इंजीनियर ने प्रेमिका को रबड़ी में गर्भपात की गोलियां देकर कराया गर्भपात, जांच शुरू।
Pune Crime News; पुणे के हिंजवड़ी इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक इंजीनियर ने अपनी प्रेमिका को धोखे से रबड़ी में गर्भपात ....
Pune Crime News; पुणे के हिंजवड़ी इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक इंजीनियर ने अपनी प्रेमिका को धोखे से रबड़ी में गर्भपात की गोलियां मिलाकर उसका गर्भपात करा दिया। पीड़िता ने आरोपी पर यौन शोषण, मारपीट और जबरन गर्भपात कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और विश्वास के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर भी सवाल खड़े किए हैं। पीड़िता की शिकायत के आधार पर हिंजवड़ी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला पुणे के हिंजवड़ी इलाके का है, जो शहर का प्रमुख आईटी हब है। यहां रहने वाली 28 वर्षीय पीड़िता की मुलाकात 30 वर्षीय इंजीनियर आदर्श वाल्मीक मेश्राम से हुई थी। दोनों के बीच कुछ समय से प्रेम संबंध थे। पीड़िता का आरोप है कि आदर्श ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता गर्भवती हुई, तो आदर्श ने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने पीड़िता को रबड़ी में गर्भपात की गोलियां मिलाकर खिला दीं, जिससे उसका गर्भपात हो गया। पीड़िता ने बताया कि उसे गर्भपात के बाद गंभीर शारीरिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। उसने यह भी आरोप लगाया कि आदर्श ने उसके साथ मारपीट की और धमकी दी कि वह इस बारे में किसी को नहीं बताए।
घटना की जानकारी पीड़िता ने हिंजवड़ी पुलिस स्टेशन में 8 जुलाई 2025 को दर्ज कराई। शिकायत में उसने बताया कि आदर्श ने पहले तो उसे शादी का भरोसा दिलाया, लेकिन गर्भवती होने पर उसका व्यवहार बदल गया। उसने धोखे से रबड़ी में मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल जैसी गर्भपात की दवाएं मिलाकर दीं, जो बिना चिकित्सकीय सलाह के खतरनाक हो सकती हैं। इस घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज की, जिसमें यौन शोषण, धोखाधड़ी और जबरन गर्भपात के आरोप शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (बलात्कार), 313 (जबरन गर्भपात), 323 (मारपीट) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है।
हिंजवड़ी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी आदर्श मेश्राम को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ चल रही है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया, जिसमें गर्भपात की पुष्टि हुई। साथ ही, पुलिस उस रबड़ी के नमूने की जांच कर रही है, जिसमें कथित तौर पर गर्भपात की गोलियां मिलाई गई थीं। फॉरेंसिक जांच के लिए नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं, ताकि यह पुष्टि हो सके कि गोलियां रबड़ी में मिलाई गई थीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आदर्श ने ये दवाएं कहां से और कैसे हासिल कीं, क्योंकि ऐसी दवाएं बिना डॉक्टरी पर्चे के बेचना गैरकानूनी है।
पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं और उसके द्वारा बताए गए घटनाक्रम की पुष्टि के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। हिंजवड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक ने बताया कि यह एक संवेदनशील मामला है और जांच में गोपनीयता बरती जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरी हुआ, तो मामले को और गहराई से जांचने के लिए विशेष टीम गठित की जा सकती है।
यह मामला पुणे जैसे आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत शहर में महिलाओं की सुरक्षा और विश्वास के दुरुपयोग को उजागर करता है। हिंजवड़ी, जो आईटी पेशेवरों का केंद्र है, में ऐसी घटनाएं समाज में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह इस घटना से मानसिक और शारीरिक रूप से टूट चुकी है। उसने यह भी कहा कि आदर्श का व्यवहार शुरू में सामान्य था, लेकिन गर्भावस्था की खबर के बाद वह हिंसक और धमकाने वाला हो गया।
महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। सामाजिक कार्यकर्ता अनिता शर्मा ने कहा कि यह मामला दिखाता है कि कैसे रिश्तों में विश्वास का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। साथ ही, गर्भपात की दवाओं की बिक्री पर सख्त नियंत्रण की जरूरत पर भी जोर दिया गया, क्योंकि बिना डॉक्टरी सलाह के इनका उपयोग जानलेवा हो सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला जटिल है, क्योंकि इसमें यौन शोषण, धोखाधड़ी और गैरकानूनी गर्भपात जैसे कई पहलू शामिल हैं। भारतीय कानून के तहत, बिना सहमति के गर्भपात कराना गंभीर अपराध है, और इसके लिए सात साल तक की सजा हो सकती है। अगर फॉरेंसिक जांच में गर्भपात की गोलियों की पुष्टि होती है, तो यह आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत होगा।
हिंजवड़ी में हाल के वर्षों में अपराध की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें महिलाओं के खिलाफ अपराध भी शामिल हैं। 2024 में एक महिला आईटी पेशेवर की हत्या और 2025 में एक फर्जी डिलीवरी एजेंट द्वारा बलात्कार का मामला सुर्खियों में रहा था। ये घटनाएं शहर के इस हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हिंजवड़ी में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने और सीसीटीवी निगरानी को मजबूत करने की जरूरत है।
पीड़िता इस समय गंभीर मानसिक और शारीरिक आघात से गुजर रही है। उसे स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। सामाजिक संगठनों ने पीड़िता को काउंसलिंग और कानूनी मदद देने का वादा किया है। उसकी पहचान गोपनीय रखी जा रही है, ताकि उसकी निजता बनी रहे।
पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी। अगर फॉरेंसिक रिपोर्ट में गर्भपात की गोलियों की पुष्टि होती है, तो यह मामला और मजबूत होगा। साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आदर्श ने पहले भी इस तरह की हरकत की थी या नहीं। पीड़िता ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि उसे न्याय मिल सके।
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