सूरत हवाई अड्डे पर सबसे बड़ी सोने की तस्करी नाकाम, 28 किलो सोना पेस्ट बरामद, दंपति हिरासत में।
Surat International Airport: गुजरात के सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ऐतिहासिक कार्रवाई में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और कस्टम्स विभाग ने ....
गुजरात के सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ऐतिहासिक कार्रवाई में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और कस्टम्स विभाग ने मिलकर अब तक की सबसे बड़ी सोने की तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया। दुबई से एयर इंडिया की फ्लाइट IX-174 से आए एक मध्यम आयु वर्ग के भारतीय दंपति के पास से 28 किलोग्राम सोने का पेस्ट बरामद किया गया, जो उनके शरीर के मध्य और ऊपरी हिस्सों में चतुराई से छिपाया गया था। इस सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 20-23 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह सूरत हवाई अड्डे के इतिहास में सबसे बड़ी सोने की बरामदगी मानी जा रही है।
20 जुलाई, 2025 की रात करीब 10 बजे, एयर इंडिया की फ्लाइट IX-174 दुबई से सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी। इस फ्लाइट में सवार एक मध्यम आयु वर्ग का दंपति, जो गुजरात के निवासी थे, सीआईएसएफ की सतर्कता का शिकार बना। सीआईएसएफ की खुफिया शाखा का एक कर्मचारी, जो सादे कपड़ों में अंतरराष्ट्रीय आगमन क्षेत्र में तैनात था, ने इस दंपति की संदिग्ध हरकतों पर ध्यान दिया। कर्मचारी ने देखा कि दंपति का चलने का तरीका असामान्य था और उनके पेट और कमर के आसपास हल्की उभरी हुई आकृति थी, जो सामान्य शारीरिक बनावट से मेल नहीं खा रही थी।
इसके बाद, कर्मचारी ने तुरंत वरिष्ठ कस्टम्स अधिकारियों को सूचित किया। कस्टम्स और सीआईएसएफ की संयुक्त टीम ने दंपति को हिरासत में लिया और उनकी गहन तलाशी ली। पुरुष यात्री ने शर्ट और पतलून पहनी थी, जबकि महिला यात्री ने सलवार सूट पहना था। तलाशी के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि दंपति ने अपने शरीर के मध्य और ऊपरी हिस्सों में 28 किलोग्राम सोने का पेस्ट चतुराई से बांध रखा था। महिला के पास 16 किलोग्राम और पुरुष के पास 12 किलोग्राम सोने का पेस्ट मिला। इस पेस्ट की सघनता के आधार पर, अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि इसमें से 20 से 23 किलोग्राम शुद्ध सोना निकाला जा सकता है।
- सोने की तस्करी का तरीका
सोने का पेस्ट तस्करी का एक आम तरीका है, क्योंकि इसे आसानी से छिपाया जा सकता है और यह पारंपरिक मेटल डिटेक्टर से बच सकता है। इस मामले में, दंपति ने सोने के पेस्ट को विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए कपड़ों या पट्टियों में बांधकर अपने शरीर पर छिपाया था, ताकि यह शरीर की प्राकृतिक बनावट जैसा दिखे। सीआईएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह की तस्करी को पकड़ना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन व्यवहार विश्लेषण (बिहेवियरल प्रोफाइलिंग) और सतर्कता के कारण यह संभव हो सका।
सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 20-23 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो इसे सूरत हवाई अड्डे के इतिहास की सबसे बड़ी बरामदगी बनाती है। कस्टम्स विभाग ने बरामद सोने को अपने कब्जे में ले लिया है, और इसकी शुद्धता और मूल्य की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला में जांच की जा रही है।
- सीआईएसएफ और कस्टम्स
सीआईएसएफ और कस्टम्स विभाग के बीच उत्कृष्ट समन्वय ने इस तस्करी को नाकाम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीआईएसएफ ने अपने बयान में कहा, “यह ऑपरेशन व्यवहार विश्लेषण और सीआईएसएफ-कस्टम्स के बीच मजबूत तालमेल का उदाहरण है।” सादे कपड़ों में तैनात सीआईएसएफ कर्मचारी ने दंपति की संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत पहचाना और कस्टम्स को सूचित किया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई की गई।
सीआईएसएफ ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, “20 जुलाई, 2025 को सूरत हवाई अड्डे पर ऐतिहासिक बरामदगी: सीआईएसएफ की सतर्कता टीम के इनपुट के आधार पर 28 किलोग्राम सोने का पेस्ट जब्त किया गया।” इस पोस्ट में यह भी बताया गया कि दंपति को उनकी असामान्य चाल और शारीरिक बनावट के आधार पर संदिग्ध माना गया।
