Hardoi News: अहिल्याबाई ने अपना पूरा जीवन समाज के लोगों की भलाई के लिए व्यतीत कर दिया- भूपेंद्र चौधरी
लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की विरासत के सम्मान कार्यक्रम "त्रिशताब्दी स्मृति अभियान" संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में हरदोई पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ...
रिपोर्ट- अम्बरीष कुमार सक्सेना
हरदोई। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की विरासत के सम्मान कार्यक्रम "त्रिशताब्दी स्मृति अभियान" संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में हरदोई पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपना पूरा जीवन भारत के सांस्कृतिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। अहिल्याबाई के मन- मस्तिष्क में हमेशा भारत बसता था। सही मायने में राष्ट्र क्या होता है, इसकी छवि हमें अहिल्याबाई होल्कर में दिखती है।
नगर के जे.के पब्लिक स्कूल में आयोजित पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन एवं संचालन सत्येंद्र राजपूत ने किया।
संगोष्ठी में लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर के शासन, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण में उनके प्रभाव, उनके दूरदर्शी नेतृत्व, परोपकार और सांस्कृतिक योगदान को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि वीरांगना अहिल्याबाई होल्कर अपनी प्रतिबद्धता में अडिग रहीं और एक प्रभावी प्रशासक, योद्धा और आर्थिक तथा सांस्कृतिक पुनर्जागरण की अग्रणी के रूप में ख्याति अर्जित की। उन्होंने आधुनिक समय में व्यापक भारतीयता के लिए काम किया। कहा कि, देवी अहिल्याबाई का जीवन एक सशक्त नारी का जीवन रहा, जिससे सभी छात्राओं को प्रेरणा मिलेगी। वह वीरता, प्रजावत्सलता और दूरदर्शिता की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने अपनी प्रजा को उद्यमिता, न्याय प्रियता आदि सिखाई जो हम सबके लिए अनुकरणीय है।
कहा कि अहिल्याबाई ने अपना पूरा जीवन समाज के लोगों की भलाई के लिए व्यतीत कर दिया। अहिल्याबाई ने विधवा महिलाओं के लिए बहुत कार्य किया और इसके तहत उस समय की कानून व्यवस्था में कुछ परिवर्तन भी किये। उस समय मराठा प्रांत में ऐसा कानून था कि अगर कोई महिला विधवा हो जाए और उसका कोई पुत्र ना हो तो उस व्यक्ति की संपत्ति उसकी पत्नी को ना मिलकर सरकारी खजाने में जमा कर दी जाती थी, लेकिन अहिल्याबाई ने इस कानून को बदलकर विधवा महिलाओं को अपने पति की संपत्ति को लेने का हकदार बनाया। कहा कि भाजपा सरकार पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्या बाईं जैसी भारत की दिव्य विभूतियों के आदर्शों को स्मरण कर जनकल्याण योजनाओं के जरिए महिला सशक्तिकरण के लिए सदैव समर्पित रही है। भाजपा के मूल में जनसेवा है।
संगोष्ठी में जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर भारतवर्ष के आसमान में चमकता वह सितारा है जिनके कार्यों को लोग युगों युगों तक याद रखेंगे। उनके भारतवर्ष को दिए गए योगदान को लोग कभी भी भूल नहीं पाएंगे। अहिल्याबाई होलकर ने समाज हित और देश हित को सर्वोपरि रखा ।महारानी अहिल्याबाई होलकर भारत के मालवा साम्राज्य की मराठा होलकर महारानी थी। अहिल्याबाई होलकर एक ऐसा नाम है जिसने अपने बलबूते पर भारतीय परंपरा तथा संस्कार की रक्षा हेतु तथा धर्म, समाज और राष्ट्रहित के लिए कुछ ऐसे कार्य किये कि उनका नाम इतिहास के पन्नों में अमर हो गया। महारानी अहिल्याबाई शिव भगवान की परम भक्त थी और उनकी अनन्य भक्ति की झलकियाँ उनके जीवन में समय-समय पर दिखती रही है।
मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि देश आज पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर की ३००वीं जयंती मना रहा है। अहिल्या बाई होल्कर महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त उदाहरण है। अहिल्या ने अपने जीवन में कभी भी हार नहीं मानी। वे हर मुसीबत का मुकाबला साहस और बुद्धिमत्ता के साथ करती थीं। उन्होंने कभी भी विपरीत परिस्थितियों के आगे अपना सिर नहीं झुकाया बल्कि और अधिक मजबूत व्यक्तित्व के रूप में निखरकर सबको अचंभित कर दिया। अहिल्याबाई के जुझारू स्वभाव की झलक उनके सम्पूर्ण जीवन की यात्रा में कई बार मिलती है।
मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास में एक महान हस्ती हैं, जिन्हें प्रगतिशील शासन और उनके द्वारा शुरू किए गए दूरगामी सामाजिक सुधारों के लिए जाना जाता है। 1767 से 1795 तक शासन करते हुए, अहिल्याबाई के शासनकाल को कल्याण, सामाजिक न्याय, मानव समानता और सतत विकास के लिए एक अटूट प्रतिबद्धता द्वारा चिह्नित किया गया था। वह एक अग्रणी थीं, जिन्होंने ऐसी नीतियां स्थापित कीं, जिन्होंने हाशिए के समुदायों का उत्थान किया, शिक्षा को उन्नत किया, स्वास्थ्य सेवा में सुधार किया और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का निर्माण किया, जिसने आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया। 18वीं सदी भारत में एक उथल-पुथल भरा दौर था, जो राजनीतिक विखंडन, आर्थिक चुनौतियों और सामाजिक अशांति से चिह्नित था। इस माहौल में, अहिल्याबाई एक मजबूत और सक्षम नेता के रूप में उभरीं। अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और शासनकाल पर विचार करते हैं, उनका शासन मॉडल समकालीन समाज के लिए अमूल्य सबक प्रदान करता है। अहिल्याबाई की विरासत सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा देने में दूरदर्शी नेतृत्व के प्रभाव का प्रमाण है। उनका जीवन हमें याद दिलाता है कि सच्चा नेतृत्व केवल सत्ता पर काबिज होने के बारे में नहीं है, बल्कि सबसे कमज़ोर लोगों की रक्षा और उत्थान के बारे में है।
संगोष्ठी में विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह रानू, अलका अर्कवंशी, आशीष सिंह आशू, एमएलसी अशोक अग्रवाल, जिलापंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, पूर्व जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह, विद्याराम वर्मा, क्षेत्रीय मंत्री संजय गुप्ता, क्षेत्रीय कार्यलय मंत्री विमल सिंह, राजीव रंजन मिश्र, नपाप अध्यक्ष सुखसागर मिश्र माधौगंज चेयरमैन अनुराग मिश्र, पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, पूर्व प्राचार्य सीएसएन बी डी शुक्ल, ममो जिलाध्यक्ष अलका गुप्ता, पीके वर्मा, अविनाश मिश्र, डीसीबी अध्यक्ष अशोक सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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