Viral News: अहमदाबाद विमान हादसा: टाटा ग्रुप का ₹1 करोड़ मुआवजे का ऐलान, परिवारों में मातम, जांच शुरू।
गुजरात के अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया...
12 जून 2025 को गुजरात के अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (उड़ान AI171) सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद मेघानी नगर के बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जा टकराया। इस हादसे में 242 यात्रियों और चालक दल के 241 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक यात्री को छोड़कर कोई जीवित नहीं बचा। हादसे ने न केवल हवाई यात्रियों, बल्कि जमीन पर मौजूद मेडिकल छात्रों और कर्मचारियों की जान भी ले ली।
इस त्रासदी के बाद टाटा ग्रुप, जो एयर इंडिया का मालिक है, ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ की सहायता राशि और घायलों के इलाज का खर्च उठाने का ऐलान किया। एयर इंडिया की उड़ान AI171 ने 12 जून 2025 को दोपहर 1:38 बजे (8:08:51 UTC) अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे 23 से उड़ान भरी। विमान में 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। फ्लाइटराडार24 के अनुसार, विमान केवल 625 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा और 174 नॉट्स (322 किमी/घंटा) की गति पर था, जब इसका सिग्नल अचानक टूट गया। उड़ान भरने के 59 सेकंड बाद, विमान मेघानी नगर के बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जा टकराया, जिसके बाद एक जोरदार धमाका हुआ और आग का गोला बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद गहरे काले धुएं का गुबार आसमान में छा गया। एक स्थानीय निवासी, पूनम पटनी, ने समाचार एजेंसी AFP को बताया, “हमने कई शव देखे और दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे थे।” विमान में 1.25 लाख लीटर ईंधन होने के कारण आग इतनी भीषण थी कि बचाव कार्य असंभव हो गया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “इतने उच्च तापमान के कारण किसी को बचाने की कोई संभावना नहीं थी।”
- टाटा ग्रुप का मुआवजा ऐलान
हादसे के कुछ घंटों बाद, टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एक बयान जारी कर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने X पर लिखा, “एयर इंडिया की उड़ान AI171 की त्रासदी से हम गहरे दुख में हैं। हमारे विचार और प्रार्थनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया।” टाटा ग्रुप ने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ (लगभग 1.16 लाख USD) की सहायता राशि देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, घायलों के इलाज का पूरा खर्च वहन करने और बीजे मेडिकल कॉलेज के क्षतिग्रस्त हॉस्टल के पुनर्निर्माण में सहायता करने का वचन दिया। चंद्रशेखरन ने कहा, “हम प्रभावित परिवारों और समुदायों के साथ इस मुश्किल समय में दृढ़ता से खड़े हैं।”
टाटा ग्रुप ने एक आपातकालीन केंद्र स्थापित किया है और हेल्पलाइन नंबर (1800-5691-444) और विदेशी नागरिकों के लिए +91-8062779200 जारी किए हैं। इसके अलावा, एयर इंडिया ने दिल्ली और मुंबई से राहत उड़ानें शुरू करने की घोषणा की ताकि प्रभावित परिवारों को अहमदाबाद पहुंचाया जा सके।
- एकल उत्तरजीवी और पीड़ित
हादसे में एकमात्र जीवित बचे यात्री, 38 वर्षीय ब्रिटिश-भारतीय मूल के विशवास कुमार रमेश, सीट 11A पर आपातकालीन निकास के पास बैठे थे। अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है, और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। विशवास ने अपने भाई नयन रमेश को बताया, “मुझे नहीं पता कि मैं कैसे बच गया।” उनके भाई अजय, जो उसी उड़ान में थे, इस हादसे में मारे गए।
हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, राजस्थान के बांसवाड़ा के एक परिवार के पांच सदस्य (प्रतीक जोशी, उनकी पत्नी कोमी व्यास, उनके जुड़वां बेटे प्रद्युत और नकुल, और उनकी बेटी मिराया), और बीजे मेडिकल कॉलेज के तीन एमबीबीएस छात्रों सहित कई लोग मारे गए। भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने बताया कि 45 छात्र अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से चार की हालत गंभीर है।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है, जिसमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी, जैसे विंग फ्लैप्स की गलत स्थिति या इंजन की विफलता, को संभावित कारण माना जा रहा है। विमानन विशेषज्ञों ने बताया कि वीडियो फुटेज में विमान का लैंडिंग गियर नीचे दिखाई देता है, जो उड़ान के इस चरण में असामान्य है।
अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) और ब्रिटेन की एयर एक्सिडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच ने जांच में सहायता के लिए अपनी टीमें भेजने की घोषणा की है। बोइंग के सीईओ केली ऑर्टबर्ग ने कहा, “हम एयर इंडिया के साथ संपर्क में हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।” यह हादसा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का पहला घातक हादसा है, जिसने इस मॉडल की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
हादसे के बाद, NDRF की छह टीमें, अग्निशमन दल, और स्थानीय पुलिस ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में 269 शव लाए गए, जिनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किए जा रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि 1,000 से अधिक डीएनए टेस्ट किए जाएंगे। अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि हादसे के समय हॉस्टल की कैंटीन में 100 से अधिक छात्र लंच कर रहे थे, जिसके कारण हताहतों की संख्या बढ़ी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जून 2025 को अहमदाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने मेघानी नगर में घटनास्थल का दौरा किया और सिविल अस्पताल में घायलों से मुलाकात की। उन्होंने X पर लिखा, “अहमदाबाद की त्रासदी ने हमें स्तब्ध और दुखी किया है। यह हृदयविदारक है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने शोक व्यक्त किया। ट्रम्प ने कहा, “हम भारत को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।” ब्रिटेन ने अपने 53 नागरिकों की मृत्यु पर दुख जताया और जांच में सहयोग की पेशकश की।
इस हादसे ने बोइंग के शेयरों को 5-7% तक नीचे ला दिया, क्योंकि यह ड्रीमलाइनर का पहला घातक हादसा था। अहमदाबाद हवाई अड्डे को कुछ घंटों के लिए बंद करना पड़ा, जिससे अन्य उड़ानों पर असर पड़ा। भारतीय रेलवे ने प्रभावित यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा की। अहमदाबाद विमान हादसा भारत के विमानन इतिहास की सबसे भीषण त्रासदियों में से एक है। टाटा ग्रुप का ₹1 करोड़ मुआवजे का ऐलान और हॉस्टल पुनर्निर्माण का वचन प्रभावित परिवारों के लिए राहत का प्रयास है, लेकिन यह दुख की भरपाई नहीं कर सकता।
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