Lucknow: खाद्य प्रसंस्करण से किसानो व युवाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार के ठोस प्रयास- केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने  कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे  किसानो व उद्यमियो की आमदनी बढ़ाने

By INA News Desk
Feb 12, 2026 - 18:26
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Lucknow: खाद्य प्रसंस्करण से किसानो व युवाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार के ठोस प्रयास- केशव प्रसाद मौर्य
खाद्य प्रसंस्करण से किसानो व युवाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार के ठोस प्रयास- केशव प्रसाद मौर्य
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने  कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे  किसानो व उद्यमियो की आमदनी बढ़ाने  तथा युवाओं  के लिए रोजगार की अपार सम्भावनायें है।उन्होने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियो को निर्देश दिये हैं कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत दी जा रही सुविधाओं तथा प्रदत्त व प्राविधानित अनुदान आदि के बारे मे लोग को जागरूक व प्रेरित किया जाय, ताकि अधिक से अधिक उद्यम स्थापित हो सकें। इस दिशा मे  खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा बहुत तेजी से कार्य किया जा रहा है।उन्होंने निर्देश दिये हैं कि खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानो के उत्पादो का अधिक से अधिक दाम दिलायें।विकसित भारत के निर्माण मे खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान रहेगा। उन्होने निर्देश दिये हैं कि  खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023  के तहत स्थापित यूनिटो को नियमानुसार सब्सिडी धनराशि ससमय दिलाई जाय। थर्ड पार्टी इन्स्पेक्शन रिपोर्ट भी समय से आनी चाहिए।

उप मुख्यमन्त्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनेक कार्यक्रम उद्योग क्षेत्र में सम्मिलित हैं।खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने हेतु सुनियोजित विकास के कार्यक्रम आरंभ कर उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति -2023 लागू की गई है,जो कृषकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने,रोजगार एवं मूल संवर्धन में सहायक सिद्ध हो रही है। भारत सरकार के सहयोग से खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र की इकाइयों को पूंजीगत अनुदान देकर लाभान्वित  किए जाने के कार्यक्रम भी प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत चल रहे हैं।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना हेतु 478 करोड रुपए की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित की गई है तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति- 2023 के क्रियान्वयन हेतु 300 करोड रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत उद्यमियो को ससमय सब्सिडी मिलती रहे, इस हेतु उप मुख्यमंत्री के निर्देशो के क्रम मे अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी एल मीणा द्वारा लगातार अनुश्रवण व समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत नामित थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसियों, शिक्षाविदों एवं वैज्ञानिकों के साथ एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के निवेशकों को कार्यस्थल के प्लान मैप की स्वीकृति प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अपर मुख्य सचिव बी. एल. मीणा द्वारा पंचायती राज, आवास, संबंधित विकास प्राधिकरण, नगर निगम, नगर पालिका, जिला पंचायत, यूपीसीडा तथा अन्य सक्षम प्राधिकरणों को पत्र प्रेषित कर निर्देशित किया गया है कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को स्वीकृत प्लान मैप शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अवगत कराया कि नीति के अंतर्गत अनुदान दो किश्तों में प्रदान किया जाता है, जिसमें प्रथम किश्त परियोजना लागत के 50 प्रतिशत व्यय एवं संबंधित बैंक एवं सीए प्रमाणन के उपरांत स्वीकृत की जाती है।

द्वितीय किश्त के भुगतान हेतु अग्निशमन तथा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र अनिवार्य हैं, जिनके लिए स्वीकृत प्लान मैप आवश्यक है। प्लान मैप की स्वीकृति में विलंब के कारण द्वितीय किश्त का भुगतान लंबित होता है, जिससे निवेशकों के टर्म लोन खातों पर ब्याज प्रतिपूर्ति प्रभावित होती है और इकाइयों की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस संबंध में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एडीजी फायर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसियों एवं निवेशकों को समन्वय स्थापित कर समस्या के शीघ्र समाधान हेतु उच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

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