Trending: अहमदाबाद विमान हादसा- आगरा के दंपति नीरज और अपर्णा लवानिया की दुखद मृत्यु, परिवार और गांव में मातम।
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (उड़ान AI171) के भयावह हादसे ने पूरे देश ...
12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (उड़ान AI171) के भयावह हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस त्रासदी ने उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के अकोला गांव के एक दंपति, नीरज लवानिया (51) और उनकी पत्नी अपर्णा लवानिया (50), की जिंदगी छीन ली, जो अपर्णा के 50वें जन्मदिन को मनाने के लिए लंदन की यात्रा पर निकले थे। नीरज ने उड़ान से कुछ घंटे पहले अपने भाई सतीश को फोन कर बताया था कि वे टैक्सी से अहमदाबाद एयरपोर्ट के लिए रवाना हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। हादसे की खबर ने उनके परिवार और गांव को गहरे सदमे में डुबो दिया।
यह खबर न केवल इस दंपति की व्यक्तिगत त्रासदी को दर्शाती है, बल्कि उस भयानक हादसे की मार्मिक कहानी को भी सामने लाती है, जिसमें 242 में से 241 लोगों की जान चली गई। हालांकि यह आंकडा अभी बढ़ भी सकता है, एयर इंडिया की उड़ान AI171, जो अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही थी, 12 जून 2025 को दोपहर 1:38 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी। विमान में 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। उड़ान भरने के मात्र 59 सेकंड बाद, विमान मेघानी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गया और आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसे से पहले, कैप्टन सुमित सभरवाल ने मेडे कॉल जारी किया, लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया। फ्लाइटराडार24 के अनुसार, विमान केवल 625 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा था।
प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की ओर इशारा किया गया है, क्योंकि वीडियो फुटेज में विमान का लैंडिंग गियर नीचे दिखाई देता है, जो असामान्य है। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है, और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के साथ जांच शुरू कर दी है। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन था, जिसके कारण तापमान इतना अधिक हो गया कि बचाव की संभावना न के बराबर थी।
- नीरज और अपर्णा की कहानी
नीरज लवानिया और उनकी पत्नी अपर्णा मूल रूप से आगरा के अकोला गांव के रहने वाले थे, लेकिन पिछले 15 वर्षों से गुजरात के वडोदरा में रह रहे थे। नीरज वडोदरा की फेदर स्काई विलास कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे और नेल्सन कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। दंपति अपनी 15 वर्षीय बेटी अर्पणा के साथ एक सुखी जीवन जी रहा था। अपर्णा का 50वां जन्मदिन एक खास अवसर था, जिसे मनाने के लिए वे 10 दिन की लंदन यात्रा पर निकले थे।
सुबह 9 बजे, नीरज ने अपने भाई सतीश को फोन किया और बताया कि वे टैक्सी से अहमदाबाद एयरपोर्ट के लिए रवाना हो रहे हैं। सतीश के अनुसार, नीरज ने उत्साहपूर्वक बताया कि वे अपर्णा के जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए लंदन जा रहे हैं। यह उनकी आखिरी बातचीत साबित हुई। हादसे की खबर मिलने के बाद, सतीश और परिवार ने हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। देर शाम, एयर इंडिया की यात्री सूची में नीरज और अपर्णा का नाम सीट 26A और 26B पर पाया गया, जिसने उनकी मृत्यु की पुष्टि कर दी।
- परिवार और गांव में मातम
हादसे की खबर अकोला गांव पहुंचते ही मातम छा गया। नीरज के पैतृक निवास पर परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सतीश का कहना है कि उनके पिता महावीर लवानिया की मृत्यु पिछले साल नवंबर 2024 में हुई थी, और तब नीरज आखिरी बार गांव आए थे। अब इस दुखद घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। नीरज की बेटी अर्पणा, जो कुछ परिचितों के साथ अहमदाबाद एयरपोर्ट पर जानकारी लेने पहुंची, अपने माता-पिता की मृत्यु की खबर सुनकर सदमे में है।
स्थानीय सांसद राजकुमार चाहर और एसडीएम सदर सचिन राजपूत देर शाम नीरज के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। चाहर ने कहा, “हम हर संभव मदद करेंगे। परिजनों को डीएनए टेस्ट के लिए अहमदाबाद ले जाया जाएगा।” गांव के बुजुर्ग रामपाल सिंह ने बताया, “नीरज और अपर्णा बहुत मिलनसार थे। उनकी मृत्यु ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।”
- राहत और बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद, NDRF की छह टीमें, अग्निशमन दल, और पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किए। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में 265 शव लाए गए, जिनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किए जा रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि 1,000 से अधिक डीएनए टेस्ट किए जाएंगे, और विदेश में रहने वाले परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
एयर इंडिया ने हेल्पलाइन नंबर 1800-5691-444 और विदेशी नागरिकों के लिए +91-8062779200 जारी किए हैं। टाटा समूह ने मृतकों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि और घायलों के इलाज के लिए सहायता की घोषणा की है।
- एकल उत्तरजीवी और अन्य पीड़ित
इस हादसे में एकमात्र जीवित बचा यात्री, 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक विशवास कुमार रमेश, सीट 11A पर आपातकालीन निकास के पास बैठा था। सिविल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है, और उसकी स्थिति स्थिर है। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, राजस्थान के 11 निवासी, और बीजे मेडिकल कॉलेज के कई छात्र भी मारे गए।
- प्रधानमंत्री का दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जून 2025 को अहमदाबाद पहुंचेंगे, जहां वे मेघानी नगर में घटनास्थल का दौरा करेंगे और सिविल अस्पताल में घायलों से मुलाकात करेंगे। पीएम ने गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को राहत कार्यों की निगरानी के लिए अहमदाबाद भेजा था।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने हादसे पर शोक व्यक्त किया। अमेरिका और ब्रिटेन ने जांच के लिए विशेषज्ञ टीमें भेजने की पेशकश की है।
- विमानन सुरक्षा पर सवाल
यह बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का पहला घातक हादसा है, जिसने इस मॉडल की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। एक यात्री, आकाश वत्स, ने दावा किया कि दिल्ली से अहमदाबाद की उड़ान के दौरान उन्होंने विमान में असामान्य चीजें देखी थीं, जिसका वीडियो उन्होंने बनाया था। DGCA ने सभी बोइंग 787 विमानों की जांच शुरू कर दी है। अहमदाबाद विमान हादसा नीरज और अपर्णा लवानिया जैसे कई परिवारों की खुशियां छीन ले गया। उनकी बेटी अर्पणा और परिजनों का दुख अथाह है।
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