Farrukhabad News: फर्रुखाबाद में अवैध स्विमिंग पूलों पर डीएम की सख्त नजर, बिना अनुमति और सुरक्षा के संचालन पर कार्रवाई के आदेश

फर्रुखाबाद में गर्मी के मौसम में स्विमिंग पूल मुनाफे का बड़ा जरिया बन गए हैं। निजी मकानों, स्कूल परिसरों, लॉज और फार्म हाउसों में संचालित इन पूलों में से अधिकांश के ...

May 30, 2025 - 22:55
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Farrukhabad News: फर्रुखाबाद में अवैध स्विमिंग पूलों पर डीएम की सख्त नजर, बिना अनुमति और सुरक्षा के संचालन पर कार्रवाई के आदेश

फर्रुखाबाद : गर्मी की तपिश में राहत के लिए स्विमिंग पूल का सहारा ले रहे लोगों की सुरक्षा खतरे में है। जिले में बिना सरकारी अनुमति, सुरक्षा उपायों और स्वच्छता मानकों के दर्जनों स्विमिंग पूल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने सख्त नाराजगी जताई है और तत्काल जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

फर्रुखाबाद में गर्मी के मौसम में स्विमिंग पूल मुनाफे का बड़ा जरिया बन गए हैं। निजी मकानों, स्कूल परिसरों, लॉज और फार्म हाउसों में संचालित इन पूलों में से अधिकांश के पास नगर निकाय, स्वास्थ्य विभाग या अन्य किसी विभाग से कोई अनुमति नहीं है। अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में करीब 30 स्विमिंग पूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें से केवल एक या दो ही वैध रूप से पंजीकृत हैं। शेष 26 पूल बिना लाइसेंस और सरकारी शुल्क भुगतान के चल रहे हैं, जो राजस्व हानि के साथ-साथ जन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं।

इन अवैध पूलों में बुनियादी सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है। न तो प्रशिक्षित लाइफगार्ड मौजूद हैं, न प्राथमिक उपचार किट, न जल गुणवत्ता की जांच की व्यवस्था, न अलग चेंजिंग जोन, न आपातकालीन निकास, और न ही सीसीटीवी निगरानी। इसके बावजूद, इन पूलों में बच्चों और किशोरों से भारी प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। पिछले दो वर्षों में जिले में गंगा नदी और अन्य जलाशयों में डूबने से कई बच्चों और युवाओं की मौत की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, फिर भी स्विमिंग पूल संचालकों की लापरवाही जारी है।

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जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जन शिकायतों के आधार पर इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया, “जनहित के नाम पर कोई भी अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि स्विमिंग पूलों की जांच में अनियमितता पाई जाती है, तो संचालकों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, स्विमिंग पूल संचालन के लिए नगर निकाय/नगर पालिका या जिला पंचायत से अनुमति, फायर सेफ्टी एनओसी, स्वास्थ्य विभाग से स्वच्छता प्रमाण पत्र, नियमित जल गुणवत्ता जांच, प्रशिक्षित लाइफगार्ड, आपातकालीन उपचार व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य है। लेकिन जिले में अधिकांश पूल इन मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध स्विमिंग पूलों की तत्काल जांच की जाए और उन्हें या तो बंद किया जाए या नियमों के अनुरूप संचालन की बाध्यता तय की जाए। खासकर गर्मी की छुट्टियों में बच्चों की भीड़ इन पूलों में उमड़ती है, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर निकाय और स्वास्थ्य विभाग की टीमें जल्द ही अवैध स्विमिंग पूलों की जांच शुरू करेंगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ जुर्माना, सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे पूलों का उपयोग करने से पहले उनकी वैधता और सुरक्षा व्यवस्था की जांच करें।

फर्रुखाबाद में अवैध स्विमिंग पूलों का यह खुला खेल न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जनता की जान से खिलवाड़ भी है। जिलाधिकारी द्वारा लिया गया संज्ञान इस दिशा में सकारात्मक कदम है, लेकिन इसे प्रभावी बनाने के लिए त्वरित जांच, कड़ी निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई जरूरी है। समय रहते इस लापरवाही पर अंकुश न लगा तो यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

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