MP News: निगम में भृष्टाचार का एक और मामला- बिना अनुमति नगरपालिका क्षेत्र से संभागीय प्रबंधक के बंगले से कटवा दिए निगम के नाकेदार जाहिद खान ने हजारों के बांस।
एसडीओ के संरक्षण में बेचे काटे गए बांस,एसडीओ और संभागीय प्रबंधक नही उठा रहे मीडिया के कॉल,जिम्मेदार भाग रहे अपनी जिम्मेदारी से...
रिपोर्ट- शशांक सोनकपुरिया, बैतूल मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश के बैतूल में वन विभाग में भृष्टाचार इस वक्त चरम पर है हमारे द्वारा लगातार निगम के जिम्मेदारों के भृष्टाचार के मामले खबरों के माध्यम से प्रकाशित किये जा रहे है पर निगम के जिम्मेदार भृष्टाचार कम करने की जगह बढ़ाने में लगे हुए है ताजा मामला जिला मुख्यालय पर निगम की रामपुर भतोड़ी परियोजना मण्डल बैतूल की संभागीय प्रबंधक के बंगले से सामने आया है जहाँ कायाकल्प के नाम पर सैकड़ो हरे भरे बांस बिना किसी की जानकारी के काटकर ट्रेक्टर में भरकर बेचदिए गए अब बांस भरकर कहाँ बेचे है किसको बेचे है इसकी जानकारी के लिए हमारे द्वारा संभागीय प्रबंधक को दुरभाष पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया पर उनके द्वारा हमारा कॉल रिसीव ही नही किया गया एसडीओ को भी कॉल किया गया उनके द्वारा भी कॉल रिसीव ही नही किया गया।
यहाँ बताना चाहेंगे कि एक ओर तो सरकार हर साल लाखों रुपये बांस पुष्पन कैम्पा के प्लांटेशन के लिए खर्च करती है वहीं दूसरी ओर इस तरह के मामले कई सवाल खड़े हो रहे है । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 5 से 6 ट्रेक्टर बांस एसडीओ द्वारा बेच दिए गए है यह भी बात सामने आई है कि नाकेदार जाहिद खान और एसडीओ की मिलीभगत से सैकड़ों हरे भरे बांस काटकर बेच दिए है और एक बार फिर निगम डीएम और एसडीओ के द्वारा लाखों के राजस्व का चूना सरकार को लगा दिया गया है आपको बता दें कि अभी तक तो निगम के जंगल ही बर्बाद हो रहे थे पर अब तो ये हाल है कि माफिया जंगल काट रहे है वो तो और बात है पर अब निगम के जिम्मेदार एसडीओ से जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी तो ढंग से निभाई नही जा रही वो खुद रेंजरों को संरक्षण देने में लगे हुए थे कि अब शहर को भी बर्बाद करने पर भी उतारू हो गए है नाकेदार से मिलकर एसडीओ द्वारा हजारों रुपयों के बांस ट्रेक्टरों में भरकर बेच दिए गए है हमारे द्वारा ट्रेक्टर में बांस भरकर ले जाते हुए अपने कैमरे में वीडियो भी कैद किया है।
अब देखना यह होगा कि निगम के उच्चाधिकारियों द्वारा मामले में संज्ञान लेकर क्या जांच करवाई जाती है और क्या कार्यवाही बैतूल के जिम्मदारों पर की जाएगी या पूर्व की तरह इस भृष्टाचार के मामले में भी जांच के नाम पर लीपापोती जारी रहेगी वैसे भी अधिकारियों का रटा रटाया डायलॉग अब जग जाहिर हो चुका है हर मामले में बस जांच चल रही है और ये जांच कभी खत्म ही नही होती है। भाजपा सरकार को अब इस ओर ध्यान देकर इस तरह के भृष्टाचार पर अंकुश लगाना चाहिए।
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