Political News: अखिलेश ने बीजेपी पर कसा तंज, फिर अमित शाह ने दिया यें बयान।
लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव और गृहमंत्री अमित शाह के बीच एक दिलचस्प...
वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर लोकसभा में बहसबाजी के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा तो उसके पलटवार में अमित शाह खड़े हो गए और उन्होंने ऐसा जवाब दिया की बोलती बंद कर दी।
- वक्फ बोर्ड संशोधन बिल को लेकर हुई चर्चा
लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव और गृहमंत्री अमित शाह के बीच एक दिलचस्प और मजेदार नोकझोंक हुई। दरअसल, अखिलेश यादव ने तंज कसा कि बीजेपी, जो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती है, वह यह तय नहीं कर पा रही है कि अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा, क्योंकि पार्टी में इस मुद्दे पर मुकाबला चल रहा है।
अखिलेश के इस तंज का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने मजेदार अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि पार्टी में अध्यक्ष के चुनाव का मामला गंभीर और नियोजित है।
- अमित शाह ने कसा तंज
अखिलेश यादव के तंज पर गृह मंत्री अमित शाह ने एक मजेदार और चुटीला जवाब दिया, जो सदन में हंसी का माहौल बना गया। शाह ने कहा, "अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए बात कही है, इसलिए मैं भी इस पर हंसते-हंसते जवाब देता हूं। सामने जितनी भी पार्टियां हैं, वहां पांच लोगों को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनना है, इसलिए जरा भी देर नहीं लगती। हमारे यहां 12 करोड़ लोग मिलकर चुनाव करते हैं, इसलिए देर हो जाती है।" इसके बाद उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "आपके यहां जरा भी देर नहीं लगेगी। मैं कह देता हूं कि आप (अखिलेश यादव) अगले 25 साल तक अध्यक्ष हो।"अमित शाह का यह जवाब सुनकर सदन में जोरदार ठहाके लगे, और अखिलेश यादव भी हंसते हुए हाथ जोड़कर इस मजाक का सम्मान करते नजर आए।
- अखिलेश ने सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक पर चर्चा करते हुए केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ बीजेपी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए यह विधेयक लाई है, और इसे बीजेपी का 'सियासी हठ' तथा 'सांप्रदायिक राजनीति का एक नया रूप' करार दिया। उनका कहना था कि वक्फ से जुड़े जिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर पहले विचार किया जाना चाहिए था, उन्हें इस विधेयक में कोई अहमियत नहीं दी गई है, और यह विधेयक असल समस्याओं से भटका हुआ है। अखिलेश ने इस दौरान नोटबंदी के फैसले पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, "बहुत तैयारी के साथ आये थे, फैसला लिया था कि आधी रात के बाद नोट नहीं चलेंगे, लेकिन अभी भी कितनी जगह से कितना रुपया निकल रहा है।"
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