Ballia: ददरी मेले में लापरवाही पर गिरी गाज: बलिया नपा चेयरमैन संत कुमार ‘मिठाई लाल’ के अधिकारों पर रोक। 

नगर पालिका परिषद के निर्वाचित चेयरमैन संत कुमार गुप्ता उर्फ मिठाई लाल पर शासन की बड़ी कार्रवाई । नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव (नगर निकाय) ने उनके वित्तीय

By INA News Desk
Oct 29, 2025 - 17:41
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Ballia: ददरी मेले में लापरवाही पर गिरी गाज: बलिया नपा चेयरमैन संत कुमार ‘मिठाई लाल’ के अधिकारों पर रोक। 
संत कुमार नपा अध्यक्ष

Report- S.Asif Hussain zaidi

  • ददरी मेले में लापरवाही पर गिरी गाज: बलिया नगर पालिका अध्यक्ष संत कुमार ‘मिठाई लाल’ के वित्तीय अधिकारों पर शासन ने लगायी रोक
  • बलिया के चेयरमैन संत कुमार ‘मिठाई लाल’ पर ददरी मेले में लापरवाही का आरोप  शासन की बडी कार्रवाई। 

लखनऊ/बलिया। नगर पालिका परिषद के निर्वाचित चेयरमैन संत कुमार गुप्ता उर्फ मिठाई लाल पर शासन की बड़ी कार्रवाई । नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव (नगर निकाय) ने उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार को कारण बताओ नोटिस के जवाब देने तक चेयरमैन के प्रशासनिक एंव वित्तीय अधिकारो पर फिलहाल रोक लगा दी हैं। 

यह कार्रवाई ददरी मेले से जुड़ी भूमि अधिग्रहण एवं आयोजन कार्यवाही में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अनदेखी के मामले में की गई है। शासन ने अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि — “क्यों न उनके सभी अधिकार तब तक के लिए स्थगित कर दिए जाएँ, जब तक वे लगे आरोपों से मुक्त न हो जाएँ ।

सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी बलिया द्वारा अपनी रिपोर्ट में कहा गया है कि अध्यक्ष ने ददरी मेले से संबंधित निर्णयों में अनावश्यक विलंम्ब किया और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित किया है। इसके चलते ऐतिहासिक ददरी मेला, जो बलिया की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है, संकट में पड़ गया।

शासन ने 28 अक्टूबर 2025 को जारी आदेश में स्पष्ट किया है कि अब ददरी मेले के आयोजन से संबंधित सभी निर्णय की जिम्मेदारियाँ जिलाधिकारी बलिया के पास निहित होंगी। राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। विपक्षी दल इसे “शासन की कड़ी चेतावनी” बता रहे हैं तो वहीं सत्तापक्ष के नेता इसे “प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम” माना जा रहा हैं।

स्थानीय जनता में भी इस फैसले की चर्चा जोरों पर है — कुछ लोग इसे “ददरी मेले को बचाने की ज़रूरत” बता रहे हैं तो कुछ इसे “राजनीतिक टारगेटिंग” भी कह रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मिठाई लाल इन आरोपों का क्या और कब तक अपना जवाब देते हैं और क्या वे अपने पद व प्रतिष्ठा को बचा पाते हैं  अथवा नहीं।

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