Hardoi: हरदोई में डिप्टी कमिश्नर के भाई की निर्मम हत्या: घर के आंगन में लहूलुहान मिला शव, इलाज के दौरान मौत।
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। मथुरा में डिप्टी कमिश्नर
- पुरानी रंजिश का शिकार बने विजय प्रताप: मरने से पहले हमलावरों के नाम बताए, गांव में दहशत का माहौल
- पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया: सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी, अन्य हमलावरों की तलाश तेज
हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। मथुरा में डिप्टी कमिश्नर (उद्योग) के पद पर तैनात रावेंद्र कुमार के छोटे भाई विजय प्रताप की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना शनिवार सुबह की है, जब विजय प्रताप अपने घर के आंगन में गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े मिले। उनके शरीर से खून बह रहा था और वे तड़प रहे थे। परिवार और पड़ोसियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए। घायल विजय प्रताप को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना ने परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना का पूरा विवरण इस प्रकार है। विजय प्रताप (35 वर्ष) अपने पैतृक गांव मुड़रामऊ में अपनी 78 वर्षीय मां गोमती देवी के साथ रहते थे। उनका बड़ा भाई रावेंद्र कुमार मथुरा में डिप्टी कमिश्नर के पद पर छह वर्षों से तैनात हैं और परिवार की देखभाल गांव में ही होती है। शनिवार सुबह करीब 5 बजे हमलावरों ने घर में घुसकर विजय प्रताप पर बांके से हमला किया। हमला इतना घातक था कि विजय प्रताप गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावरों ने उन्हें मरणासन्न हालत में छोड़कर फरार हो गए। सुबह करीब 6:30 बजे जब मां गोमती देवी की नींद खुली, तो उन्होंने आंगन में विजय प्रताप को लहूलुहान हालत में पड़ा देखा। वह पेट के बल जमीन पर तड़प रहे थे और उनके शरीर से लगातार खून बह रहा था। यह दृश्य देखकर मां घबरा गईं और चीख-पुकार मच गई।
पड़ोसी और परिवार के लोग दौड़कर आए। विजय प्रताप अभी भी जीवित थे और उन्होंने मरने से पहले हमलावरों के नाम बताए। उन्होंने कहा कि गांव के ही इंद्रपाल ने अपने दो साथियों के साथ साजिश रचकर उन पर हमला किया। इस बयान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विजय प्रताप ने स्पष्ट रूप से हमलावरों का नाम लिया। पड़ोसियों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन विजय प्रताप ने पहले इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "मैं अभी मरा नहीं हूं, जिंदा हूं। कहीं मत ले जाओ, मेरे भाई को आने दो।" हालांकि, हालत गंभीर देखकर पड़ोसियों ने उनकी बात नहीं मानी और उन्हें तत्काल पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में करीब दो घंटे इलाज चला, लेकिन विजय प्रताप की मौत हो गई।
- मां गोमती देवी का बयान
मां गोमती देवी ने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि सुबह शोर सुनकर वे उठीं तो आंगन में छोटा बेटा विजय लहूलुहान हालत में पड़ा था। वह गंभीर रूप से घायल था। इसी बीच गांव वाले आ गए। बेटे ने उन्हें बताया कि गांव के ही रहने वाले इंद्रपाल ने दो लोगों के साथ उस पर हमला किया। पड़ोसी उसे अस्पताल ले जाने लगे तो वह इनकार कर रहा था। कहने लगा कि मेरे भाई को पहले आने दीजिए। लेकिन हम लोगों ने उसकी नहीं सुनी। उसे तत्काल पाली सीएचसी पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। वहां करीब दो घंटे के इलाज के बाद विजय ने दम तोड़ दिया। गोमती देवी का यह बयान पुलिस ने दर्ज किया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने गोमती देवी के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच में जुटी पुलिस टीम घर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। एएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि विजय नामक युवक पर धारदार हथियार से हमले की सूचना मिली थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मरने से पहले युवक ने हमलावरों का नाम बताया। एक नामजद आरोपी इंद्रपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपी भी गिरफ्तार होंगे।
यह घटना पुरानी रंजिश से जुड़ी बताई जा रही है। परिवार के अनुसार, तीन साल पहले जून 2023 में विजय प्रताप के पिता की भी हत्या कर दी गई थी। पिता दयाराम को गांव के पांच दबंगों ने पहले सरेआम बुरी तरह पीटा था और बाद में बांके से हमला किया था। मरने से पहले उन्होंने भी हमलावरों के नाम बताए थे। उस समय पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन अन्य फरार हो गए थे। अब विजय प्रताप की हत्या ने परिवार को दोहरा सदमा दिया है। गांव मुड़रामऊ जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर है और यहां इस तरह की घटनाएं पुरानी दुश्मनी के कारण होती रही हैं।
- पुलिस की कार्रवाई
एएसपी मार्तंड प्रकाश सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि युवक पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। इलाज के दौरान मौत हुई। मरने से पहले युवक ने हमलावरों के नाम बताए। एक आरोपी इंद्रपाल को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ जारी है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि विजय प्रताप गांव में ही रहकर खेतीबाड़ी का काम देखते थे।他们的 भाई रावेंद्र कुमार मथुरा में तैनात हैं और परिवार की जिम्मेदारी छोटे भाई पर थी। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। लोग घरों से निकलने में डर रहे हैं। पुलिस ने गांव में अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
- पिता की हत्या का पुराना मामला
जून 2023 में विजय प्रताप के पिता दयाराम की हत्या हुई थी। वे चारा काटने खेत जा रहे थे, तभी गांव के पांच दबंगों ने पहले उन्हें जमकर पीटा और फिर बांके से हमला किया। इसमें उनका हाथ कट गया। इलाज के दौरान मौत हो गई। मरने से पहले दयाराम ने हमलावरों के नाम बताए थे। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन अन्य फरार हैं। यह घटना भी पाली थाना क्षेत्र की ही थी।
घटना के बाद रावेंद्र कुमार को सूचना दी गई और वे गांव पहुंचे। परिवार ने न्याय की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच में सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की पहचान की कोशिश की जा रही है। गांव के लोगों से भी पूछताछ जारी है। इस घटना ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना का समय और स्थान
समय: शनिवार सुबह 5 बजे हमला, 6:30 बजे शव मिला।
स्थान: मुड़रामऊ गांव, पाली थाना क्षेत्र, हरदोई जिला।
दूरी: जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर।
परिवार: मां गोमती (78), भाई रावेंद्र कुमार (मथुरा में डिप्टी कमिश्नर)।
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