दहेज लोभियों के लिए एक अनोखी मिसाल- दूल्हे ने दहेज में मिले सात लाख लौटाए, बोला-दुल्हन ही दहेज है।
दुल्हन पक्ष ने दहेज में सात लाख रुपये (seven lakh rupees) दिए, जबकि दूल्हे ने यह कहते हुए रकम वापस लौटा दी कि दुल्हन ही दहेज है। यह शादी पूरे दिन इलाके ...
Deoband News
बड़गांव: कस्बे में एक शादी पूरा दिन चर्चा का विषय बनी रहीं। शादी में दहेज के रूप में मिले सात लाख रुपये दूल्हे ने वापस लौटा दिए। दूल्हे ने कहा कि दुल्हन ही दहेज है। एक ओर जंहा दहेज को लेकर विवाहिताओं के साथ आए दिन अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन हरियाणा के कैरवाली के रहने वाले एक युवक ने ऐसे दहेज लोभियों के लिए एक अनोखी मिसाल पेश की है।
दुल्हन पक्ष ने दहेज में सात लाख रुपये दिए, जबकि दूल्हे ने यह कहते हुए रकम वापस लौटा दी कि दुल्हन ही दहेज है। यह शादी पूरे दिन इलाके में चर्चा का विषय बनी रही। कस्बा बड़गांव में हरियाणा के जिला करनाल के गांव कैरवाली निवासी बिजेंद्र सिंह के बेटे अजय राणा की बारात आई हुई थी। यहां दीपक पुंडीर की बेटी वंशिका पुंडीर से शादी के दौरान टीका प्रथा के लिए जब दुल्हन पक्ष सात लाख रुपये लेकर दूल्हे के पास पहुंचा तो उसने थाली में से सिर्फ 1 रुपया नारियल शगुन के तौर पर स्वीकार करते हुए थाली उठाकर शगुन की सारी राशि हाथ जोड़कर ससम्मान लौटा दी।
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बरात में फिजूल खर्चे पर रोक लगाने की बात कहते हुए बड़गांव बरात लेकर पहुंचे दूल्हे अजय राणा ने दहेज को एक सामाजिक बुराई बताया। उन्होंने कहा कि आज के इस समय में दुल्हन ही दहेज है। इस मौके पर प्रधान शिवकुमार सिंह राणा, पूर्व प्रधान कालूराम, बीएम सिंह, सुखपाल सिंह, विनोद राणा, नीरज राणा, कुलदीप सिंह आदि ने दूल्हे के इस निर्णय की दिल से प्रशंसा की साथ ही दुल्हन पक्ष के रिश्तेदारों और मेहमानों ने नवदंपती को आशीर्वाद दिया।
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