रांझणा के AI बदले क्लाइमेक्स पर Dhanush की नाराजगी- यह वह फिल्म नहीं, जिसके लिए मैंने मेहनत की थी। 

Bollywood News: साउथ सुपरस्टार Dhanush की 2013 में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म रांझणा एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में इस फिल्म....

Aug 5, 2025 - 14:00
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रांझणा के AI बदले क्लाइमेक्स पर Dhanush की नाराजगी- यह वह फिल्म नहीं, जिसके लिए मैंने मेहनत की थी। 
रांझणा के AI बदले क्लाइमेक्स पर Dhanush की नाराजगी- यह वह फिल्म नहीं, जिसके लिए मैंने मेहनत की थी। 

Bollywood News: साउथ सुपरस्टार Dhanush की 2013 में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म रांझणा एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में इस फिल्म को तमिल संस्करण अंबिकापति के रूप में दोबारा थिएटर्स में रिलीज किया गया, लेकिन इसके क्लाइमेक्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बदल दिया गया। इस बदलाव ने फिल्म के मूल भाव को प्रभावित किया, जिससे फिल्म के लीड एक्टर Dhanush और डायरेक्टर आनंद एल. राय बेहद नाराज हैं। Dhanush ने 3 अगस्त 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “यह वह फिल्म नहीं है, जिसके लिए मैंने 12 साल पहले मेहनत की थी।” उन्होंने AI के इस्तेमाल को सिनेमा की आत्मा के लिए खतरा बताया और इसके खिलाफ सख्त नियम बनाने की मांग की। यह विवाद न केवल सिनेमा की रचनात्मकता पर सवाल उठाता है, बल्कि AI के बढ़ते दखल पर भी बहस छेड़ता है।

  • रांझणा का बदला हुआ क्लाइमेक्स

2013 में रिलीज हुई रांझणा एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी, जिसने Dhanush को बॉलीवुड में एक मजबूत पहचान दिलाई। फिल्म में Dhanush ने कुंदन का किरदार निभाया, जो बनारस का एक साधारण लड़का है और जोया (सोनम कपूर) से एकतरफा प्यार करता है। मूल फिल्म का क्लाइमेक्स दुखद था, जिसमें कुंदन को गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती किया जाता है। जोया उसके अंतिम क्षणों में उसके पास आती है, और कुंदन उसकी बाहों में दम तोड़ देता है। यह दृश्य फिल्म का सबसे भावनात्मक हिस्सा था, जिसने दर्शकों के दिलों को छुआ।

हालांकि, रांझणा के तमिल संस्करण अंबिकापति को 2025 में दोबारा रिलीज करते समय प्रोडक्शन कंपनी इरोस इंटरनेशनल ने AI की मदद से इसका क्लाइमेक्स बदल दिया। नए संस्करण में कुंदन की मृत्यु नहीं होती। इसके बजाय, वह ICU में अपनी आंखें खोलता है और बिस्तर पर बैठ जाता है। इस दृश्य में बिंदिया (स्वरा भास्कर) और मुरारी (मोहम्मद जीशान अय्यूब) उसे जिंदा देखकर खुशी के आंसू बहाते हैं। इस हैप्पी एंडिंग ने फिल्म की मूल भावना को पूरी तरह बदल दिया, जिसे दर्शकों और फिल्म के रचनाकारों ने नापसंद किया।

3 अगस्त 2025 को Dhanush ने X पर एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने इस बदलाव पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा, “AI की मदद से बदले गए क्लाइमेक्स के साथ रांझणा की री-रिलीज ने मुझे पूरी तरह परेशान कर दिया है। इस वैकल्पिक अंत ने फिल्म की आत्मा को छीन लिया है। मेरी स्पष्ट आपत्ति के बावजूद संबंधित पक्षों ने इसे जारी रखा। यह वह फिल्म नहीं है, जिसके लिए मैंने 12 साल पहले अपना दिल और मेहनत लगाई थी।” Dhanush ने सिनेमा की सच्चाई और रचनात्मकता की रक्षा के लिए AI के दुरुपयोग पर सख्त नियम बनाने की मांग की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “सिनेमा के प्यार के लिए।”

Dhanush का कहना था कि फिल्म एक भावनात्मक अनुभव होती है, जो रचनाकारों और कलाकारों की मेहनत का नतीजा है। AI का इस्तेमाल करके कहानी में बदलाव करना न केवल कला का अपमान है, बल्कि यह सिनेमा की विरासत के लिए भी खतरा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए जाएंगे।

  • आनंद एल. राय की नाराजगी

फिल्म के डायरेक्टर आनंद एल. राय ने भी इस बदलाव को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा, “यह किसी भी डायरेक्टर के लिए बुरा सपना है। रांझणा को बिना मेरी सहमति के बदला गया और री-रिलीज किया गया। यह मेरे लिए बेहद परेशान करने वाला है।” राय ने कई साक्षात्कारों में बताया कि AI का इस्तेमाल भविष्य की तकनीक के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन अतीत की कहानियों को बदलने के लिए इसका उपयोग गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि इरोस इंटरनेशनल ने इस बदलाव से पहले उनसे कोई अनुमति नहीं ली।

राय ने एक बयान में कहा, “फिल्म सिर्फ दृश्यों या संवादों का समूह नहीं है। यह एक भावनात्मक यात्रा है, जिसे हमने दर्शकों के लिए बनाया था। AI से इसका अंत बदलना कहानी की सच्चाई के साथ छेड़छाड़ है।” उन्होंने इसे फिल्म निर्माण की मूल भावना के खिलाफ बताया और इसे एक खतरनाक मिसाल करार दिया।

