Deoband : देवबंद में मौलाना मेहंदी हसन ऐनी कासमी ने मध्य प्रदेश में ईसाई समुदाय पर हुई घटनाओं की निंदा की
जारी बयान में मौलाना ने बताया कि चर्च में उपासकों को कथित धर्मांतरण के निराधार आरोपों पर डराया-धमकाया गया। एक स्थानीय राजनीतिक नेता द्वारा दृष्टिबाधित महिला के
देवबंद एलुमनाई फेडरेशन के अध्यक्ष मौलाना मेहंदी हसन ऐनी कासमी ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में चर्च परिसर में ईसाई उपासकों, खासकर एक दृष्टिबाधित महिला के साथ हुई घटनाओं की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं भारतीय संविधान की मूल भावना और मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन हैं।
जारी बयान में मौलाना ने बताया कि चर्च में उपासकों को कथित धर्मांतरण के निराधार आरोपों पर डराया-धमकाया गया। एक स्थानीय राजनीतिक नेता द्वारा दृष्टिबाधित महिला के साथ दुर्व्यवहार का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 21 (जीवन और गरिमा का अधिकार) तथा अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) के खिलाफ है।
मौलाना ने कहा कि आस्था, समुदाय या दिव्यांगता के आधार पर किसी नागरिक को निशाना बनाना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार से घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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