Hardoi News: अवैध वसूली के भ्रष्टाचार की जांच में 90 दिन बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली।
तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी ने पूर्ति निरीक्षकों सहित चार के विरुद्ध दर्ज करवाई थी एफआइआर....
Reported by - Vijay laxmi singh
हरदोई। उचित दर विक्रेताओं को वितरण के लिए राशन उठाने से पूर्व चालान फार्म-वाउचर दिए जाने में अनियमित रूप से धनराशि वसूले जाने के मामले की जांच में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। भ्रष्टाचार के मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने के 90 दिन बीतने के बाद भी पुलिस सतही सवालों के जवाब अब तक नहीं ढूंढ सकी है।
राशन विक्रेता और पूर्ति निरीक्षक के बीच लेन देन का आडियाे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद तत्कालीन जिला पूर्ति अधिकारी कमल नयन सिंह ने एक अगस्त 2024 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में संडीला तहसील में तैनात पूर्ति निरीक्षक मोहम्मद सहलाल व पूर्ति निरीक्षक सुमित के साथ ही लवकुश एवं अमरपाल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।
मामले की जांच सीओ संडीला को दी गई थी, हालांकि जांच अधिकारी को अब तक चालान व वाउचर दिए जाने, उसके माध्यम से खाद्यान्न गोदाम से राशन लेने, बिना चालान कोटेदार को राशन मिलने अथवा न मिलने, चालान फार्म के डाउनलोड करने के तरीके एवं दोबारा डाउनलोड होने अथवा होने जैसे सतही सवालों का जवाब नहीं मिला है। विभागीय अधिकारियों ने अब तक जांच अधिकारी के इन सवालों के जवाब ही नहीं दिए हैं, जिससे जांच प्रभावित हो रही है।
इस मामले में जिला पूर्ति अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया उनकी ओर से जांच में सहयोग किया जा रहा है, अगर जांच अधिकारी को कोई जानकारी चाहिए तो उन्हे तत्काल दी जाएगी। किसी भी दशा में दोषियों को नहीं बचाया जाएगा, विवेचना अधिकारी के सभी सवालों के जवाब देकर उनकी जांच में सहयोग किया जाएगा।
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