प्रोडक्शन कंपनी इरोस इंटरनेशनल ने इस विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके पास रांझणा के सभी अधिकार हैं, और उन्हें फिल्म में बदलाव करने का पूरा हक है। कंपनी ने दावा किया कि AI का उपयोग एक नया प्रयोग था, जिसका उद्देश्य दर्शकों को एक नया अनुभव देना था। उन्होंने कहा, “हमने फैंस को एक हैप्पी एंडिंग देने की कोशिश की, ताकि वे कुंदन के किरदार को जिंदा देख सकें। यह नई तकनीक के साथ जुड़ने का एक तरीका था।”

हालांकि, इस दावे को न तो दर्शकों ने स्वीकार किया और न ही फिल्म के रचनाकारों ने। कई प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर इस बदलाव की आलोचना की और इसे मूल कहानी का अपमान बताया। एक X यूजर ने लिखा, “रांझणा का दुखद अंत ही उसकी ताकत था। AI से इसे बदलना कहानी को कमजोर करना है।”

रांझणा के बदले हुए क्लाइमेक्स का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कुंदन के जिंदा होने का दृश्य दिखाया गया। इसने प्रशंसकों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं पैदा कीं। कुछ दर्शकों को नया अंत पसंद आया, लेकिन ज्यादातर ने इसे मूल कहानी के साथ छेड़छाड़ बताया। एक प्रशंसक ने X पर लिखा, “कुंदन की मृत्यु रांझणा की आत्मा थी। इसे हैप्पी एंडिंग देना कहानी को बर्बाद करने जैसा है।”

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने Dhanush और आनंद एल. राय का समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा, “AI का उपयोग सिनेमा में नए प्रयोगों के लिए हो सकता है, लेकिन पुरानी क्लासिक फिल्मों को बदलना गलत है।” कुछ अन्य ने AI के बढ़ते दखल पर चिंता जताई और कहा कि यह रचनात्मकता को सीमित कर सकता है।

रांझणा 2013 में 36 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी और इसने भारत में 60 करोड़ रुपये और विश्व भर में 90 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। Dhanush, सोनम कपूर, और अभय देओल की शानदार अभिनय ने फिल्म को एक मास्टरपीस बनाया। कुंदन का किरदार, जो एकतरफा प्यार में अपनी जान तक दे देता है, दर्शकों के दिलों में बसा हुआ है। फिल्म का दुखद अंत उसकी कहानी को और भी प्रभावशाली बनाता था।

Dhanush ने इस फिल्म के लिए अपनी पूरी मेहनत लगाई थी। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि वह शुरू में इस रोल को करने से हिचक रहे थे, क्योंकि बजट की कमी के कारण प्रोजेक्ट जोखिम भरा था। हालांकि, आनंद एल. राय ने उनमें कुंदन का किरदार देखा और अपनी जेब से पैसे लगाकर फिल्म बनाई। Dhanush की यह मेहनत और फिल्म की सफलता ने उन्हें बॉलीवुड में एक बड़ा नाम दिलाया।

यह विवाद सिनेमा में AI के उपयोग पर एक बड़ी बहस को जन्म दे रहा है। एक ओर, कुछ लोग मानते हैं कि AI नई कहानियों और तकनीकी प्रयोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। दूसरी ओर, Dhanush और राय जैसे रचनाकारों का मानना है कि यह तकनीक पुरानी कहानियों की सच्चाई को नष्ट कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि AI का उपयोग रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए होना चाहिए, न कि मूल कहानियों को बदलने के लिए।

फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने कहा, “रांझणा जैसी फिल्में अपनी कहानी और भावनाओं के लिए जानी जाती हैं। AI से बदलाव करना दर्शकों के साथ धोखा है।” कई अन्य समीक्षकों ने भी इस बदलाव को गैर-जिम्मेदाराना बताया और कहा कि यह सिनेमा की मौलिकता को खतरे में डालता है।

Dhanush और आनंद एल. राय ने इस घटना को एक खतरनाक मिसाल बताया और सरकार व फिल्म इंडस्ट्री से AI के उपयोग पर सख्त नियम बनाने की मांग की। Dhanush ने कहा, “फिल्मों में AI का उपयोग कला और कलाकारों के लिए चिंताजनक है। यह कहानी कहने की अखंडता और सिनेमा की विरासत के लिए खतरा है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

फिल्म इंडस्ट्री के कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवादों से बचने के लिए प्रोडक्शन हाउस को रचनाकारों और कलाकारों की सहमति लेनी चाहिए। साथ ही, दर्शकों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि री-रिलीज में क्या बदलाव किए गए हैं।

रांझणा के AI द्वारा बदले गए क्लाइमेक्स ने सिनेमा जगत में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। Dhanush और आनंद एल. राय की नाराजगी दर्शाती है कि फिल्म की मूल भावना को बदलना न केवल रचनाकारों का अपमान है, बल्कि यह दर्शकों की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ है। रांझणा का दुखद अंत उसकी ताकत था, जिसे हैप्पी एंडिंग में बदलने से कहानी का प्रभाव कमजोर हुआ। यह घटना सिनेमा में AI के उपयोग और रचनात्मक स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल उठाती है। Dhanush की मांग कि इस तरह के बदलावों पर सख्त नियम बनाए जाएं, सही दिशा में एक कदम है। यह विवाद सिनेमा के भविष्य और तकनीक के उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा का आधार बन सकता है।

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