Deoband : कुरआन की सही तिलावत ही धर्म की बुनियाद- मौलाना इब्राहीम
कासिमपुरा रोड स्थित धार्मिक शिक्षण संस्था मदरसा जामिया कासमिया दारुत्ततालीम वस्सना में तजवीद के छात्रों की शैक्षणिक और व्यावहारिक क्षमताओं को निखारने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्था
देवबंद। कासिमपुरा रोड स्थित धार्मिक शिक्षण संस्था मदरसा जामिया कासमिया दारुत्ततालीम वस्सना में तजवीद के छात्रों की शैक्षणिक और व्यावहारिक क्षमताओं को निखारने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्था के मोहतमिम मौलाना इब्राहीम कासमी ने छात्रों को पवित्र कुरआन की सही तिलावत और उसके नियमों की बारीकियों से अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि कुरआन को उसके सही मखरज (उच्चारण) और नियमों के साथ पढ़ना हर मुसलमान की धार्मिक जिम्मेदारी है।
इसके लिए किताबी ज्ञान के साथ-साथ निरंतर अभ्यास अनिवार्य है। मौलाना इब्राहीम ने कहा कि कुरआन की सही तिलावत केवल एक इबादत ही नहीं, बल्कि हमारे धर्म की बुनियाद भी है। जब तक शब्द सही तरीके से अदा नहीं होंगे, इबादत की रूह मुकम्मल नहीं होती। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने उस्तादों के मार्गदर्शन में अपनी तिलावत को और अधिक प्रभावशाली और शुद्ध बनाने का प्रयास करें। विभाग अध्यक्ष मौलाना कारी नौशाद अहमद ने भी विचार रखे। इस मौके पर कारी अफ्फान, कारी सैफुल इस्लाम, कारी आलम, कारी तालिब, शादाब और मोहम्मद नोमान आदि मौजूद रहे।
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