दंपति को हिरासत में ले लिया गया है, और कस्टम्स विभाग उनसे पूछताछ कर रहा है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह सोना दुबई से भारत लाया गया था, और इसे गुजरात में कई खरीदारों तक पहुंचाने की योजना थी। अधिकारियों को संदेह है कि यह दंपति किसी बड़े तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस तस्करी में कोई स्थानीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह शामिल है।
कस्टम्स विभाग ने बताया कि बरामद सोने को जब्त कर लिया गया है, और दंपति के खिलाफ कस्टम्स एक्ट, 1962 की धारा 110 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। इसके अलावा, उनकी यात्रा के दस्तावेज और पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है ताकि तस्करी के पीछे के मकसद और नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, जो हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है, अब तस्करों के निशाने पर है। यह घटना सूरत में सोने की तस्करी का पहला मामला नहीं है। इससे पहले, 14 जुलाई, 2025 को वडोदरा पुलिस ने दमास के पास मोजे में छिपाकर लाए गए 1.81 करोड़ रुपये के सोने के पाउडर के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
पिछले कुछ वर्षों में, भारत में सोने की तस्करी के मामले बढ़े हैं, खासकर दुबई और अन्य खाड़ी देशों से। सोने पर भारत में उच्च आयात शुल्क और मांग के कारण तस्कर इसे अवैध रूप से लाने की कोशिश करते हैं। सूरत, जो हीरा और कपड़ा उद्योग का केंद्र है, अब तस्करी के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है।
इस बरामदगी ने तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है और भविष्य में ऐसी कोशिशों को रोकने में मदद करेगी। सोने की तस्करी से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि यह अवैध व्यापार और काले धन को भी बढ़ावा देता है। इस घटना ने सूरत हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था में विश्वास बढ़ाया है, क्योंकि सीआईएसएफ और कस्टम्स की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े अपराध को रोक दिया।
सोशल मीडिया पर इस घटना की खूब चर्चा हुई। @aajtak ने लिखा, “गुजरात के सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोने की एक बड़ी तस्करी की कोशिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया।” @OpIndia_in ने टिप्पणी की, “शरीर पर पेस्ट बना छुपाया था, चलने के तरीके से हुआ था शक।” इन पोस्ट ने जनता में इस घटना को लेकर जागरूकता बढ़ाई।
- अन्य हवाई अड्डों पर तस्करी की घटनाएं
सोने की तस्करी भारत के अन्य हवाई अड्डों पर भी एक बड़ी समस्या है। उदाहरण के लिए:
दिल्ली, जुलाई 2025: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक यात्री को 5 किलोग्राम सोने के साथ पकड़ा गया, जो उसने अपने सामान में छिपाया था।
मुंबई, मई 2025: छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक तस्कर को 10 किलोग्राम सोने के साथ गिरफ्तार किया गया, जो उसने अपने जूतों में छिपाया था।
चेन्नई, मार्च 2025: चेन्नई हवाई अड्डे पर कस्टम्स ने 8 किलोग्राम सोने का पेस्ट जब्त किया, जो एक यात्री के शरीर पर बांधा गया था।
इन घटनाओं से पता चलता है कि तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर सोने को भारत में लाने की कोशिश कर रहे हैं। वाई अड्डों पर व्यवहार विश्लेषण प्रशिक्षण, उन्नत स्कैनिंग तकनीक, और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना होगा। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है। सीआईएसएफ ने कहा कि वे अपने कर्मचारियों के प्रशिक्षण और सतर्कता को और बढ़ाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। कस्टम्स विभाग भी सोने की तस्करी पर नजर रखने के लिए नई तकनीकों और रणनीतियों पर काम कर रहा है।
सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 20 जुलाई, 2025 को हुई इस बरामदगी ने सीआईएसएफ और कस्टम्स की सतर्कता और समन्वय को उजागर किया। 28 किलोग्राम सोने का पेस्ट जब्त करना न केवल सूरत हवाई अड्डे के इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह तस्करी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका भी है।
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