। उक्त बैठक का समन्वय अरुण ज़ुरेल, फाउंडर एवं सीईओ, बीएसएल कंसल्टिंग, नोएडा द्वारा किया गया। यह बैठक उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी तथा इससे भारत-रूस के मध्य आर्थिक एवं श्रम सहयोग को और अधिक सुदृढ़ता प्राप्त होगी।
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